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मकान में सो रही बालिका को उठाकर ले जाने के बाद दरिंदगी
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उसावां (बदायूं)। घर में सो रही बालिका को सोमवार रात कोई अज्ञात व्यक्ति उठाकर थोड़ी ही दूरी पर खाली पड़ी में झोंपड़ी में ले गया और उसके हाथ-पैर बांधकर दुष्कर्म किया। करीब डेढ़ घंटे बाद बालिका बालिका बदहवास और अर्द्घनग्न हालत में घर लौटी। पुलिस को सूचना देकर परिवार वालों ने बालिका को गंभीर हालत में महिला अस्पताल में भर्ती कराया।
यह वाक्या एक गांव में रात करीब साढ़े 11 बजे हुआ। उस वक्त लगभग 11 वर्षीय बालिका अपने घर में सो रही थी। कुछ दूरी पर उसकी 65 वर्षीय दादी और बड़े चाचा सो रहे थे, जबकि छोटे चाचा छत पर सो रहे थे। बालिका के मां-बाप अन्य चार बच्चों के साथ दिल्ली में रहते हैं। रात में आया कोई अज्ञात व्यक्ति बालिका को उठा ले गया। घर के पीछे करीब तीन सौ मीटर दूर एक झोंपड़ी बालिका को ले जाकर उसके दुपट्टे से हाथ-पैर बांध दिए। उसके बाद बालिका के साथ दुष्कर्म किया। फिर उसे छोड़कर भाग गया। करीब डेढ़ घंटे बाद बालिका किसी तरह अर्द्घनग्न और बदहवास हालत में घर लौटी। परिवार वालों को जगाया तो वे उसे देखकर दंग रह गए। इसके बाद उसे अस्पताल ले जाया गया। मेडिकल रिपोर्ट में चेहरे और प्राइवेट पार्ट पर चोटें बताई गई हैं। पुलिस ने दादी की तहरीर पर अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है। आरोपी का कुछ पता नहीं चला है।
आग से जलने के बाद खुला पड़ा था मकान ...और उठा ले गया दरिंदा
दरिंदगी की शिकार हुई 11 साल की बालिका जहां सोई थी, वह खुला मकान था। मकान में करीब पंद्रह दिन पहले आग लग गई थी। इसके बाद गरीबी से जूझते इस परिवार को अंदर सोने की जगह नहीं बची थी। मजबूरी में ही परिवार के सभी लोग बाहर ही सोते थे। बस इसी का दरिंदे ने फायदा उठाया और बालिका को उठाकर ले जाने के बाद उसके साथ दरिंदगी कर डाली।
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दिल्ली में रह रहे मां-बाप वहां मजदूरी करते हैं। एक बेटी को उन्होंने गांव में ही पैतृक घर पर छोड़ रखा था, चार बच्चें दिल्ली में साथ में ही रहते हैं। अपने भाई-बहन और मां-बाप से दूर रह रही बालिका के सामने अब सबसे बड़ा संकट उसे नई जिंदगी जीने का ही होगा। बालिका इतना डर गई है कि जब वह दरिंदगी के बाद घर लौटी तो कुछ बोल तक नहीं पा रही थी। कपड़े फटे होने से लगता है कि उसने बचने की कोशिश की तब उसे पीटा भी गया। अस्पताल में अभी उसकी हालत गंभीर बनी हुई है।
पुलिस भी इस घटना की भयावहता को समझ रही है। इसलिए जल्द से जल्द खुलासे करके दरिंदे का चेहरा सामने लाने की कोशिश में जुट गई है। मंगलवार सुबह दातागंज सीओ एसके सिंह व विधि विज्ञान प्रयोगशाला की टीम भी मौके पर पहुंची। टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण कर कुछ साक्ष्य जुटाए हैं। सीओ ने मामले के संबंध में परिजनों से जानकारी ली। जिस झोंपड़ी में घटना हुई, उसके बारे में पता चला कि कई लोगों ने ऐसी झोंपड़ी बना रखी है, जिनमें कोई रहता नहीं है। दूसरे कामों के लिए इनका इस्तेमाल करते हैं।
नशा सुंघाने की भी आशंका
दादी और चाचा से कुछ दूर सो रही बालिका को चुपचाप उठा ले जाने पर परिवार वाले भी हैरान हैं। वह भी समझ नहीं पा रहे हैं कि आखिर बालिका ने उठाने के दौरान ही शोर क्यों नहीं मचाया। वहीं परिवार वाले आशंका जता रहे हैं कि बालिका को शायद कोई नशीला पाउडर या दवा सुंघाकर ले जाया गया था, या फिर उसका मुंह दबा दिया गया, जिससे वह कुछ बोल नहीं पाई।
बालिका ने अभी किसी का नाम नहीं बताया है और न ही परिवार वाले बता रहे हैं। उनकी तहरीर पर अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। आरोपी को तलाश किया जा रहा है लेकिन अभी उसका पता नहीं चला है। -राजीव कुमार, एसओ उसावां
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यह वाक्या एक गांव में रात करीब साढ़े 11 बजे हुआ। उस वक्त लगभग 11 वर्षीय बालिका अपने घर में सो रही थी। कुछ दूरी पर उसकी 65 वर्षीय दादी और बड़े चाचा सो रहे थे, जबकि छोटे चाचा छत पर सो रहे थे। बालिका के मां-बाप अन्य चार बच्चों के साथ दिल्ली में रहते हैं। रात में आया कोई अज्ञात व्यक्ति बालिका को उठा ले गया। घर के पीछे करीब तीन सौ मीटर दूर एक झोंपड़ी बालिका को ले जाकर उसके दुपट्टे से हाथ-पैर बांध दिए। उसके बाद बालिका के साथ दुष्कर्म किया। फिर उसे छोड़कर भाग गया। करीब डेढ़ घंटे बाद बालिका किसी तरह अर्द्घनग्न और बदहवास हालत में घर लौटी। परिवार वालों को जगाया तो वे उसे देखकर दंग रह गए। इसके बाद उसे अस्पताल ले जाया गया। मेडिकल रिपोर्ट में चेहरे और प्राइवेट पार्ट पर चोटें बताई गई हैं। पुलिस ने दादी की तहरीर पर अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है। आरोपी का कुछ पता नहीं चला है।
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आग से जलने के बाद खुला पड़ा था मकान ...और उठा ले गया दरिंदा
दरिंदगी की शिकार हुई 11 साल की बालिका जहां सोई थी, वह खुला मकान था। मकान में करीब पंद्रह दिन पहले आग लग गई थी। इसके बाद गरीबी से जूझते इस परिवार को अंदर सोने की जगह नहीं बची थी। मजबूरी में ही परिवार के सभी लोग बाहर ही सोते थे। बस इसी का दरिंदे ने फायदा उठाया और बालिका को उठाकर ले जाने के बाद उसके साथ दरिंदगी कर डाली।
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दिल्ली में रह रहे मां-बाप वहां मजदूरी करते हैं। एक बेटी को उन्होंने गांव में ही पैतृक घर पर छोड़ रखा था, चार बच्चें दिल्ली में साथ में ही रहते हैं। अपने भाई-बहन और मां-बाप से दूर रह रही बालिका के सामने अब सबसे बड़ा संकट उसे नई जिंदगी जीने का ही होगा। बालिका इतना डर गई है कि जब वह दरिंदगी के बाद घर लौटी तो कुछ बोल तक नहीं पा रही थी। कपड़े फटे होने से लगता है कि उसने बचने की कोशिश की तब उसे पीटा भी गया। अस्पताल में अभी उसकी हालत गंभीर बनी हुई है।
पुलिस भी इस घटना की भयावहता को समझ रही है। इसलिए जल्द से जल्द खुलासे करके दरिंदे का चेहरा सामने लाने की कोशिश में जुट गई है। मंगलवार सुबह दातागंज सीओ एसके सिंह व विधि विज्ञान प्रयोगशाला की टीम भी मौके पर पहुंची। टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण कर कुछ साक्ष्य जुटाए हैं। सीओ ने मामले के संबंध में परिजनों से जानकारी ली। जिस झोंपड़ी में घटना हुई, उसके बारे में पता चला कि कई लोगों ने ऐसी झोंपड़ी बना रखी है, जिनमें कोई रहता नहीं है। दूसरे कामों के लिए इनका इस्तेमाल करते हैं।
नशा सुंघाने की भी आशंका
दादी और चाचा से कुछ दूर सो रही बालिका को चुपचाप उठा ले जाने पर परिवार वाले भी हैरान हैं। वह भी समझ नहीं पा रहे हैं कि आखिर बालिका ने उठाने के दौरान ही शोर क्यों नहीं मचाया। वहीं परिवार वाले आशंका जता रहे हैं कि बालिका को शायद कोई नशीला पाउडर या दवा सुंघाकर ले जाया गया था, या फिर उसका मुंह दबा दिया गया, जिससे वह कुछ बोल नहीं पाई।
बालिका ने अभी किसी का नाम नहीं बताया है और न ही परिवार वाले बता रहे हैं। उनकी तहरीर पर अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। आरोपी को तलाश किया जा रहा है लेकिन अभी उसका पता नहीं चला है। -राजीव कुमार, एसओ उसावां