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बरेली कॉलेज की विवादित समिति की बैठक आज
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बरेली। बरेली कॉलेज की विवादित मैनेजमेंट कमेटी की बैठक शुक्रवार को बरेली कॉलेज सेमीनार कक्ष में होगी। नियमानुसार समिति के अध्यक्ष के तौर पर डीएम को भी बुलाया गया है। बताया जाता है कि देर शाम तक डीएम ने बैठक के बाबत कोई सहमति नहीं दी है। उधर, बैठक के बाबत अस्थायी कर्मचारियों ने चेतावनी जारी की है। इन हालात में मीटिंग को लेकर जोरदार हंगामे के आसार हैं।
बैठक के जारी हुए एजेंडे में करीब 15 से ज्यादा बिंदु निर्धारित किए गए हैं। इसमें भवन समिति की संस्तुतियों के आवेदन, प्रबंध समिति के पिछले वर्षों में लिए गए निर्णय के अनुपालन आख्या, वित्त समिति की संस्तुतियों के अनुमोदन, प्रबंध समिति द्वारा सचिव द्वारा कॉलेज के विभिन्न कार्यों के लिए दी गई स्वीकृतियों का अनुमोदन, क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी की जांच और मुकदमे की संस्तुति, आपत्तियों पर विचार समेत अन्य बिंदु विचार के लिए रखे गए हैं। जिस पर समिति का निर्णय होगा। उधर, विवि ने बैठक को अवैध बताया है। साथ की, कर्मचारी कल्याण सेवा समिति के अध्यक्ष जितेंद्र मिश्रा के नेतृत्व में गुरुवार को अस्थायी कर्मियों की मीटिंग में देवमूर्ति को घोटालों का आरोपी बताते हुए हटाने की मांग की। कहा कि बरेली कॉलेज में हुए सारे घपलों और घोटालों को वैध करार देने के लिए यह मीटिंग हो रही है। जिसके बाबत वह शुक्रवार को कमिश्नर से मिलेंगे। ताकि शाम चार बजे होने वाली बैठक को स्थगित कराया जा सके।
डीएम की सहमति के बगैर हो रही बैठक
बताया जाता है कि विवादित मैनेजमेंट कमेटी की बैठक को बिना डीएम की सहमति के बुलाया गया है। विवि ने मीटिंग बुलाने को गलत करार दिया है। एक ओर जहां सचिव डीएम की अनुमति के बिना भी बैठक पर अड़े हैं तो दूसरी ओर पर्यवेक्षक ने भी इस बैठक पर सवालिया निशान लगाया है। उनके अनुसार मैनेजमेंट की बैठक अध्यक्ष की अनुमति के बिना बुलाया जाना गलत है। इस हरकत से कॉलेज की संबद्धता पर भी विवि विचार कर सकता है।
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‘यह आम बैठक है जिसे सचिव बुलाता है। बैठक में कई छोटे व बड़े मामलों को विचार के लिए रखा जाएगा। बैठक में सभी पदाधिकारियों और सदस्यों को बुलाया गया है। विवि ने ही कोर्ट में कमेटी के भंग नहीं होने की बात कही है।’ - देवमूर्ति, सचिव मैनेजमेंट कमेटी
डीएम ने बैठक पर सहमति नहीं जताई है, इसलिए यह बैठक अवैध मानी जाएगी। मैनेजमेंट कमेटी 2015 से अवैध कार्य कर रही है। ऐसे में विवि बरेली कॉलेज की संबद्धता पर नियमानुसार विचार कर सकता है। - प्रो. एके जेटली, पर्यवेक्षक, बरेली कॉलेज मैनेजमेंट कमेटी चुनाव
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बैठक के जारी हुए एजेंडे में करीब 15 से ज्यादा बिंदु निर्धारित किए गए हैं। इसमें भवन समिति की संस्तुतियों के आवेदन, प्रबंध समिति के पिछले वर्षों में लिए गए निर्णय के अनुपालन आख्या, वित्त समिति की संस्तुतियों के अनुमोदन, प्रबंध समिति द्वारा सचिव द्वारा कॉलेज के विभिन्न कार्यों के लिए दी गई स्वीकृतियों का अनुमोदन, क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी की जांच और मुकदमे की संस्तुति, आपत्तियों पर विचार समेत अन्य बिंदु विचार के लिए रखे गए हैं। जिस पर समिति का निर्णय होगा। उधर, विवि ने बैठक को अवैध बताया है। साथ की, कर्मचारी कल्याण सेवा समिति के अध्यक्ष जितेंद्र मिश्रा के नेतृत्व में गुरुवार को अस्थायी कर्मियों की मीटिंग में देवमूर्ति को घोटालों का आरोपी बताते हुए हटाने की मांग की। कहा कि बरेली कॉलेज में हुए सारे घपलों और घोटालों को वैध करार देने के लिए यह मीटिंग हो रही है। जिसके बाबत वह शुक्रवार को कमिश्नर से मिलेंगे। ताकि शाम चार बजे होने वाली बैठक को स्थगित कराया जा सके।
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डीएम की सहमति के बगैर हो रही बैठक
बताया जाता है कि विवादित मैनेजमेंट कमेटी की बैठक को बिना डीएम की सहमति के बुलाया गया है। विवि ने मीटिंग बुलाने को गलत करार दिया है। एक ओर जहां सचिव डीएम की अनुमति के बिना भी बैठक पर अड़े हैं तो दूसरी ओर पर्यवेक्षक ने भी इस बैठक पर सवालिया निशान लगाया है। उनके अनुसार मैनेजमेंट की बैठक अध्यक्ष की अनुमति के बिना बुलाया जाना गलत है। इस हरकत से कॉलेज की संबद्धता पर भी विवि विचार कर सकता है।
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‘यह आम बैठक है जिसे सचिव बुलाता है। बैठक में कई छोटे व बड़े मामलों को विचार के लिए रखा जाएगा। बैठक में सभी पदाधिकारियों और सदस्यों को बुलाया गया है। विवि ने ही कोर्ट में कमेटी के भंग नहीं होने की बात कही है।’ - देवमूर्ति, सचिव मैनेजमेंट कमेटी
डीएम ने बैठक पर सहमति नहीं जताई है, इसलिए यह बैठक अवैध मानी जाएगी। मैनेजमेंट कमेटी 2015 से अवैध कार्य कर रही है। ऐसे में विवि बरेली कॉलेज की संबद्धता पर नियमानुसार विचार कर सकता है। - प्रो. एके जेटली, पर्यवेक्षक, बरेली कॉलेज मैनेजमेंट कमेटी चुनाव