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मिलिट्री विजिलेंस ने सुरंगों का वीडियो बनाकर उच्चाधिकारियों को भेजा
Wed, 26 Dec 2018 01:24 AM IST
Priyesh Mishra
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बरेली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बरेली
Published by: Priyesh Mishra
Updated Wed, 26 Dec 2018 01:24 AM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
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सेना की फायरिंग रेंज में सुरंगनुमा गहरे गड्ढे पाए जाने की घटना को ऊपर तक काफी गंभीरता से लिया गया है। अधिकारियों के निर्देश पर मिलिट्री विजिलेंस की टीम ने मंगलवार को दोबारा फायरिंग रेंज का सघन मुआयना किया और सुरंगों की वीडियोग्राफी कर उसे ऊपर के अधिकारियों को भेजा है। इसके साथ फायरिंग रेंज में इन गड्ढों को खोदे जाने की वजह भी तलाश की जा रही है। फिलहाल इस मामले में सेना का कोई अधिकारी कुछ बोलने को तैयार नहीं है। अब तक की जांच के नतीजों को गोपनीय रखा गया है। उधर, फायरिंग रेंज में सरकंडों का कटान कर उनकी तस्करी करते पकड़े गए पांचों लोग अभी भी मिलिट्री पुलिस की हिरासत में हैं। उनसे पूछताछ की जा रही है।
हरुनगला में सेना की फायरिंग रेंज के विशाल भूभाग में फैले सरकंडों के जंगल से अवैध कटान किए जाने का मामला सोमवार को रक्षा संपदा विभाग की टीम ने पकड़ा था। छानबीन शुरू हुई तो पता चला कि यहां सेना की सुरक्षा व्यवस्था को धता बताकर सालों से सरकंडों का कटान और तस्करी की जा रही थी। सरकंडों की तस्करी का मामला जानकारी में आने के बाद मिलिट्री विजिलेंस और सेना के अधिकारियों ने फायरिंग रेंज पर पहुंचकर निरीक्षण किया तो यह देखकर हैरान रह गए कि वहां तमाम सुरंगनुमा गड्ढे भी खोदे गए थे जो सीधी खुदाई के बाद अंदर ही अंदर मोड़ दिए गए थे। इसे काफी गंभीर मानते हुए मिलिट्री विजिलेंस को जांच का आदेश दिया गया था।
मंगलवार को मिलिट्री विजिलेंस की टीम दोबारा मौके पर पहुंची। पूरे दिन यहां गहन पड़ताल की गई। सुरंगनुमा गड़्ढों की वीडियोग्राफी भी की गई। सुरंगों के वीडियो के साथ पूरी रिपोर्ट सेना के उच्चाधिकारियों को भेजी गई है। फायरिंग रेंज में मिले गड्ढों की संख्या दर्जन भर से ज्यादा बताई जा रही है। उधर, सोमवार को दो ट्रैक्टर ट्रालियों में लदे सरकंडों के साथ हिरासत में लिए गए पांचों लोग अभी भी मिलिट्री पुलिस की हिरासत में हैं। सूत्रों के मुताबिक उनसे पूछताछ की जा रही है।
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कहां गुम हो गया ‘रफीक’
पकड़े गए पांच लोगों ने पूछताछ में बताया कि सरकंडों के अवैध कटान और उसकी तस्करी में उनका सीधा कोई हाथ नहीं है। उन्होंने बताया कि ‘रफीक’ नाम के एक ठेकेदार से उन्होंने तीन हजार रुपये में सरकंडे खरीदे थे। रफीक पूर्व में फायरिंग रेंज से नीलाम होने वाले सरकंडे खरीदता था। डीईओ ने पकड़े गए लोगों को सेना पुलिस को सोमवार की देर रात सौंप दिया था, लेकिन अब तक आरोपी रफीक के बारे में कोई सुराग हाथ नहीं लग सका है।
पुलिस में नहीं दर्ज कराई रिपोर्ट
पकड़े गए पांचों लोग चौबारी निवासी इनाम मियां, हरीश कश्यप, राजीव, दिलशाद समेत अंगूरी टांडा निवासी रामपाल के खिलाफ फिलहाल कोई कार्रवाई नहीं हुई है। रक्षा संपदा अधिकारी प्रमोद कुमार सिंह के मुताबिक उन्होंने पकड़े गए लोगों को सेना पुलिस को सौंप दिया है। वहीं सैन्य अधिकारियों ने संबंधित लोगों पर मुकदमा दर्ज कराने के निर्देश देने की बात कही है, लेकिन अब तक फायरिंग रेंज के संबंधित थानाक्षेत्र बारादरी और छावनी क्षेत्र के कैंट थाना में कोई मुकदमा दर्ज नहीं हुआ है। बताया जाता है कि पकड़े गए लोग सेना की निगरानी में हैं।
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हरुनगला में सेना की फायरिंग रेंज के विशाल भूभाग में फैले सरकंडों के जंगल से अवैध कटान किए जाने का मामला सोमवार को रक्षा संपदा विभाग की टीम ने पकड़ा था। छानबीन शुरू हुई तो पता चला कि यहां सेना की सुरक्षा व्यवस्था को धता बताकर सालों से सरकंडों का कटान और तस्करी की जा रही थी। सरकंडों की तस्करी का मामला जानकारी में आने के बाद मिलिट्री विजिलेंस और सेना के अधिकारियों ने फायरिंग रेंज पर पहुंचकर निरीक्षण किया तो यह देखकर हैरान रह गए कि वहां तमाम सुरंगनुमा गड्ढे भी खोदे गए थे जो सीधी खुदाई के बाद अंदर ही अंदर मोड़ दिए गए थे। इसे काफी गंभीर मानते हुए मिलिट्री विजिलेंस को जांच का आदेश दिया गया था।
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मंगलवार को मिलिट्री विजिलेंस की टीम दोबारा मौके पर पहुंची। पूरे दिन यहां गहन पड़ताल की गई। सुरंगनुमा गड़्ढों की वीडियोग्राफी भी की गई। सुरंगों के वीडियो के साथ पूरी रिपोर्ट सेना के उच्चाधिकारियों को भेजी गई है। फायरिंग रेंज में मिले गड्ढों की संख्या दर्जन भर से ज्यादा बताई जा रही है। उधर, सोमवार को दो ट्रैक्टर ट्रालियों में लदे सरकंडों के साथ हिरासत में लिए गए पांचों लोग अभी भी मिलिट्री पुलिस की हिरासत में हैं। सूत्रों के मुताबिक उनसे पूछताछ की जा रही है।
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कहां गुम हो गया ‘रफीक’
पकड़े गए पांच लोगों ने पूछताछ में बताया कि सरकंडों के अवैध कटान और उसकी तस्करी में उनका सीधा कोई हाथ नहीं है। उन्होंने बताया कि ‘रफीक’ नाम के एक ठेकेदार से उन्होंने तीन हजार रुपये में सरकंडे खरीदे थे। रफीक पूर्व में फायरिंग रेंज से नीलाम होने वाले सरकंडे खरीदता था। डीईओ ने पकड़े गए लोगों को सेना पुलिस को सोमवार की देर रात सौंप दिया था, लेकिन अब तक आरोपी रफीक के बारे में कोई सुराग हाथ नहीं लग सका है।
पुलिस में नहीं दर्ज कराई रिपोर्ट
पकड़े गए पांचों लोग चौबारी निवासी इनाम मियां, हरीश कश्यप, राजीव, दिलशाद समेत अंगूरी टांडा निवासी रामपाल के खिलाफ फिलहाल कोई कार्रवाई नहीं हुई है। रक्षा संपदा अधिकारी प्रमोद कुमार सिंह के मुताबिक उन्होंने पकड़े गए लोगों को सेना पुलिस को सौंप दिया है। वहीं सैन्य अधिकारियों ने संबंधित लोगों पर मुकदमा दर्ज कराने के निर्देश देने की बात कही है, लेकिन अब तक फायरिंग रेंज के संबंधित थानाक्षेत्र बारादरी और छावनी क्षेत्र के कैंट थाना में कोई मुकदमा दर्ज नहीं हुआ है। बताया जाता है कि पकड़े गए लोग सेना की निगरानी में हैं।