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चार हजार से अधिक ने छोड़ी एनडीए की परीक्षा
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बरेली। रविवार को कड़ी निगरानी के बीच हुई एनडीए की परीक्षा चार हजार से ज्यादा अभ्यर्थियों ने छोड़ दी। कुछ छात्र ऐसे भी थे, जिन्होंने पहली पाली में परीक्षा दी, लेकिन दूसरी पाली की परीक्षा देने नहीं पहुंचे। इस परीक्षा के लिए शहर में 19 केंद्र बनाए गए थे।
लोक सेवा आयोग द्वारा रविवार को दो पालियों में एनडीए की परीक्षा आयोजित की गई थी। पहली पाली की परीक्षा सुबह 10 बजे से 12.30 बजे तक और दूसरी पाली की दोपहर दो बजे से साढ़े चार बजे तक हुई। शहर में बने 19 केंद्रों पर 10,858 परीक्षार्थियों को प्रतिभाग करना था। मगर चार हजार से ज्यादा ने अभ्यर्थियों ने यह परीक्षा छोड़ दी। पहली पाली में 6720 अभ्यर्थी पहुंचे, लेकिन दूसरी पाली में यह संख्या घटकर 6644 ही रह गई। प्रतिभागियों ने बताया कि पहली पारी गणित का पेपर कुछ कठिन था, लेकिन दूसरी पारी में जनरल एबिलिटी का पेपर ठीक था। शायद यही वजह रही कि पहली पाली की अपेक्षा दूसरी पाली में पेपर देने वालों की संख्या घट गई।
जमकर हुई सख्ती, उतरवाई घड़ी और लॉकेट
परीक्षा को लेकर जमकर सख्ती रही। शहर के सभी 19 केंद्रों के लिए अलग-अलग निरीक्षण अधिकारी बनाए गए थे, जो पूरे दिन केंद्र पर ही डटे रहे। तलाशी भी काफी सख्ती से ली गई। डिजिटल डिवाइस पर पूरी तरह से पाबंदी होने के साथ ही किसी को घड़ी या खुलने वाले लॉकेट आदि पहनकर भी परीक्षा केंद्र में नहीं जाने दिया गया।
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लोक सेवा आयोग द्वारा रविवार को दो पालियों में एनडीए की परीक्षा आयोजित की गई थी। पहली पाली की परीक्षा सुबह 10 बजे से 12.30 बजे तक और दूसरी पाली की दोपहर दो बजे से साढ़े चार बजे तक हुई। शहर में बने 19 केंद्रों पर 10,858 परीक्षार्थियों को प्रतिभाग करना था। मगर चार हजार से ज्यादा ने अभ्यर्थियों ने यह परीक्षा छोड़ दी। पहली पाली में 6720 अभ्यर्थी पहुंचे, लेकिन दूसरी पाली में यह संख्या घटकर 6644 ही रह गई। प्रतिभागियों ने बताया कि पहली पारी गणित का पेपर कुछ कठिन था, लेकिन दूसरी पारी में जनरल एबिलिटी का पेपर ठीक था। शायद यही वजह रही कि पहली पाली की अपेक्षा दूसरी पाली में पेपर देने वालों की संख्या घट गई।
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जमकर हुई सख्ती, उतरवाई घड़ी और लॉकेट
परीक्षा को लेकर जमकर सख्ती रही। शहर के सभी 19 केंद्रों के लिए अलग-अलग निरीक्षण अधिकारी बनाए गए थे, जो पूरे दिन केंद्र पर ही डटे रहे। तलाशी भी काफी सख्ती से ली गई। डिजिटल डिवाइस पर पूरी तरह से पाबंदी होने के साथ ही किसी को घड़ी या खुलने वाले लॉकेट आदि पहनकर भी परीक्षा केंद्र में नहीं जाने दिया गया।
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