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41 स्कूलों ने अधूरे दिए रिकॉर्ड, नोटिस
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बरेली। डीएम के कड़े निर्देश के बावजूद स्कूलों ने जिला शुल्क कमेटी को उपलब्ध अधूरे रिकॉर्ड ही उपलब्ध करा दिए। जब रिकॉर्ड की जांच शुरू हुई तो स्कूलों का गोलमाल सामने आया। अधिकतर ने कम छात्र संख्या दिखाई तो कई ने फीस में गड़बड़ी की। अब डीआईओएस ने अधूरे रिकॉर्ड देने वाले 41 स्कूलों को नोटिस जारी कर 11 जनवरी तक हर हाल में रिकॉर्ड उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
जिला शुल्क कमेटी ने सचिव डीआईओएस डॉ. अचल कुमार मिश्रा के नेतृत्व में रिकॉर्ड की जांच शुरू कर दी है। 26 में से 22 स्कूलों के रिकॉर्ड पूरे मिले, जिनकी जांच जारी है। 63 में 41 स्कूलों ने छात्र संख्या, बैलेंस शीट, ऑडिट रिपोर्ट, कक्षावार शुल्क वितरण, बैंक खाता का विवरण उपलब्ध नहीं कराया। अधूरे रिकॉर्ड देने वालों की सूची में शहर के कई नामचीन स्कूल भी शामिल। पोल न खुले इसलिए इन स्कूलों ने पूरे रिकॉर्ड नहीं दिए। जिन स्कूलों ने पूरे रिकॉर्ड दिए हैं वहां शुल्क निर्धारण और छात्र संख्या में सबसे ज्यादा गड़बड़ी मिल रही है। फीस रसीद पर कुछ तो ऑडिट रिपोर्ट में कुछ और फीस दिखा रहे हैं। कई स्कूलों ने वास्तविक छात्र संख्या ही नहीं दी।
डीआईओएस डॉ. अचल कुमार मिश्रा ने बताया कि 41 स्कूलों के रिकॉर्ड अधूरे हैं। उनको पहले भी पत्र जारी किया था। अब नोटिस जारी किया गया है। अगर रिकॉर्ड नहीं देंगे तो इसकी रिपोर्ट डीएम को भेज दी जाएगी। अगर जांच में सहयोग नहीं करेंगे तो ऐसे स्कूलों पर शिकंजा भी कसा जाएगा।
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जिला शुल्क कमेटी ने सचिव डीआईओएस डॉ. अचल कुमार मिश्रा के नेतृत्व में रिकॉर्ड की जांच शुरू कर दी है। 26 में से 22 स्कूलों के रिकॉर्ड पूरे मिले, जिनकी जांच जारी है। 63 में 41 स्कूलों ने छात्र संख्या, बैलेंस शीट, ऑडिट रिपोर्ट, कक्षावार शुल्क वितरण, बैंक खाता का विवरण उपलब्ध नहीं कराया। अधूरे रिकॉर्ड देने वालों की सूची में शहर के कई नामचीन स्कूल भी शामिल। पोल न खुले इसलिए इन स्कूलों ने पूरे रिकॉर्ड नहीं दिए। जिन स्कूलों ने पूरे रिकॉर्ड दिए हैं वहां शुल्क निर्धारण और छात्र संख्या में सबसे ज्यादा गड़बड़ी मिल रही है। फीस रसीद पर कुछ तो ऑडिट रिपोर्ट में कुछ और फीस दिखा रहे हैं। कई स्कूलों ने वास्तविक छात्र संख्या ही नहीं दी।
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डीआईओएस डॉ. अचल कुमार मिश्रा ने बताया कि 41 स्कूलों के रिकॉर्ड अधूरे हैं। उनको पहले भी पत्र जारी किया था। अब नोटिस जारी किया गया है। अगर रिकॉर्ड नहीं देंगे तो इसकी रिपोर्ट डीएम को भेज दी जाएगी। अगर जांच में सहयोग नहीं करेंगे तो ऐसे स्कूलों पर शिकंजा भी कसा जाएगा।
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