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नगर आयुक्त ने रोका पौने चार करोड़ का भुगतान, ठेकेदार परेशान
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बरेली। नगर निगम के ठेकेदार करीब पौने चार करोड़ के भुगतान फंस जाने से परेशान हैं। पहले तो ऐसे कामों के भुगतान तय व्यवस्था के तहत आसानी से हो जाते थे, लेकिन नए नगर आयुक्त सैमुअल पॉल एन. कामों की जांच के बाद ही भुगतान करने की बात कह रहे हैं। शुक्रवार को कई ठेकेदार साथ मिलकर नगर आयुक्त के पास पहुंचे, फिर भी कोई राहत नहीं मिली। उल्टे नगर आयुक्त ने यह कहकर उनका तनाव और बढ़ा दिया कि निर्माण कार्यों की जांच में वह एसडीएम और तहसीलदारों की भी मदद लेंगे।
नगर आयुक्त सैमुअल पॉल एन. ने पूर्व नगर आयुक्त राजेश श्रीवास्तव के कार्यकाल में पौने चार करोड़ रुपये से हुए करीब 200 कामों का भुगतान रोक दिया है। ये सारे काम पूर्व नगर आयुक्त राजेश श्रीवास्तव के कार्यकाल में मंजूर हुए थे। उनका ट्रांसफर होने के बाद से ठेकेदार भुगतान के लिए चीफ इंजीनियर और एक्सईएन के साथ निर्माण विभाग के अफसरों के पास चक्कर लगा रहे हैं। निर्माण विभाग के अफसरों से राहत नहीं मिली तो शुक्रवार को तमाम ठेकेदार एक साथ नगर आयुक्त से मिलने पहुंचे। उन्होंने बताया कि बहुत सारे काम पूरे हो गए हैं। थोड़े-बहुत काम 20 प्रतिशत तक बाकी रह गए हैं, लेकिन किसी काम का भुगतान नहीं हुआ है।
नगर आयुक्त ने चीफ इंजीनियर से इस संबंध में जानकारी लेने के बाद ठेकेदारों से कहा कि निर्माण कार्यों में कोई धांधली नहीं चलेगी। अगर 80 प्रतिशत तक काम हो गया है तो 25-30 प्रतिशत भुगतान हो जाएगा। बाकी भुगतान से पहले कामों की गुणवत्ता की जांच न सिर्फ वह करेंगे बल्कि इसके लिए जिला प्रशासन से एसडीएम, तहसीलदार की भी मदद लेंगे। बोले- कोई भी काम पूरी निष्पक्षता से किया जाएगा, लेकिन राजनीतिक दबाव में गड़बड़ नहीं होने दी जाएगी।
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नगर आयुक्त सैमुअल पॉल एन. ने पूर्व नगर आयुक्त राजेश श्रीवास्तव के कार्यकाल में पौने चार करोड़ रुपये से हुए करीब 200 कामों का भुगतान रोक दिया है। ये सारे काम पूर्व नगर आयुक्त राजेश श्रीवास्तव के कार्यकाल में मंजूर हुए थे। उनका ट्रांसफर होने के बाद से ठेकेदार भुगतान के लिए चीफ इंजीनियर और एक्सईएन के साथ निर्माण विभाग के अफसरों के पास चक्कर लगा रहे हैं। निर्माण विभाग के अफसरों से राहत नहीं मिली तो शुक्रवार को तमाम ठेकेदार एक साथ नगर आयुक्त से मिलने पहुंचे। उन्होंने बताया कि बहुत सारे काम पूरे हो गए हैं। थोड़े-बहुत काम 20 प्रतिशत तक बाकी रह गए हैं, लेकिन किसी काम का भुगतान नहीं हुआ है।
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नगर आयुक्त ने चीफ इंजीनियर से इस संबंध में जानकारी लेने के बाद ठेकेदारों से कहा कि निर्माण कार्यों में कोई धांधली नहीं चलेगी। अगर 80 प्रतिशत तक काम हो गया है तो 25-30 प्रतिशत भुगतान हो जाएगा। बाकी भुगतान से पहले कामों की गुणवत्ता की जांच न सिर्फ वह करेंगे बल्कि इसके लिए जिला प्रशासन से एसडीएम, तहसीलदार की भी मदद लेंगे। बोले- कोई भी काम पूरी निष्पक्षता से किया जाएगा, लेकिन राजनीतिक दबाव में गड़बड़ नहीं होने दी जाएगी।
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