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पुराने बस अड्डे को शिफ्ट करने की मुहिम को झटका
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बरेली। शहर के पुराने बस अड्डे को मिनी बाईपास पर शिफ्ट करने की तैयारी को झटका लगा है। जिला प्रशासन ने केंद्रीय कारागार की खाली जमीन का जो रिकार्ड शासन में भेजा था, उस पर संयुक्त सचिव सूर्य प्रकाश सिंह सेंगर ने आपत्ति जाहिर करते हुए प्रस्ताव को वापस भेज दिया है। शासन का कहना है कि गाटा संख्या सही न होने से भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को आगे नहीं बढ़ाया जा सकता।
शहर के बीचोंबीच बने पुराने बस अड्डे को शिफ्ट करने की कोशिश चल रही है। फरवरी में डीएम वीरेंद्र कुमार सिंह ने मिनी बाईपास पर केंद्रीय कारागार की खाली पड़ी जमीन का सर्वे एसडीएम सदर से कराकर उसका प्रस्ताव शासन में भेजा था। शासन को सर्वे में यह जानकारी दी गई कि कारागार के नाम दर्ज गाटा संख्याओं में कुल जमीन 3.234 हेक्टेयर है। इसमें रोडवेज के लिए प्रस्तावित भूमि 2.285 हेक्टेयर देने के बाद जेल के नाम अवशेष भूमि का क्षेत्रफल 1.327 हेक्टेयर है। शासन को भेजे गए प्रस्ताव में प्रशासन की रिपोर्ट में इसमें फर्क होने के साथ गाटा संख्या में भी गड़बड़ी मिली। शासन ने कई आपत्तियां लगाते हुए डीएम को निर्देशित किया है कि इस जमीन का एक बार फिर से खतौनियों से मिलान कर कारागार के नाम आवंटित गाटा संख्या, रोडवेज के नाम प्रस्तावित गाटा संख्या, भूमि का विवरण और अवशेष भूमि का ब्योरा दोबारा भेजा जाए।
बस अड्डे को जमीन आवंटित करने संबंधित रिकार्ड में जो भी गड़बड़ी मिली है, उसकी दोबारा जांच कराकर संशोधित रिपोर्ट भेज दी जाएगी।
- रामसेवक द्विवेदी, एडीएम प्रशासन
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शहर के बीचोंबीच बने पुराने बस अड्डे को शिफ्ट करने की कोशिश चल रही है। फरवरी में डीएम वीरेंद्र कुमार सिंह ने मिनी बाईपास पर केंद्रीय कारागार की खाली पड़ी जमीन का सर्वे एसडीएम सदर से कराकर उसका प्रस्ताव शासन में भेजा था। शासन को सर्वे में यह जानकारी दी गई कि कारागार के नाम दर्ज गाटा संख्याओं में कुल जमीन 3.234 हेक्टेयर है। इसमें रोडवेज के लिए प्रस्तावित भूमि 2.285 हेक्टेयर देने के बाद जेल के नाम अवशेष भूमि का क्षेत्रफल 1.327 हेक्टेयर है। शासन को भेजे गए प्रस्ताव में प्रशासन की रिपोर्ट में इसमें फर्क होने के साथ गाटा संख्या में भी गड़बड़ी मिली। शासन ने कई आपत्तियां लगाते हुए डीएम को निर्देशित किया है कि इस जमीन का एक बार फिर से खतौनियों से मिलान कर कारागार के नाम आवंटित गाटा संख्या, रोडवेज के नाम प्रस्तावित गाटा संख्या, भूमि का विवरण और अवशेष भूमि का ब्योरा दोबारा भेजा जाए।
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बस अड्डे को जमीन आवंटित करने संबंधित रिकार्ड में जो भी गड़बड़ी मिली है, उसकी दोबारा जांच कराकर संशोधित रिपोर्ट भेज दी जाएगी।
- रामसेवक द्विवेदी, एडीएम प्रशासन