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जंगली सुअर ने फिर किया हमला, तीन घायल
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पुवायां (शाहजहांपुर)। पुवायां क्षेत्र में घूम रहा एक जंगली सुअर खतरनाक होता जा रहा है। शुक्रवार को उसने तीन गांवों में ग्रामीणों पर हमला किया। इसमें तीन लोग घायल हो गए। घटना के दौरान लोगों में भगदड़ मच गई। जंगली सुअर लोगों के लिए खतरा बनता जा रहा है, लेकिन वन विभाग के अफसर इसे गंभीरता से नहीं ले रहे हैं।
गांव आवां दुगैया निवासी 20 वर्षीय सदावृक्ष शुक्रवार सुबह खेत में घास काटने गया था। वहां गन्ने में छिपे एक जंगली सुअर ने उस पर हमलाकर घायल कर दिया। शोर मचाने पर आसपास खेतों में काम कर रहे लोग मौके पर पहुंचे। सुअर उनपर भी दौड़ पड़ा। लोगों ने भागकर जान बचाई। इसके बाद सुअर गांव सतवां बुजुर्ग की ओर भाग निकला। गांव सतवां के अनिल कुमार खेत पर थे। सुअर ने उनको भी घायल कर दिया। शोर सुनकर आसपास के लोगों ने उनको बचाया। सुअर यही नहीं रुका। बाद में गांव कंजा पुरेना पहुंचकर खेतों में काम कर रहे सरनाम पर हमला कर घायल कर दिया। शोर मचाने पर गांव से तमाम लोग लाठी, डंडे, भाला आदि लेकर मौके पर पहुंचे। सुअर को गन्ने के खेत में घेर लिया और वनकर्मियों को मामले की जानकारी दी, लेकिन काफी देर तक कोई भी कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा। इस बीच सुअर भी मौका पाकर भाग निकला। लोगों ने पीछा किया तो उसने पीछा करने वालों को दूर तक दौड़ाया। गांव के लोगों ने सुअर को पकड़वाए जाने की मांग की है। कार्रवाई नहीं किए जाने से लोगों में वनकर्मियों के प्रति रोष है।
नहिलोरा में भी देखा गया था सुअर
पुवायां। सुअर को कुछ दिन पूर्व गांव नहिलोरा में भी देखा गया था। वहां भी उसने गांव के लोगों को दौड़ा लिया था। तब मामले की सूचना वन विभाग और पुलिस को दी गई थी, लेकिन इसके बाद कई दिन तक सुअर नहीं देखा गया। शुक्रवार को तीन गांवों में सुअर के तीन लोगों को घायल कर देने से लोगों में दहशत है।
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गांवों में पहुंची वन विभाग की टीम, लोगों को किया सतर्क
पुवायां। जंगली सुअर के हमले में लोगों के घायल होने की जानकारी मिलने के बाद वन विभाग की टीम सतवां बुजुर्ग, आवां दुगैया और कंजा पहुंची और लोगों को सतर्क किया। लोगों को बताया गया कि घास आदि लेने के लिए बड़े गन्ने में घुसने से बचें और एक ये ज्यादा लोग खेतों में साथ जाएं।
तिलहर में हो गई थी महिला की मौत
पुवायां। तिलहर के गांव हाजीपुर में नौ मई 15 को जंगली सुअर के हमले में रामकली की मौत हो गई थी। तिलहर के मोहल्ला सितारगंज के लताफल अली घायल हो गए थे। बाद में गांव के लोगों ने घेराबंदी कर सुअर को मार डाला था।
खुटार में भी तीन लोग हो चुके हैं घायल
पुवायां। खुटार के गांव सिमरई निवासी सुशील कुमार के घर 18 मई 18 को एक जंगली सुअर घुस आया था। सुअर ने सुशील की पत्नी बीना देवी पर हमला कर घायल कर दिया था। सिमरई से लगभग चार किमी दूर गांव लालपुर निवासी मनोहर लाल और रामसनेही पर भी गांव के बाहर जंगली सुअर ने हमला कर दोनों को घायल कर दिया था।
तीन घटनाएं हुई
30 अप्रैल- जैतीपुर में जंगली सुअर ने सफाई कर्मी 35 वर्षीय सुमन पत्नी बबलू पर उसने जानलेवा हमला कर लहूलुहान कर दिया।
02 मई-जैतीपुर। क्षेत्र के गांव मदरुआ स्थित खेत पर दाताराम सिंह परजंगली सुअर ने हमला कर दिया। किसानों ने लाठी डंडों से खदेड़ा।
03 मई-खुदागंज के गांव पहाड़ीपुर भोपत निवासी 35 वर्षीय किसान धनश्याम पर खेत पर गेहूं की फसल काटने के दौरान जंगली सुअर ने हमला कर घायल कर दिया।
सुअर होने की जानकारी पाकर टीम को गांव भेजा गया, लेकिन सुअर नहीं मिला। यदि सुअर ऐसे काबू में नहीं आया तो खाबर लगा कर पकड़ा जाएगा। मामले की सूचना अधिकारियों को भी दी गई है।
संजीव तिवारी, वन क्षेत्राधिकारी सिंधौली रेंज
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गांव आवां दुगैया निवासी 20 वर्षीय सदावृक्ष शुक्रवार सुबह खेत में घास काटने गया था। वहां गन्ने में छिपे एक जंगली सुअर ने उस पर हमलाकर घायल कर दिया। शोर मचाने पर आसपास खेतों में काम कर रहे लोग मौके पर पहुंचे। सुअर उनपर भी दौड़ पड़ा। लोगों ने भागकर जान बचाई। इसके बाद सुअर गांव सतवां बुजुर्ग की ओर भाग निकला। गांव सतवां के अनिल कुमार खेत पर थे। सुअर ने उनको भी घायल कर दिया। शोर सुनकर आसपास के लोगों ने उनको बचाया। सुअर यही नहीं रुका। बाद में गांव कंजा पुरेना पहुंचकर खेतों में काम कर रहे सरनाम पर हमला कर घायल कर दिया। शोर मचाने पर गांव से तमाम लोग लाठी, डंडे, भाला आदि लेकर मौके पर पहुंचे। सुअर को गन्ने के खेत में घेर लिया और वनकर्मियों को मामले की जानकारी दी, लेकिन काफी देर तक कोई भी कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा। इस बीच सुअर भी मौका पाकर भाग निकला। लोगों ने पीछा किया तो उसने पीछा करने वालों को दूर तक दौड़ाया। गांव के लोगों ने सुअर को पकड़वाए जाने की मांग की है। कार्रवाई नहीं किए जाने से लोगों में वनकर्मियों के प्रति रोष है।
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नहिलोरा में भी देखा गया था सुअर
पुवायां। सुअर को कुछ दिन पूर्व गांव नहिलोरा में भी देखा गया था। वहां भी उसने गांव के लोगों को दौड़ा लिया था। तब मामले की सूचना वन विभाग और पुलिस को दी गई थी, लेकिन इसके बाद कई दिन तक सुअर नहीं देखा गया। शुक्रवार को तीन गांवों में सुअर के तीन लोगों को घायल कर देने से लोगों में दहशत है।
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गांवों में पहुंची वन विभाग की टीम, लोगों को किया सतर्क
पुवायां। जंगली सुअर के हमले में लोगों के घायल होने की जानकारी मिलने के बाद वन विभाग की टीम सतवां बुजुर्ग, आवां दुगैया और कंजा पहुंची और लोगों को सतर्क किया। लोगों को बताया गया कि घास आदि लेने के लिए बड़े गन्ने में घुसने से बचें और एक ये ज्यादा लोग खेतों में साथ जाएं।
तिलहर में हो गई थी महिला की मौत
पुवायां। तिलहर के गांव हाजीपुर में नौ मई 15 को जंगली सुअर के हमले में रामकली की मौत हो गई थी। तिलहर के मोहल्ला सितारगंज के लताफल अली घायल हो गए थे। बाद में गांव के लोगों ने घेराबंदी कर सुअर को मार डाला था।
खुटार में भी तीन लोग हो चुके हैं घायल
पुवायां। खुटार के गांव सिमरई निवासी सुशील कुमार के घर 18 मई 18 को एक जंगली सुअर घुस आया था। सुअर ने सुशील की पत्नी बीना देवी पर हमला कर घायल कर दिया था। सिमरई से लगभग चार किमी दूर गांव लालपुर निवासी मनोहर लाल और रामसनेही पर भी गांव के बाहर जंगली सुअर ने हमला कर दोनों को घायल कर दिया था।
तीन घटनाएं हुई
30 अप्रैल- जैतीपुर में जंगली सुअर ने सफाई कर्मी 35 वर्षीय सुमन पत्नी बबलू पर उसने जानलेवा हमला कर लहूलुहान कर दिया।
02 मई-जैतीपुर। क्षेत्र के गांव मदरुआ स्थित खेत पर दाताराम सिंह परजंगली सुअर ने हमला कर दिया। किसानों ने लाठी डंडों से खदेड़ा।
03 मई-खुदागंज के गांव पहाड़ीपुर भोपत निवासी 35 वर्षीय किसान धनश्याम पर खेत पर गेहूं की फसल काटने के दौरान जंगली सुअर ने हमला कर घायल कर दिया।
सुअर होने की जानकारी पाकर टीम को गांव भेजा गया, लेकिन सुअर नहीं मिला। यदि सुअर ऐसे काबू में नहीं आया तो खाबर लगा कर पकड़ा जाएगा। मामले की सूचना अधिकारियों को भी दी गई है।
संजीव तिवारी, वन क्षेत्राधिकारी सिंधौली रेंज