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दो साल तक चैन की सांस नहीं ले पाए भाजपाई

Sat, 25 May 2019 01:45 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sat, 25 May 2019 01:45 AM IST
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दो साल तक चैन की सांस नहीं ले पाए भाजपाई
बरेली। भाजपा की प्रचंड बहुमत से जीत को विरोधी भले ही ईवीएम की बेईमानी कहें या कुछ अन्य आरोप लगाएं। मगर हकीकत ये है कि भाजपा को यहां तक पहुंचाने के लिए राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव के बाद ही इस जीत का ताना-बाना बुन दिया था। बूथ, सेक्टर अध्यक्ष से लेकर 26 सदस्यीय बूथ कमेटी के अलावा मंडल अध्यक्ष, मंडल प्रभारी, विधानसभा संयोजक, विधानसभा प्रभारी, विस्तारक और लोकसभा संयोजक बनाकर एक दूसरे से सबके काम की रिपोर्ट हाईकमान तक पहुंचती थी।
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भाजपा संगठन में जिला और महानगर के अलावा बृज क्षेत्र और राजधानी लखनऊ तक के पदाधिकारी बरेली, आंवला, शाहजहांपुर, पीलीभीत, बदायूं समेत सभी लोकसभा सीटों पर बूथ तक काम कराने की जिम्मेदारी दी गई। एक के ऊपर दूसरे की सघन मानीटरिंग। निष्क्रिय कार्यकर्ता भी डर के मारे सक्रिय हो गए, ताकि उनका पद न छिन जाए। यह अमितशाह का ही कमाल था कि प्रत्येक लोकसभा से अपने सांसदों के काम काज की रिपोर्ट लेने के लिए दूसरे जिलों से विस्तारक बनाए गए। वह अपनी गोपनीय रिपोर्ट सीधे हाईकमान को भेजते थे। भाजपा सूत्रों की मानें तो राष्ट्रीय अमित शाह चुनाव के दौरान सीधे बूथ अध्यक्ष या विस्तारक से फोन पर बात करके फीड बैक ले लेते थे या फिर उनके निर्देश पर राष्ट्रीय या प्रदेश संगठन पदाधिकारी अचानक रिपोर्ट मांगने लगते थे। संगठन को ढीला रहने का एक भी अवसर नहीं दिया। इसके साथ ही दलित, पिछड़े या भाजपा कैडर के महापुरुषों के नाम पर दर्जनों कार्यक्रम हमेशा चलाए रखे। उससे प्रत्येक भाजपा कार्यकर्ता सक्रिय रहा। लोकसभा चुनाव की प्रचंड जीत इस मेहनत का परिणाम है।
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दो साल तक भाजपा के प्रमुख कार्यक्रम चलते रहे
1- पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जन्म शती मनाना
2- छह अप्रैल को भाजपा का स्थापना दिवस मनाना
3- 25 दिसंबर को अटल जी सेवा दिवस कार्यक्रम
4- 14 अप्रैल को बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर जयंती को सामाजिक समरसता दिवस के रूप में मनाना
5- 23 जून को जनसंघ के संस्थापना डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का जन्म दिन मनाना
6- 21 फरवरी को एकलव्य खेलकूद दिवस
7- 19 नवंबर को झांसी की रानी लक्ष्मीबाई बलिदान दिवस मनाना
8- इनके अलावा युवा सम्मेलन, पिछड़ा वर्ग सम्मेलन, महिला सम्मेलन, समरसता सम्मेलन, बूथ समितियों का सम्मान, बूथ अध्यक्षों का सम्मान।
9- वर्ष 2016 से सांसद, विधायक और संगठन पदाधिकारियों की लगातार पदयात्रा। भारतीय जनता युवा मोर्चा की प्रत्येक बूथ से अलग-अलग आकर एक जगह पर पहुंचने वाली बाइक रैलियां।
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10- प्रत्येक 21 जून को योग दिवस मनाकर सबको जोड़ना।
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