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हाईटेंशन लाइन से टकराई बंदर की पूंछ... धमाका
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बरेली। जंक्शन पर रविवार दोपहर हाईटेंशन लाइन में बंदर की पूंछ टकराने से इतनी जोर का धमाका हुआ कि अफरा-तफरी मच गई। बम फटने की आशंका में त्रिवेणी एक्सप्रेस में बैठे यात्री कोच से उतरकर भागने लगे। वहीं बंदर की मौत के बाद सैकड़ों बंदर ट्रैक पर इकट्ठा हो गए। डर की वजह से यात्रियों ने कोच के दरवाजे बंद कर लिए।
जंक्शन पर दोपहर 12 बजे त्रिवेणी एक्सप्रेस छूटने को तैयार थी। इसी बीच एक बंदर हाईटेंशन लाइन के तार पर बैठ गया। अचानक उसकी पूंछ हाईटेंशन लाइन के दूसरे तार से टकरा गई। टच होते ही जोर का धमाका हुआ। बंदर की तो मौके पर मौत हो गई, लेकिन धमाके से यात्रियों में दहशत फैल गई। ट्रेन में बैठे यात्री किसी आतंकवादी घटना होने की आशंका से कोच से उतरकर बाहर की ओर भागने लगे। प्लेटफार्म पर यात्री बचने की जगह देखने लगे। आरपीएफ और जीआरपी भी अलर्ट हो गई। इधर धमाके के बाद बंदर का शव पटरियों पर आकर गिरा। जिसे देखकर सैकड़ों बंदर पटरियों पर जमा हो गए। इतने सारे बंदर देख त्रिवेणी एक्सप्रेस के यात्रियों ने कोच के दरवाजे बंद कर लिए। प्लेटफार्म दो पर भी वेंडरों ने स्टाल बंद कर दिए। अन्य यात्री बचाव के लिए इधर उधर छिपने की जगह तलाशने लगे। दस मिनट बाद त्रिवेणी एक्सप्रेस के जाने के बाद सफाई कर्मियों ने किसी तरह से बंदरों को हटाया। उन्होंने बंदर के शव को सुभाषनगर साइड की सुनसान जगह पर दफना दिया। बता दें कि जंक्शन पर अक्सर बंदर उत्पात मचाते हैं। खाने की चीजें हाथ तक से छीनकर ले जाते हैं। रेलवे ने अभी तक बंदरों को पकड़ने का कोई इंतजाम नहीं किया है।
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जंक्शन पर दोपहर 12 बजे त्रिवेणी एक्सप्रेस छूटने को तैयार थी। इसी बीच एक बंदर हाईटेंशन लाइन के तार पर बैठ गया। अचानक उसकी पूंछ हाईटेंशन लाइन के दूसरे तार से टकरा गई। टच होते ही जोर का धमाका हुआ। बंदर की तो मौके पर मौत हो गई, लेकिन धमाके से यात्रियों में दहशत फैल गई। ट्रेन में बैठे यात्री किसी आतंकवादी घटना होने की आशंका से कोच से उतरकर बाहर की ओर भागने लगे। प्लेटफार्म पर यात्री बचने की जगह देखने लगे। आरपीएफ और जीआरपी भी अलर्ट हो गई। इधर धमाके के बाद बंदर का शव पटरियों पर आकर गिरा। जिसे देखकर सैकड़ों बंदर पटरियों पर जमा हो गए। इतने सारे बंदर देख त्रिवेणी एक्सप्रेस के यात्रियों ने कोच के दरवाजे बंद कर लिए। प्लेटफार्म दो पर भी वेंडरों ने स्टाल बंद कर दिए। अन्य यात्री बचाव के लिए इधर उधर छिपने की जगह तलाशने लगे। दस मिनट बाद त्रिवेणी एक्सप्रेस के जाने के बाद सफाई कर्मियों ने किसी तरह से बंदरों को हटाया। उन्होंने बंदर के शव को सुभाषनगर साइड की सुनसान जगह पर दफना दिया। बता दें कि जंक्शन पर अक्सर बंदर उत्पात मचाते हैं। खाने की चीजें हाथ तक से छीनकर ले जाते हैं। रेलवे ने अभी तक बंदरों को पकड़ने का कोई इंतजाम नहीं किया है।
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