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बिना बताए कार्ड पर नाम छपवाने पर भड़के कुलसचिव
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बरेली। कुलसचिव एके अरविंद का नाम कई प्रोग्राम के कार्ड पर बिना पूछे डालने पर एक नया बखेड़ा खड़ा हो गया है। शनिवार को वह इतना खफा हो गए कि विभागों और कर्मचारियों को पत्र जारी कर दिया। स्पष्ट कह दिया कि अब बिना पूछे उनका नाम प्रोग्राम के निमंत्रण कार्ड पर डाला तो वह कार्रवाई को मजबूर होंगे। कुलसचिव का सख्त रुख विश्वविद्यालय में चर्चा का विषय बना रहा।
दरअसल एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय में इन दिनों अधिकारियों के बीच अंदरखाने शीतयुद्ध चल रहा है। एक साहब तो ट्रांसफर कराकर दूसरे विश्वविद्यालय चले गए। कुछ मामलों में कुलसचिव बाकी अधिकारियों से खफा चल रहे हैं। पिछले दिनों वह लंबी छुट्टी पर भी चले गए थे। कुछ दिन पूर्व ही लौटे हैं। इन दिनों विश्वविद्यालय में कई प्रोग्राम हुए जिनके निमंत्रण पत्रों पर कुलसचिव का नाम डाल दिया गया। वह इसी बात पर खफा हैं। उनका कहना है कि उनको बिना बताए नाम क्यों डाला गया। शनिवार को उन्होंने एक पत्र जारी कर दिया। कहा कि अब बिना बताए उनके नाम का उपयोग हुआ तो संबंधित के खिलाफ एक्शन लेंगे। पत्र की बात कैंपस में आग की तरह फैल गई। वहीं बाकी अधिकारियों ने इस मामले में कुछ भी बोलने से साफ मना कर दिया।
मेरे नाम से लोगों को कार्यक्रम के कार्ड भेजे गए। कैंपस में कार्यक्रम हुए, लेकिन मुझको किसी ने बताया तक नहीं। बिना बताए मेरे नाम का उपयोग किया गया। यह गलत है। इसलिए सभी विभागों और कर्मचारियों को पत्र भिजवाया। अब कार्यक्रम पर मेरा नाम दिया जाए तो मेरी अनुमति ली जाए। - एके अरविंद, कुलसचिव
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दरअसल एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय में इन दिनों अधिकारियों के बीच अंदरखाने शीतयुद्ध चल रहा है। एक साहब तो ट्रांसफर कराकर दूसरे विश्वविद्यालय चले गए। कुछ मामलों में कुलसचिव बाकी अधिकारियों से खफा चल रहे हैं। पिछले दिनों वह लंबी छुट्टी पर भी चले गए थे। कुछ दिन पूर्व ही लौटे हैं। इन दिनों विश्वविद्यालय में कई प्रोग्राम हुए जिनके निमंत्रण पत्रों पर कुलसचिव का नाम डाल दिया गया। वह इसी बात पर खफा हैं। उनका कहना है कि उनको बिना बताए नाम क्यों डाला गया। शनिवार को उन्होंने एक पत्र जारी कर दिया। कहा कि अब बिना बताए उनके नाम का उपयोग हुआ तो संबंधित के खिलाफ एक्शन लेंगे। पत्र की बात कैंपस में आग की तरह फैल गई। वहीं बाकी अधिकारियों ने इस मामले में कुछ भी बोलने से साफ मना कर दिया।
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मेरे नाम से लोगों को कार्यक्रम के कार्ड भेजे गए। कैंपस में कार्यक्रम हुए, लेकिन मुझको किसी ने बताया तक नहीं। बिना बताए मेरे नाम का उपयोग किया गया। यह गलत है। इसलिए सभी विभागों और कर्मचारियों को पत्र भिजवाया। अब कार्यक्रम पर मेरा नाम दिया जाए तो मेरी अनुमति ली जाए। - एके अरविंद, कुलसचिव
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