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शिव पार्वती मंदिर में कथा का आयोजन
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बरेली। डिफेंस कॉलोनी स्थित शिव पार्वती मंदिर में चल रही श्रीशिव महापुराण कथा के दूसरे दिन वृंदावन से आए कथा व्यास राम लोचन पाराशर ने शिव पूजन के लिए कलश स्थापना का महत्व बताया। कहा, बिना शिव कलश स्थापना के पूजा विफल मानी जाती है। बताया कि सृष्टि की रचना आदि शिव और आदि शक्ति के मिलन से हुई, जिसके बाद शिव से विष्णु की उत्पत्ति हुई और उनकी नाभि से ब्रह्मा की।
बताया कि अपनी उत्पत्ति का आधार भूलकर विष्णु और ब्रह्मा जी बड़ा कौन इस पर विवाद कर बैठे। तब आदि शिव ने प्रकाश स्तम्भ दोनों के मध्य प्रकट किया, जो शिव लिंग कहलाया। इसके बाद उन्होंने काल भैरव को प्रकट किया, जिससेक्रमश: प्रभु शिव के 12 ज्योतिर्लिंग प्रकट हुए। जिनके दर्शन से मानव को मुक्ति प्रदान होती है। इस दौरान इंद्रभान सक्सेना, अचल सक्सेना और रामकी बेटी व अन्य मौजूद रहे।
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बताया कि अपनी उत्पत्ति का आधार भूलकर विष्णु और ब्रह्मा जी बड़ा कौन इस पर विवाद कर बैठे। तब आदि शिव ने प्रकाश स्तम्भ दोनों के मध्य प्रकट किया, जो शिव लिंग कहलाया। इसके बाद उन्होंने काल भैरव को प्रकट किया, जिससेक्रमश: प्रभु शिव के 12 ज्योतिर्लिंग प्रकट हुए। जिनके दर्शन से मानव को मुक्ति प्रदान होती है। इस दौरान इंद्रभान सक्सेना, अचल सक्सेना और रामकी बेटी व अन्य मौजूद रहे।
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