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निगम नामा- पोर्टेबल शॉप का ‘जिन्न’ फिर बाहर

Wed, 19 Jun 2019 02:29 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Wed, 19 Jun 2019 02:29 AM IST
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निगम नामा- पोर्टेबल शॉप का ‘जिन्न’ फिर बाहर
बरेली। पोर्टेबल शॉप प्रकरण का जिन्न फिर बाहर आ गया है। इस मामले में सिटी मजिस्ट्रेट की जांच पर व्यापार मंडल की ओर से सवाल उठाए जाने के बाद अब डीएम ने एडीएम सिटी को जांच का आदेश दिया है। एडीएम सिटी ने इसके बाद बुधवार को बयान दर्ज कराने के लिए तीन व्यापारी नेताओं को साक्ष्यों के साथ तलब किया है। इससे पहले सिटी मजिस्ट्रेट ने इस मामले में जांच की थी और उन्हीं की रिपोर्ट के आधार पर व्यापारी नेता दर्शन लाल भाटिया और पार्षद विनोद सैनी पर एफआईआर दर्ज कराई गई थी।
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इंदिरा मार्केट में पोर्टेबल शॉप प्रकरण की सिटी मजिस्ट्रेट संजय कुमार की जांच में नियम विरुद्ध रखवाने शॉप और आवंटन के लिए वेंडरों से एक-एक लाख की वसूली की बात सामने आई थी। इसी रिपोर्ट के आधार पर नगर आयुक्त सैमुअल पॉल एन के आदेश पर पार्षद विनोद सैनी और व्यापारी नेता दर्शनलाल भाटिया के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। तीन जून को व्यापार मंडल ने डीएम से मिलकर सिटी मजिस्ट्रेट की जांच रिपोर्ट को गलत बताया था। व्यापार मंडल पदाधिकारियों ने दावा किया था कि उनके संगठन के मंडल अध्यक्ष दर्शनलाल भाटिया का इस प्रकरण से कोई वास्ता नहीं है। डूडा के सत्यापन के बाद ही वेंडरों की लिस्ट बनी थी। नगर निगम ने पोर्टेबल शॉप को किसी ठेकेदार से बनवाकर आवंटित की थीं। नगर विकास मंत्री सुरेश खन्ना ने इसका उद्घाटन किया था। फिर भी दर्शनलाल पर रिपोर्ट दर्ज करा दी गई है। व्यापार मंडल के आग्रह पर डीएम ने एडीएम सिटी को दोबारा जांच कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं। एडीएम सिटी महेंद्र कुमार ने व्यापार मंडल के प्रांतीय महामंत्री व महानगर अध्यक्ष राजेंद्र गुप्ता, प्रांतीय संयुक्त महामंत्री संजीव चांदना और महानगर महामंत्री राजेश जसोरिया को बयान देने के लिए बुधवार को बुलाया है।
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सिटी मजिस्ट्रेट-डूडा के पीओ को भी नोटिस
पोर्टेबल शॉप आवंटन के लिए डूडा ने वेंडरों का चयन किया था। एडीएम सिटी ने फेरा नीति संबंधित पत्रावली, संस्था की बायोमेट्रिक सर्वे रिपोर्ट की पत्रावली और पोर्टेबल शॉप संबंधी रिकार्ड तीन दिन के अंदर देने का नोटिस दिया है। सिटी मजिस्ट्रेट संजय कुमार से इस मामले से संबंधित संपूर्ण रिपोर्ट उपलब्ध कराने के आदेश दिए गए हैं। सिटी मजिस्ट्रेट का कहना है कि जांच संबंधित पत्रावली एडीएम सिटी को दे दी गई हैं।
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पुलिस ने सिटी मजिस्ट्रेट कोर्ट में नहीं दी रिपोर्ट
पोर्टेबल शॉप प्रकरण की सुनवाई सिटी मजिस्ट्रेट कोर्ट में भी चल रही है। सिटी मजिस्ट्रेट ने इसके लिए कोतवाली पुलिस से इंदिरा मार्केट में अतिक्रमण संबंधी रिपोर्ट मांगी है। सिटी मजिस्ट्रेट का कहना है कि चुनावी व्यस्तता के बीच यह कार्रवाई हुई थी, इसलिए ज्यादा ध्यान नहीं दे पाए थे। पुलिस को आख्या देने के लिए फिर से लिखा जाएगा।

इस मामले की जांच शुरू करने के बाद सभी पक्षों को बुलाया जा रहा है। फिर से बयान लेने के बाद पत्रावली को नए सिरे से चेक किया जा रहा है। जल्द ही डीएम को रिपोर्ट सौंपी जाएगी। - महेंद्र कुमार, एडीएम सिटी

पटरी पर लौटने लगा निगम, शिकायतों पर सुनवाई शुरू
बरेली। कई दिन घमासान के बाद नगर आयुक्त सैमुअल पॉल एन अपने दफ्तर में बैठे तो मंगलवार को नगर निगम भी पटरी पर लौटता नजर आया। नगर आयुक्त के कार्यालय के बाहर शिकायतकर्ताआें की लाइन लगी रही। नगर निगम की टीमें भी सुबह से ही शहर में दौड़ती नजर आईं। दोपहर तक कार्यालय में बैठने के बाद नगर आयुक्त भी नाला सफाई का हाल देखने निकले।
डेलापीर तालाब के पास बने डलावघर में कई दिन से कूड़ा सुलग रहा था। लोग उसके जहरीले धुआं से परेशान थे। मंगलवार सुबह ही नगर निगम की टीम डेलापीर पहुंच गई और कूड़े की सफाई कराई तो लोगों को राहत मिल गई। मंगलवार को नगर निगम की टीम ने श्यामगंज से सेटेलाइट की ओर जाने वाले नाले की भी सफाई की। नगर आयुक्त भी निरीक्षण करने पहुंचे और नाले से कब्जा हटवाकर सफाई कराई। उनके साथ पर्यावरण अभियंता संजीव प्रधान, प्रभारी मुख्य कर निर्धारण अधिकारी ललतेश सक्सेना आदि मौजूद रहे।

साहब मकान कब मिलेंगे..
बाकरगंज में प्लांट लगाने के लिए डलावघर पर बने जिन लोगों के मकान तोड़े गए थे, मंगलवार वे भी निगम पहुंचे। बताया कि मकान तोड़ने के दौरान उन्हें दूसरी जगह आवास देने का वादा किया गया था लेकिन अब तक कुछ नहीं हुआ है। वे लोग झोपड़ी में रहने को मजबूर हैं। अब बरसात में उनके लिए मुसीबत हो जाएगी। शिकायत करने वालों में इसरार हुसैन, भोली, समशुल निशा, सबीना, अफसाना आदि शामिल रहीं।

पुलिया बने तो खत्म हो जलभराव
रहपुरा चौधरी में बसंत विहार कॉलोनी के लोग जलभराव की समस्या को लेकर पहुंचे। इन लोगों ने बताया कि कुछ महीने पूर्व राजाराम के मकान से भुट्टो खान के मकान तक रोड और नाली बनाई गई थी। मगर बीच में एक पुलिया का निर्माण छोड़ दिया गया। इसके चलते वहां जलभराव हो रहा है। शिकायत करने वालों में हिमांशु गंगवार, दिव्या गंगवार, सौरभ, जयदेव प्रसाद आदि शामिल रहे।

सड़क न बनने से भर रहा पानी
पटेल विहार कॉलोनी के लोग सड़क और नाली निर्माण की मांग को लेकर पहुंचे। लोगों ने नगर आयुक्त को दी शिकायत में कहा है कि हरिनारायण के मकान से मुरारी लाल शर्मा के मकान तक सड़क और नाली न बनने से जलभराव हो रहा है। अभी से हालात खराब हैं, आगे बरसात में उनकी दिक्कत और ज्यादा बढ़ जाएगी। ज्ञापन देने वालों में अनूप कुमार सिंह, अनिल सिंह, ओमकार मिश्रा, मंजू देवी, सुरेंद्र आदि मौजूद रहीं।

मंत्री जी ने कहा है.. दो-चार दिन में सब ‘ठीक’ कर देंगे
बरेली। भाजपा पार्षदों के इस्तीफे के बाद मेयर उमेश गौतम ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्रनाथ पांडेय से फोन पर बात करने के साथ नगर विकास मंत्री सुरेश खन्ना से भी मुलाकात की। मेयर का कहना है कि दोनों ही नेताओं से दो-चार दिन में सबकुछ ठीक कर दिए जाने का आश्वासन मिला है।
पार्षद विनोद सैनी पर रिपोर्ट दर्ज कराने को लेकर नगर निगम में एक जून से घमासान चल रहा था। प्रदर्शन कर रहे पार्षद नगर आयुक्त को निगम में बैठने नहीं दे रहे थे। प्रशासन ने सोमवार को कड़ी सुरक्षा में नगर आयुक्त को कार्यालय में बैठाया। पार्षदों पर तीन रिपोर्ट भी दर्ज करा दी गईं। इसके बाद 39 भाजपा पार्षदों ने प्रदेश अध्यक्ष के नाम सामूहिक इस्तीफा मेयर और महानगर अध्यक्ष को सौंप दिया। मंगलवार को मेयर उमेश गौतम ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्रनाथ पांडेय से फोन पर बात की और फिर लखनऊ में नगर विकास मंत्री सुरेश खन्ना से मिले। मेयर ने बताया कि दोनों ही लोगों ने कहा है कि इस्तीफे का कोई मतलब नहीं है। दो-चार दिन में सब ठीक करा दिया जाएगा। साथ ही नगर निगम का विवाद खत्म कराने की बात कही है।

मेयर को संबोधित इस्तीफा वायरल
मंगलवार को व्हाट्सएप पर भाजपा पार्षदों का एक अन्य इस्तीफा वायरल हुआ जो मेयर को संबोधित था। इसको लेकर पार्षदों के बीच काफी सरगर्मियां रहीं क्योंकि मेयर को संबोधित इस्तीफा उनके हाथ में जाते ही स्वीकार माना जाता है। मगर मेयर ने यह इस्तीफा मिलने से इनकार कर दिया। उनका कहना है कि इसमें कोई फर्जीवाड़ा किया गया है, पार्षदों ने जो इस्तीफा उन्हें दिया है, वह प्रदेश अध्यक्ष को संबोधित है।


भाजपा में फेसबुक पर घमासान
नगर निगम प्रकरण को लेकर फेसबुक पर ही घमासान मचा है। कुछ भाजपा नेता ही मेयर और पार्षदों के विरोध मजाक उड़ाने वाले कमेंट कर रहे हैं। इसको लेकर भाजपा के महानगर अध्यक्ष डॉ. केएम अरोरा तक भी शिकायत पहुंची है। उनका कहना है कि इन लोगों पर कार्रवाई की जाएगी।
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