{"_id":"5cacfe0fbdec2213fd29a72d","slug":"151554841103-bareilly-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"कैंसर के मरीज को डॉक्टर ने हड़काया, हंगामा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कैंसर के मरीज को डॉक्टर ने हड़काया, हंगामा
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बरेली। जिला अस्पताल में कैंसर के एक मरीज पर एक डॉक्टर इतना भड़क गए कि उसके साथ तो बदसलूकी की ही साथ ही तीमारदार को भी हड़का डाला। डॉक्टर साहब का गुस्सा यहीं शांत नहीं हुआ। डॉक्टर की शिकायत लेकर जब तीमारदार सीएमएस ऑफिस पहुंचा तो वहां भी उन्होंने उसे हड़काया। सीएमएस ने बड़ी मुश्किल से मामला शांत कराया।
दरअसल, जिला अस्पताल में कैंसर के इलाज की सुविधा नहीं है। फतेहगंज पश्चिमी का सुनील एक दिन पहले इमरजेंसी में दिखाने आया था। डॉक्टर ने उसे ओपीडी के एक डॉक्टर के पास भेज दिया। जिस डॉक्टर के पास मरीज को भेजा वह अक्सर मरीजों पर बिगड़ जाते हैं। वह कैंसर के मरीज पर भी बिगड़ गए। वह इस बात से नाराज थे कि जब जिला अस्पताल में कैंसर का इलाज नहीं तो मरीज को उनके पास क्यों भेजा गया। उन्होंने मरीज को रेफर कर दिया। बात बिगड़ी एंबुलेंस न मिलने पर। नर्स ने मरीज के कागज दे दिए और चले जाने को कहा, जबकि रेफर करने पर उसे एंबुलेंस से भेजा जाना था। तीमारदार मरीज को लेकर सीएमएस ऑफिस पहुंचे तो डॉक्टर और बाकी स्टाफ को इसकी भनक लग गई। वह भी सीएमएस ऑफिस पहुंच गए। बाहर चर्चा रही कि डॉक्टर ने मरीज के साथ धक्कामुक्की और गालीगलौज की। सीएमएस ऑफिस में हंगामा होने लगा। डॉक्टर ने तीमारदार और मरीज को सीएमएस ऑफिस में भी हड़का दिया। काफी देर नोंकझोंक होती रही। ज्यादा हंगामा होता देख मरीज और तीमारदार दोनों ही चले। डॉक्टर के रवैये पर सीएसएस ने भी नाराजगी जताई। मरीज को बिना एंबुलेंस ही जाना पड़ा।
जिला अस्पताल में कैंसर का इलाज नहीं है, इसलिए डॉक्टर ने कैंसर के एक मरीज को रेफर कर दिया था। नर्स ने उसे सारे कागज दे दिए, लेकिन एंबुलेंस की व्यवस्था नहीं कराई, जबकि मैंने उसे अपने चैंबर में बुलाया बात की। एंबुलेंस मंगवा रहे थे तब तक वह चला गया। मारपीट जैसी कोई घटना नहीं हुई।
विज्ञापन
-डॉ. केएस गुप्ता, सीएमएस जिला अस्पताल
विज्ञापन
दरअसल, जिला अस्पताल में कैंसर के इलाज की सुविधा नहीं है। फतेहगंज पश्चिमी का सुनील एक दिन पहले इमरजेंसी में दिखाने आया था। डॉक्टर ने उसे ओपीडी के एक डॉक्टर के पास भेज दिया। जिस डॉक्टर के पास मरीज को भेजा वह अक्सर मरीजों पर बिगड़ जाते हैं। वह कैंसर के मरीज पर भी बिगड़ गए। वह इस बात से नाराज थे कि जब जिला अस्पताल में कैंसर का इलाज नहीं तो मरीज को उनके पास क्यों भेजा गया। उन्होंने मरीज को रेफर कर दिया। बात बिगड़ी एंबुलेंस न मिलने पर। नर्स ने मरीज के कागज दे दिए और चले जाने को कहा, जबकि रेफर करने पर उसे एंबुलेंस से भेजा जाना था। तीमारदार मरीज को लेकर सीएमएस ऑफिस पहुंचे तो डॉक्टर और बाकी स्टाफ को इसकी भनक लग गई। वह भी सीएमएस ऑफिस पहुंच गए। बाहर चर्चा रही कि डॉक्टर ने मरीज के साथ धक्कामुक्की और गालीगलौज की। सीएमएस ऑफिस में हंगामा होने लगा। डॉक्टर ने तीमारदार और मरीज को सीएमएस ऑफिस में भी हड़का दिया। काफी देर नोंकझोंक होती रही। ज्यादा हंगामा होता देख मरीज और तीमारदार दोनों ही चले। डॉक्टर के रवैये पर सीएसएस ने भी नाराजगी जताई। मरीज को बिना एंबुलेंस ही जाना पड़ा।
विज्ञापन
जिला अस्पताल में कैंसर का इलाज नहीं है, इसलिए डॉक्टर ने कैंसर के एक मरीज को रेफर कर दिया था। नर्स ने उसे सारे कागज दे दिए, लेकिन एंबुलेंस की व्यवस्था नहीं कराई, जबकि मैंने उसे अपने चैंबर में बुलाया बात की। एंबुलेंस मंगवा रहे थे तब तक वह चला गया। मारपीट जैसी कोई घटना नहीं हुई।
विज्ञापन
-डॉ. केएस गुप्ता, सीएमएस जिला अस्पताल