फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   ताबड़तोड़ दबिश, फिर भी हाथ नहीं आ रहा राशन माफिया

पुलिस की लगातार दबिश के बाद भी पकड़ से दूर राशन माफिया, गिरफ्तारी वारंट के लिए कोर्ट में अपील

Sun, 16 Dec 2018 01:43 AM IST
Priyesh Mishra न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बरेली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बरेली Published by: Priyesh Mishra Updated Sun, 16 Dec 2018 01:43 AM IST
विज्ञापन
ताबड़तोड़ दबिश, फिर भी हाथ नहीं आ रहा राशन माफिया
प्रतीकात्मक तस्वीर
जिस राशन माफिया को हाफिजगंज पुलिस ने चार दिन मेहमाननवाजी करने के बाद थाने से ही छोड़ दिया था, अब अपनी गर्दन फंसने के बाद जमीन-आसमान एक करके भी उसे तलाश नहीं कर पा रही है। लगातार दबिशों के बाद भी राशन माफिया और उसके साथियों का पुलिस को कोई सुराग नहीं मिल पाया है। इस बीच गिरफ्तारी वारंट के लिए कोर्ट में जरूर आवेदन कर दिया गया है।
विज्ञापन


तत्कालीन एसपी देहात सतीश कुमार ने 27 नवंबर को रिठौरा में राशन माफिया की आढ़त पर छापा मारकर सरकारी राशन से भरी गाड़ी खड़ी पकड़ी थी और गाड़ी के साथ राशन माफिया को भी हाफिजगंज पुलिस के सुपुर्द कर दिया था। राशन माफिया थाने में चार दिन मेहमान की तरह रहा। इस बीच उससे सौदा हो गया तो पूर्ति विभाग और पुलिस ने उसे क्लीनचिट देकर छोड़ दिया।
विज्ञापन


यह घोटाला अमर उजाला की सुर्खियां बनने के बाद उसका संज्ञान प्रमुख सचिव संजय भूसरेड्डी ने लिया तो जिले के अधिकारी हरकत में आए। नए एसपी देहात संसार सिंह ने राशन घोटाले को उजागर तो कर दिया लेकिन 18 दिन बाद भी राशन माफिया कमल गुप्ता, अरविंद गुप्ता, गोदाम मैनेजर राकेश सक्सेना पुलिस के हत्थे नहीं चढ़े हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


रिठौरा चौकी पुलिस ने शुक्रवार रात और शनिवार को दिन में रिठौरा और फरीदपुर में दबिश दी पर कोई नहीं मिला। रिठौरा चौकी इंचार्ज नरेंद्र सिंह ने बताया कि कोर्ट से आरोपियों के गिरफ्तारी वारंट लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जल्द ही वारंट जारी हो जाएंगे।

तो कोर्ट में कहोगे.. बंदरों ने नष्ट कर दिए सबूत
गरीबों के राशन की कालाबाजारी के मामले की भले ही जांच पूरी नहीं हो पाई है, फिर भी इसका अहम सबूत धीरे-धीरे नष्ट हो रहा है। दरअसल राशन माफिया की आढ़त से पकड़ी गई गाड़ी बंदरों की निगाह में आ गई है। बंदरों ने बोरियों को फाड़कर चावल की दावत उड़ानी शुरू की तो थाने के बाहर से उसे अंदर लाकर गैराज में खड़ा करा दिया गया लेकिन बंदर अब भी उसका पीछा छोड़ने को तैयार नहीं है।


पुलिस ने बंदरों को भगाने के लिए चौकीदार को भी लगाया लेकिन चौकीदार की नजर बचते ही बंदरों का झुंड चावल भरी गाड़ी पर टूट पड़ता है। शनिवार को तो गाड़ी में घुसकर दावत उड़ाने के बाद बंदर थानाध्यक्ष के आवास में भी घुस गए और वहां सबकुछ तहसनहस कर दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed