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युवक को पीट-पीटकर मार देने के जुर्म में दो को उम्रकैद
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बरेली। फतेहगंज पश्चिमी के गांव सहसा में एक युवक की घर में घुसकर पीट-पीटकर हत्या कर देने के दो आरोपियों को दोषी करार देते हुए अदालत ने उन्हें उम्रकैद की सजा सुनाई है।
सहसा में रहने वाले नन्हेराम ने 28 दिसंबर 2000 को रिपोर्ट लिखाई थी कि 27 दिसंबर की शाम उसके भाई महेंद्रपाल की गांव के ही राजकुमार से मारपीट हो गई थी। उसी दिन रात पौने आठ बजे गांव के ही दीनदयाल, उसके जमुना प्रसाद और लालता के साथ नन्हेलाल लाठी-डंडे और तबल लेकर घर में घुस आए और महेंद्रपाल को मारते-पीटते हुए साथ ले जाने लगे। वह और उनके पिता पूसेराम उसे बचाने दौड़े तो दीनदयाल ने उसके पिता के सिर में डंडा मार दिया। दीनदयाल के घर के सामने ले जाकर अभियुक्तों ने महेंद्रपाल को पीट-पीटकर मार डाला। गांव के लोगों के सामने अभियुक्त उसके पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी देते हुए भाग गए। अदालत में आरोप पत्र दाखिल होने के बाद सुनवाई शुरू होने के बाद दीनदयाल की मौत हो गई। लालता प्र्रसाद गैरहाजिर हो गया तो उसकी फाइल अलग कर दी गई। जमुना प्रसाद और नन्हे पर मुकदमा चला। अपर सत्र न्यायाधीश सुनील कुमार यादव ने दोनों को उम्रकैद की सजा सुनाने के साथ उन पर जुर्माना भी लगाया है।
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सहसा में रहने वाले नन्हेराम ने 28 दिसंबर 2000 को रिपोर्ट लिखाई थी कि 27 दिसंबर की शाम उसके भाई महेंद्रपाल की गांव के ही राजकुमार से मारपीट हो गई थी। उसी दिन रात पौने आठ बजे गांव के ही दीनदयाल, उसके जमुना प्रसाद और लालता के साथ नन्हेलाल लाठी-डंडे और तबल लेकर घर में घुस आए और महेंद्रपाल को मारते-पीटते हुए साथ ले जाने लगे। वह और उनके पिता पूसेराम उसे बचाने दौड़े तो दीनदयाल ने उसके पिता के सिर में डंडा मार दिया। दीनदयाल के घर के सामने ले जाकर अभियुक्तों ने महेंद्रपाल को पीट-पीटकर मार डाला। गांव के लोगों के सामने अभियुक्त उसके पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी देते हुए भाग गए। अदालत में आरोप पत्र दाखिल होने के बाद सुनवाई शुरू होने के बाद दीनदयाल की मौत हो गई। लालता प्र्रसाद गैरहाजिर हो गया तो उसकी फाइल अलग कर दी गई। जमुना प्रसाद और नन्हे पर मुकदमा चला। अपर सत्र न्यायाधीश सुनील कुमार यादव ने दोनों को उम्रकैद की सजा सुनाने के साथ उन पर जुर्माना भी लगाया है।
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