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चंदे का मामला फंसा तो पर्चियों का हिसाब शुरू
Updated Wed, 14 Mar 2018 12:40 AM IST
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चंदे का मामला फंसा तो
पर्चियों का हिसाब शुरू
ब्यूरो
बरेली। मंडलीय खेल प्रतियोगिता कराने के नाम पर स्कूलों से की गई चंदे की रकम को सार्वजनिक करने का मामला फंसा तो बीएसए कार्यालय में पर्चियों का हिसाब शुरू हो गया है। जनवरी में हुई इस प्रतियोगिता में खर्च का रिकार्ड तैयार करने के लिए अब पर्चियां जुटाई जा रही है।
बेसिक शिक्षा विभाग ने 29 से 31 जनवरी के बीच मंडलीय खेल प्रतियोगिताएं कराईं थी। इस आयोजन के नाम पर करीब तीन हजार परिषदीय स्कूलों से दो-दो सौ रुपये चंदा वसूला गया था। इसे लेकर उत्तर प्रदेश जूनियर हाईस्कूल (पूर्व माध्यमिक) शिक्षक संघ ने बीएसए चंदना राम इकबाल यादव से मिलकर आपत्ति जताई थी कि प्रतियोगिता खर्च का ब्योरा सार्वजनिक क्यों नहीं किया जा रहा? यह मामला गर्माया तो आननफानन बीएसए कार्यालय प्रतियोगिता के खर्च का रिकार्ड तैयार करने में जुट गया। करीब डेढ़ माह बाद अब खर्च की पर्चियां मांगी गई हैं।
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चंदे का मामला फंसा तो
पर्चियों का हिसाब शुरू
ब्यूरो
बरेली। मंडलीय खेल प्रतियोगिता कराने के नाम पर स्कूलों से की गई चंदे की रकम को सार्वजनिक करने का मामला फंसा तो बीएसए कार्यालय में पर्चियों का हिसाब शुरू हो गया है। जनवरी में हुई इस प्रतियोगिता में खर्च का रिकार्ड तैयार करने के लिए अब पर्चियां जुटाई जा रही है।
बेसिक शिक्षा विभाग ने 29 से 31 जनवरी के बीच मंडलीय खेल प्रतियोगिताएं कराईं थी। इस आयोजन के नाम पर करीब तीन हजार परिषदीय स्कूलों से दो-दो सौ रुपये चंदा वसूला गया था। इसे लेकर उत्तर प्रदेश जूनियर हाईस्कूल (पूर्व माध्यमिक) शिक्षक संघ ने बीएसए चंदना राम इकबाल यादव से मिलकर आपत्ति जताई थी कि प्रतियोगिता खर्च का ब्योरा सार्वजनिक क्यों नहीं किया जा रहा? यह मामला गर्माया तो आननफानन बीएसए कार्यालय प्रतियोगिता के खर्च का रिकार्ड तैयार करने में जुट गया। करीब डेढ़ माह बाद अब खर्च की पर्चियां मांगी गई हैं।
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