{"_id":"5c080685bdec2241ca08f691","slug":"131544029829-bareilly-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"गन्ना पर्ची न मिलने पर किसान ने दी आत्महत्या की धमकी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गन्ना पर्ची न मिलने पर किसान ने दी आत्महत्या की धमकी
Updated Wed, 05 Dec 2018 10:40 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चीनी मिल से गन्ना पर्ची न मिलने से गुस्साए किसान ने कलक्ट्रेट परिसर के बाहर आत्म हत्या की धमकी दे डाली। किसान आठ दिन पहले पर्ची न मिलने की समस्या को लेकर गन्ना उपायुक्त से मिला था। समस्या न सुलझने से झल्लाए किसान ने जब आत्महत्या की धमकी दी तो एलआईयू कर्मी उसे लेकर एडीएम सिटी के दफ्तर में गए। एडीएम सिटी ने पूरा मामला सुनने के बाद गन्ना विभाग से उसकी समस्या का निस्तारण कराया। संतुष्ट होकर किसान ने लिखकर दिया कि अब उसे कोई शिकायत नहीं है।
थाना भोजीपुरा क्षेत्र के गांव जालिम नगला निवासी किसान बनवारी लाल ने 1.82 हेक्टेयर भूमि में गन्ने की फसल लगाई है। उनके पिता के नाम से 22 पर्चियां जारी होनी हैं। किसान का आरोप है कि गन्ना विभाग ने उसके गन्ना रकबे की ठीक से पैमाइश नहीं की। चीनी मिल उसकी पर्ची नहीं भेज रहे। वह गन्ना उपायुक्त के दफ्तर गए तो समस्या निस्तारण के बजाय उससे कह दिया गया कि जाओ, पंखे से लटक जाओ। एडीएम सिटी ओपी वर्मा ने गन्ना उपायुक्त सत्येंद्र सिंह से बात की। जिला गन्ना अधिकारी पीएन सिंह किसान की गन्ने की पर्ची कंप्यूटर से डाउनलोड करके एडीएम सिटी के पास लेकर गए। इससे संतुष्ट होने के बाद किसान ने लिखित में दिया कि अब उसे प्रशासनिक और गन्ना विभाग के अफसरों से कोई शिकायत नहीं है। उधर, गन्ना उपायुक्त सत्येंद्र सिंह का कहना है कि किसान उनसे 27 नवंबर को दफ्तर में मिला था। उससे आवेदन लेकर तीन दिन में समस्या का समाधान करा दिया गया। बनवारी लाल गन्ना सोसायटी के सदस्य नहीं है। वह अपने पिता रेवराम की शिकायत लेकर आए थे। किसान का यह आरोप गलत हैं कि उन्होंने उनसे आत्महत्या करने को कहा। उसे किसी ने भड़का दिया है। उनसे रोजाना दर्जनों किसान मिलते हैं। वह किसी से कभी ऐसा नहीं कहते।
विज्ञापन
थाना भोजीपुरा क्षेत्र के गांव जालिम नगला निवासी किसान बनवारी लाल ने 1.82 हेक्टेयर भूमि में गन्ने की फसल लगाई है। उनके पिता के नाम से 22 पर्चियां जारी होनी हैं। किसान का आरोप है कि गन्ना विभाग ने उसके गन्ना रकबे की ठीक से पैमाइश नहीं की। चीनी मिल उसकी पर्ची नहीं भेज रहे। वह गन्ना उपायुक्त के दफ्तर गए तो समस्या निस्तारण के बजाय उससे कह दिया गया कि जाओ, पंखे से लटक जाओ। एडीएम सिटी ओपी वर्मा ने गन्ना उपायुक्त सत्येंद्र सिंह से बात की। जिला गन्ना अधिकारी पीएन सिंह किसान की गन्ने की पर्ची कंप्यूटर से डाउनलोड करके एडीएम सिटी के पास लेकर गए। इससे संतुष्ट होने के बाद किसान ने लिखित में दिया कि अब उसे प्रशासनिक और गन्ना विभाग के अफसरों से कोई शिकायत नहीं है। उधर, गन्ना उपायुक्त सत्येंद्र सिंह का कहना है कि किसान उनसे 27 नवंबर को दफ्तर में मिला था। उससे आवेदन लेकर तीन दिन में समस्या का समाधान करा दिया गया। बनवारी लाल गन्ना सोसायटी के सदस्य नहीं है। वह अपने पिता रेवराम की शिकायत लेकर आए थे। किसान का यह आरोप गलत हैं कि उन्होंने उनसे आत्महत्या करने को कहा। उसे किसी ने भड़का दिया है। उनसे रोजाना दर्जनों किसान मिलते हैं। वह किसी से कभी ऐसा नहीं कहते।
विज्ञापन