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जर्जर है फरीदपुर फ्लाईओवर.. जरा संभलकर चलें
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बरेली/फरीदपुर। दिल्ली-लखनऊ जाते वक्त सीतापुर फोरलेन पर बने फरीदपुर फ्लाईओवर पर गुजरते वक्त काफी सावधान रहने की जरूरत है। वैसे तो यह फ्लाईओवर पिछली बरसात में ही बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था। अब साल भर से कोई सुध न लिए जाने से और खतरनाक हो गया है। पुल पर कई जगह सड़क न सिर्फ दरक गई है बल्कि जगह-जगह टूट भी गई है। फिर भी इस फ्लाईओवर पर हैवी ट्रैफिक गुजर रहा है। रविवार को एक हादसा हो चुका है, लोगों को सचेत करने के लिए कोई इंतजाम भी नहीं किए गए हैं लिहाजा और भी बड़े हादसे होने की आशंका बनी हुई है। हालांकि इसके बावजूद न सिर्फ एनएचएआई अफसर बल्कि पुलिस महकमे के अधिकारी भी बेपरवाह बना हुए हैं।
सीतापुर फोरलेन का प्रोजेक्ट करीब 2200 करोड़ का था जो कई साल से अधूरा पड़े होने की वजह से समय के साथ और खतरनाक होता जा रहा है। पिछली बरसात में कई जगह दरकने के बाद इस पुल पर एनएचएआई अफसरों ने यातायात बंद करा दिया था। इसके बाद मरम्मत कार्यों के नाम पर फिर साढ़े सात करोड़ रुपये का बंदरबांट किया गया, लेकिन न पुल की दशा सुधरी है न हाईवे की। अब यह पुल और हाईवे फिर खतरे की घंटी बन गया है। सबसे ज्यादा खतरनाक हालात फरीदपुर फ्लाईओवर पर हैं जो काफी खस्ताहाल हो चुका है। गहरी दरार पड़ने के साथ सड़क काफी धंस चुकी है। रिटेनिंग वाल और उसे रोकने के लिए डाली गई मिट्टी भी बह चुकी है। पिछले बार बारिश में यह पुल जगह-जगह टूटना शुरू हो गया था। लखनऊ-दिल्ली हाईवे पर बने इस फ्लाईओवर पर हर दिन हजारों वाहनों गुजरते हैं। इसमें सैकड़ों क्विंटल टन वाले बड़े ट्रकों का दिन रात आना-जाना है। एनएचएआई के अधिकारी कहते हैं कि पुल की हालत देककर इस पर कई बार ट्रैफिक बंद कराया जा चुका है लेकिन लोग फिर उस पर गुजरना शुरू कर देते हैं। बारिश फिर आने वाली है। आशंका जताई जा रही है कि जिस तरह पुल क्षतिग्रस्त है, उसे देखते हुए कभी भी यहां बड़ा हादसा हो सकता है।
न पुलिस गंभीर और न एनएचएआई
अनफिट फरीदपुर फ्लाईओवर पर एक्सीडेंट का खतरा होने के बावजूद पर ट्रैफिक को निकलने से नहीं रोका जा पा रहा है। इसके लिए एनएचएआई के अधिकारियों का कहना है कि वे कई बार फ्लाईओवर को बंद कर चुके हैं। इसके अलावा पुलिस को भी आगाह किया जा चुका है, लेकिन कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। जबकि पुलिस कहा कहना है कि एनएचएआई को इसमें खंभे लगाकर स्थायी रूप से बंद कर देना चाहिए।
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बाईपास से गुजरना भी खतरनाक
फरीदपुर बाईपास की हालत यह हो गई कि कई जगह दरक गया। पिछले साल जिस जगह पर मरम्मत कराई गई थी, वह फिर से ध्वस्त हो चुकी है। मिट्टी के कट्टे खिसक गए हैं। खस्ताहाल इस बाईपास पर करीब दो माह पूर्व दुर्घटना हुई थी। इसमें चार लोगों की मौत हो गई थी। रविवार को भी शव लेकर जा रही कार दरक रहे बाईपास पर टूटी सड़क में टायर चले जाने से असंतुलित हो गई और कई फिट गहरे खाई में पलट गई जिसमें ड्राइवर गंभीर रूप से घायल हो गया है।
फरीदपुर फ्लाईओवर पर ट्रैफिक नहीं निकलना चाहिए। इसे कई बार बंद किया जा चुका है लेकिन स्थानीय लोग इसे खोल देते हैं। इस संबंध में पुलिस को भी कई बार बताया जा चुका है। - एनपी सिंह, परियोजना निदेशक, एनएचएआई
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सीतापुर फोरलेन का प्रोजेक्ट करीब 2200 करोड़ का था जो कई साल से अधूरा पड़े होने की वजह से समय के साथ और खतरनाक होता जा रहा है। पिछली बरसात में कई जगह दरकने के बाद इस पुल पर एनएचएआई अफसरों ने यातायात बंद करा दिया था। इसके बाद मरम्मत कार्यों के नाम पर फिर साढ़े सात करोड़ रुपये का बंदरबांट किया गया, लेकिन न पुल की दशा सुधरी है न हाईवे की। अब यह पुल और हाईवे फिर खतरे की घंटी बन गया है। सबसे ज्यादा खतरनाक हालात फरीदपुर फ्लाईओवर पर हैं जो काफी खस्ताहाल हो चुका है। गहरी दरार पड़ने के साथ सड़क काफी धंस चुकी है। रिटेनिंग वाल और उसे रोकने के लिए डाली गई मिट्टी भी बह चुकी है। पिछले बार बारिश में यह पुल जगह-जगह टूटना शुरू हो गया था। लखनऊ-दिल्ली हाईवे पर बने इस फ्लाईओवर पर हर दिन हजारों वाहनों गुजरते हैं। इसमें सैकड़ों क्विंटल टन वाले बड़े ट्रकों का दिन रात आना-जाना है। एनएचएआई के अधिकारी कहते हैं कि पुल की हालत देककर इस पर कई बार ट्रैफिक बंद कराया जा चुका है लेकिन लोग फिर उस पर गुजरना शुरू कर देते हैं। बारिश फिर आने वाली है। आशंका जताई जा रही है कि जिस तरह पुल क्षतिग्रस्त है, उसे देखते हुए कभी भी यहां बड़ा हादसा हो सकता है।
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न पुलिस गंभीर और न एनएचएआई
अनफिट फरीदपुर फ्लाईओवर पर एक्सीडेंट का खतरा होने के बावजूद पर ट्रैफिक को निकलने से नहीं रोका जा पा रहा है। इसके लिए एनएचएआई के अधिकारियों का कहना है कि वे कई बार फ्लाईओवर को बंद कर चुके हैं। इसके अलावा पुलिस को भी आगाह किया जा चुका है, लेकिन कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। जबकि पुलिस कहा कहना है कि एनएचएआई को इसमें खंभे लगाकर स्थायी रूप से बंद कर देना चाहिए।
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बाईपास से गुजरना भी खतरनाक
फरीदपुर बाईपास की हालत यह हो गई कि कई जगह दरक गया। पिछले साल जिस जगह पर मरम्मत कराई गई थी, वह फिर से ध्वस्त हो चुकी है। मिट्टी के कट्टे खिसक गए हैं। खस्ताहाल इस बाईपास पर करीब दो माह पूर्व दुर्घटना हुई थी। इसमें चार लोगों की मौत हो गई थी। रविवार को भी शव लेकर जा रही कार दरक रहे बाईपास पर टूटी सड़क में टायर चले जाने से असंतुलित हो गई और कई फिट गहरे खाई में पलट गई जिसमें ड्राइवर गंभीर रूप से घायल हो गया है।
फरीदपुर फ्लाईओवर पर ट्रैफिक नहीं निकलना चाहिए। इसे कई बार बंद किया जा चुका है लेकिन स्थानीय लोग इसे खोल देते हैं। इस संबंध में पुलिस को भी कई बार बताया जा चुका है। - एनपी सिंह, परियोजना निदेशक, एनएचएआई