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‘केजी से पीजी तक मुफ्त शिक्षा की ओर बढ़ रहा यूपी’
Updated Wed, 05 Sep 2018 12:02 AM IST
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उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने कहा कि प्रदेश सरकार प्रत्येक विद्यार्थी को केजी से पीजी तक मुफ्त शिक्षा देने पर काम कर रही है। प्रदेश अब इस में कदम बढ़ा चुका है। विश्वविद्यालयों में शैक्षिक सत्र नियमित करना, गुणवत्तापरक शिक्षा और नकल विहीन परीक्षा कराना सरकार की जिम्मेदारी है। शोध में गुणवत्तापरक लक्ष्य प्राप्त कर विश्वविद्यालयों में पढ़ाई का स्तर सुधारा जा रहा है।
महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखंड विश्वविद्यालय के 16वें दीक्षांत समारोह में उन्होंने कहा कि आने वाले समय में प्रदेश गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, ई-लाइब्रेरी समेत ऑनलाइन परीक्षा कराने की दिशा में आगे बढ़ेगा। प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में शैक्षिक सत्र नियमित किया जा चुका है। 220 दिन पठन-पाठन अनिवार्य कर दिया गया है। किस कोर्स को कब तक पूरा करना है, इसका लक्ष्य भी निर्धारित किया जा रहा है। पं. दीनदयाल उपाध्याय शोध पीठ की स्थापना के बाद शिक्षक दिवस पर नई शोध पीठ की मंजूरी राज्यपाल से मांगी गई है। आने वाले समय में परीक्षा की अवधि कम होगी। पाठ्यक्रमों में रोजगारपरक कोर्स शामिल किए जाएंगे। ई-लाइब्रेरी से शैक्षणिक गुणवत्ता सुधरेगी। शिक्षक तभी अच्छा बन सकता है, जब वह अच्छा विद्यार्थी रहा हो।
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महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखंड विश्वविद्यालय के 16वें दीक्षांत समारोह में उन्होंने कहा कि आने वाले समय में प्रदेश गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, ई-लाइब्रेरी समेत ऑनलाइन परीक्षा कराने की दिशा में आगे बढ़ेगा। प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में शैक्षिक सत्र नियमित किया जा चुका है। 220 दिन पठन-पाठन अनिवार्य कर दिया गया है। किस कोर्स को कब तक पूरा करना है, इसका लक्ष्य भी निर्धारित किया जा रहा है। पं. दीनदयाल उपाध्याय शोध पीठ की स्थापना के बाद शिक्षक दिवस पर नई शोध पीठ की मंजूरी राज्यपाल से मांगी गई है। आने वाले समय में परीक्षा की अवधि कम होगी। पाठ्यक्रमों में रोजगारपरक कोर्स शामिल किए जाएंगे। ई-लाइब्रेरी से शैक्षणिक गुणवत्ता सुधरेगी। शिक्षक तभी अच्छा बन सकता है, जब वह अच्छा विद्यार्थी रहा हो।
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