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आयुर्वेदिक कॉलेज में हाजिरी नहीं तो स्कॉलरशिप नहीं
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,बरेली
Updated Fri, 13 Jul 2018 12:49 AM IST
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साहू रामनारायण मुरली मनोहर राजकीय आयुर्वेदिक कॉलेज में अब स्टूडेंट्स की बायोमेट्रिक हाजिरी लगेगी। अटेंडेंस के संबंध में शासन से जारी आदेश के बाद कॉलेज में स्टूडेंट्स के अंगूठों के निशान लेने की क वायद शुरू हो गई है। प्रिंसिपल डॉ. डीके मौर्या ने बताया कि 75 फीसदी से कम हाजिरी पाए जाने पर स्टूडेंट को स्कॉलरशिप नहीं दी जाएगी और न ही उन्हें परीक्षा में बैठने दिया जाएगा। आयुर्वेदिक कॉलेज में अब तक सिर्फ प्रिंसिपल और स्टाफ की ही बायोमेट्रिक हाजिरी लगती है। कॉलेज में पढ़ रहे करीब 160 स्टूडेंट्स मैन्युअल अटेंडेंस लगा रहे हैं। इसमें बड़े स्तर पर फर्जीवाड़ा होता था। स्टूडेंट्स क्लास में नहीं पहुंचते हैं लेकिन उनकी हाजिरी 75 से 80 प्रतिशत तक रहती है।
शासन को भेजा रिमाइंडर
आयुर्वेदिक कॉलेज के जर्जर हो चुके भवन के नवनिर्माण के लिए फिर से शासन को रिमाइंडर भेजा गया है। प्र्रिंसिपल के मुताबिक शनिवार को शासन स्तर पर होने वाली मीटिंग में भी जर्जर हो चुके भवन का मुद्दा रखा जाएगा।
काफी स्टूडेंट्स आते ही नहीं हैं, लेकिन उनकी अटेंडेंस पूरी रहती है। बायोमेट्रिक अटेंडेंस के लिए विद्यार्थियों के अंगूठों के निशान लिए जा रहे हैं। जिनकी 75 फीसदी से कम उपस्थिति दर्ज होगी नियमानुसार उन्हें स्कॉलरशिप नहीं जारी की जाएगी। - डॉ. डीके मौर्या, प्रिंसिपल
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शासन को भेजा रिमाइंडर
आयुर्वेदिक कॉलेज के जर्जर हो चुके भवन के नवनिर्माण के लिए फिर से शासन को रिमाइंडर भेजा गया है। प्र्रिंसिपल के मुताबिक शनिवार को शासन स्तर पर होने वाली मीटिंग में भी जर्जर हो चुके भवन का मुद्दा रखा जाएगा।
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काफी स्टूडेंट्स आते ही नहीं हैं, लेकिन उनकी अटेंडेंस पूरी रहती है। बायोमेट्रिक अटेंडेंस के लिए विद्यार्थियों के अंगूठों के निशान लिए जा रहे हैं। जिनकी 75 फीसदी से कम उपस्थिति दर्ज होगी नियमानुसार उन्हें स्कॉलरशिप नहीं जारी की जाएगी। - डॉ. डीके मौर्या, प्रिंसिपल
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