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पाटलीपुत्र एक्सप्रेस में बच्चे को नहीं मिला इलाज, मौत
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,बरेली
Updated Wed, 09 May 2018 01:27 AM IST
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पाटलीपुत्र एक्सप्रेस में एक बच्चे की तबीयत बिगड़ गई। इलाज न मिलने से उसकी मौत हो गई। जंक्शन पर रेलवे के डॉक्टर ने बच्चे को देखा और मृत घोषित कर दिया। घरवाले एंबुलेंस से शव साथ ले गए।
सुल्तानपुर के रहने वाले धर्मेंद्र चंडीगढ़ की एक कंपनी में काम करते हैं। मंगलवार को वह अपनी भाभी शकुंतला देवी और चार साल के भतीजे आलोक को पाटलीपुत्र एक्सप्रेस से सुल्तानपुर छोड़ने जा रहे थे। ट्रेन में खाना खाने के बाद आलोक की अचानक तबीयत बिगड़ गई। मुरादाबाद के बाद उसे उल्टियां होने लगीं। धर्मेंद्र ने रेल मंत्रालय के ट्वीट करके इसकी जानकारी दी। ट्रेन रामपुर रुकी लेकिन वहां डॉक्टर नहीं मिला। रामपुर के बाद बच्चे की हालत और बिगड़ गई। बरेली पहुंचने से पहले ही उसने दम तोड़ दिया। ट्रेन जब जंक्शन पहुंची तो रेलवे के डॉक्टर ने बच्चे को देखा और मृत घोषित कर दिया। परिवार वाले बच्चे का शव अपने साथ सुल्तानपुर ले जाना चाहते थे लेकिन कोच में शव ले जाना मना है। लिहाजा, रेलवे स्टाफ ने रुपये जमा करके बच्चे को एंबुलेंस से घर भिजवाया। बच्चे की मां का कहना था कि अगर रामपुर में इलाज मिल जाता तो उनका बेटा बच जाता।
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सुल्तानपुर के रहने वाले धर्मेंद्र चंडीगढ़ की एक कंपनी में काम करते हैं। मंगलवार को वह अपनी भाभी शकुंतला देवी और चार साल के भतीजे आलोक को पाटलीपुत्र एक्सप्रेस से सुल्तानपुर छोड़ने जा रहे थे। ट्रेन में खाना खाने के बाद आलोक की अचानक तबीयत बिगड़ गई। मुरादाबाद के बाद उसे उल्टियां होने लगीं। धर्मेंद्र ने रेल मंत्रालय के ट्वीट करके इसकी जानकारी दी। ट्रेन रामपुर रुकी लेकिन वहां डॉक्टर नहीं मिला। रामपुर के बाद बच्चे की हालत और बिगड़ गई। बरेली पहुंचने से पहले ही उसने दम तोड़ दिया। ट्रेन जब जंक्शन पहुंची तो रेलवे के डॉक्टर ने बच्चे को देखा और मृत घोषित कर दिया। परिवार वाले बच्चे का शव अपने साथ सुल्तानपुर ले जाना चाहते थे लेकिन कोच में शव ले जाना मना है। लिहाजा, रेलवे स्टाफ ने रुपये जमा करके बच्चे को एंबुलेंस से घर भिजवाया। बच्चे की मां का कहना था कि अगर रामपुर में इलाज मिल जाता तो उनका बेटा बच जाता।
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