{"_id":"5c7ece57bdec22145544d70d","slug":"131551814231-bareilly-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"एलएलबी के एडमिशन ने बढ़ाई बरेली कॉलेज प्रशासन की मुश्किलें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एलएलबी के एडमिशन ने बढ़ाई बरेली कॉलेज प्रशासन की मुश्किलें
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बरेली। एलएलबी का एक एडमिशन बरेली कॉलेज प्रशासन के लिए मुसीबत बन गया है। कॉलेज आरटीआई में जवाब तक नहीं दे पाया। अब विभाग के शिक्षक और कॉलेज प्रशासन में खींचतान शुरू हो गई है। मंगलवार को इस मुद्दे पर काफी नोकझोंक हुई। जैसे-तैसे शिक्षकों को शांत कराया जा सका।
मोहित नाम के एक छात्र का ग्रीवांस सेल के माध्यम से एलएलबी में प्रवेश हुआ था। शिकायतें होने के बाद विश्वविद्यालय ने जांच कराई तो कई एडमिशन फर्जी मिले। विश्वविद्यालय ने उनको निरस्त कर दिया। छात्र का कहना था कि उसका एडमिशन नियमानुसार हुआ। अगर एडमिशन गलत हुआ तो कॉलेज उसका जवाब दे। छात्र ने शासन में भी शिकायत की और आरटीआई के तहत जवाब मांग लिया। सूत्रों की माने तो छात्र को कुछ शिक्षकों ने समझा दिया कि द्वितीय सेमेस्टर में उसका प्रवेश करा दिया जाएगा। मामला मैनेजमेंट के कुछ लोगों तक पहुंचा। जिसके बाद प्राचार्य से पूछा गया। प्राचार्य ने विभाग को पत्र भेजकर एडमिशन और उपस्थिति की जानकारी मांगी। विभाग के शिक्षक इसी पर भड़क गए। उनका कहना था कि एडमिशन बोर्ड से नहीं ग्रीवांस सेल से उसका एडमिशन हुआ। मंगलवार को प्राचार्य कार्यालय में काफी नोकझोंक भी हो गई। वहीं छात्र अपनी बात पर कायम है। उसका प्रवेश सही है, कॉलेज ने उसके साथ फर्जीवाड़ा किया।
विज्ञापन
मोहित नाम के एक छात्र का ग्रीवांस सेल के माध्यम से एलएलबी में प्रवेश हुआ था। शिकायतें होने के बाद विश्वविद्यालय ने जांच कराई तो कई एडमिशन फर्जी मिले। विश्वविद्यालय ने उनको निरस्त कर दिया। छात्र का कहना था कि उसका एडमिशन नियमानुसार हुआ। अगर एडमिशन गलत हुआ तो कॉलेज उसका जवाब दे। छात्र ने शासन में भी शिकायत की और आरटीआई के तहत जवाब मांग लिया। सूत्रों की माने तो छात्र को कुछ शिक्षकों ने समझा दिया कि द्वितीय सेमेस्टर में उसका प्रवेश करा दिया जाएगा। मामला मैनेजमेंट के कुछ लोगों तक पहुंचा। जिसके बाद प्राचार्य से पूछा गया। प्राचार्य ने विभाग को पत्र भेजकर एडमिशन और उपस्थिति की जानकारी मांगी। विभाग के शिक्षक इसी पर भड़क गए। उनका कहना था कि एडमिशन बोर्ड से नहीं ग्रीवांस सेल से उसका एडमिशन हुआ। मंगलवार को प्राचार्य कार्यालय में काफी नोकझोंक भी हो गई। वहीं छात्र अपनी बात पर कायम है। उसका प्रवेश सही है, कॉलेज ने उसके साथ फर्जीवाड़ा किया।
विज्ञापन