{"_id":"5cb24324bdec2213f10df192","slug":"161555186468-bareilly-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सिर्फ नवरात्र में क्यों... हर दिन मिलना चाहिए सम्मान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सिर्फ नवरात्र में क्यों... हर दिन मिलना चाहिए सम्मान
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बरेली। नवरात्रों में कन्याओं को देवी तुल्य मानकर पूजा जाता है फिर लोग यह सब भूल जाते हैं। घरों में उनकी उपेक्षा होती है और सहमी सी कन्या अगली बार आने वाले नवरात्र के दिन मिलने वाले भरपूर सम्मान की बाट जोहने को मजबूर हो जाती है। देवी स्वरूपा कन्याओं से बात की गई तो उनका दर्द छलका..
हर दिन होना चाहिए सम्मान
क क्षा सातवीं की छात्रा अंशिका का कहना है कि नवरात्र पर उन्हें खूब प्यार मिलता है लेकिन अगले ही दिन से सब पहले जैसा हो जाता है। बढ़ती उम्र के साथ कहीं आने-जाने पर सवाल पूछे जाने लगे हैं। घर के काम में जबरन हाथ बंटाने को कहा जा रहा है और मना करने पर सब नाराज होते हैं। अंशिका क ी मनोकामना है कि उन्हें हर दिन प्यार मिले और जबरदस्ती न हो।
नवरात्र का इंतजार रहता है
कक्षा तीन की छात्रा आयुषी का कहना है कि उन्हें नवरात्र का इंतजार रहता है। क्योंकि एक दिन उन्हें पैरेंट्स के साथ ही आस-पास सभी से खूब सारा दुलार मिलता है। इसलिए वो अगली बार पड़ने वाले नवरात्र में कन्या जिमाने के दिन का इंतजार करती हैं। ताकि उन्हें गिफ्ट मिले और सहेलियों के साथ एक दिन कहीं भी आने-जाने का मौका।
विज्ञापन
बेटी-बेटों में फर्क होता है
कक्षा सातवीं की छात्रा सिमरन ने कहा कि न्यूज में जब देखती हैं कि लड़कियों के साथ दुर्व्यवहार हुआ तो वह घबरा जाती है। इस बारे में पैरेंट्स से बात की तो उन्होंने कहा, लोग अच्छे नहीं है इसलिए लड़कियों को अकेले नहीं रहना चाहिए। पूछा, लड़कों को क्यों नहीं रोकते तो उन्होंने कहा वो लड़के हैं, रोको फिर भी छिपकर भाग जाते हैं।
ऐसा ही हर दिन नहीं होता
कक्षा सातवीं की वाणी ने बेहद भोलेपन से जवाब दिया कि लड़कियों की पूजा सिर्फ नवरात्र में ही होती है। इसके बाद उनके या उनकी सहेलियों के साथ ऐसा नहीं होता। कहा, नवरात्र में कन्या देवी मानी जाती हैं लेकिन अगले दिन वह फिर लड़की हो जाती है इसलिए उनकी पूजा नहीं होती और फिर सब कुछ पहले जैसा हो जाता है। ये सम्मान रोज मिलना चाहिए।
विज्ञापन
हर दिन होना चाहिए सम्मान
क क्षा सातवीं की छात्रा अंशिका का कहना है कि नवरात्र पर उन्हें खूब प्यार मिलता है लेकिन अगले ही दिन से सब पहले जैसा हो जाता है। बढ़ती उम्र के साथ कहीं आने-जाने पर सवाल पूछे जाने लगे हैं। घर के काम में जबरन हाथ बंटाने को कहा जा रहा है और मना करने पर सब नाराज होते हैं। अंशिका क ी मनोकामना है कि उन्हें हर दिन प्यार मिले और जबरदस्ती न हो।
विज्ञापन
नवरात्र का इंतजार रहता है
कक्षा तीन की छात्रा आयुषी का कहना है कि उन्हें नवरात्र का इंतजार रहता है। क्योंकि एक दिन उन्हें पैरेंट्स के साथ ही आस-पास सभी से खूब सारा दुलार मिलता है। इसलिए वो अगली बार पड़ने वाले नवरात्र में कन्या जिमाने के दिन का इंतजार करती हैं। ताकि उन्हें गिफ्ट मिले और सहेलियों के साथ एक दिन कहीं भी आने-जाने का मौका।
विज्ञापन
बेटी-बेटों में फर्क होता है
कक्षा सातवीं की छात्रा सिमरन ने कहा कि न्यूज में जब देखती हैं कि लड़कियों के साथ दुर्व्यवहार हुआ तो वह घबरा जाती है। इस बारे में पैरेंट्स से बात की तो उन्होंने कहा, लोग अच्छे नहीं है इसलिए लड़कियों को अकेले नहीं रहना चाहिए। पूछा, लड़कों को क्यों नहीं रोकते तो उन्होंने कहा वो लड़के हैं, रोको फिर भी छिपकर भाग जाते हैं।
ऐसा ही हर दिन नहीं होता
कक्षा सातवीं की वाणी ने बेहद भोलेपन से जवाब दिया कि लड़कियों की पूजा सिर्फ नवरात्र में ही होती है। इसके बाद उनके या उनकी सहेलियों के साथ ऐसा नहीं होता। कहा, नवरात्र में कन्या देवी मानी जाती हैं लेकिन अगले दिन वह फिर लड़की हो जाती है इसलिए उनकी पूजा नहीं होती और फिर सब कुछ पहले जैसा हो जाता है। ये सम्मान रोज मिलना चाहिए।