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बिल्डरों का फैसला करने वाले बीडीए पर भी रेरा का घेरा
Updated Wed, 21 Nov 2018 12:16 AM IST
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रामगंगा नगर में 13 साल पहले भूखंड बुक कराया था, मगर सालों लंबे जमीन विवाद के चलते भूखंड मिल नहीं पाया। बीडीए ने 1811 रुपये प्रति वर्ग मीटर की दर से अतिरिक्त रुपये देकर भूखंड पर कब्जा लेने की पेशकश की। इससे नाराज भूखंड आवंटी ने भूखंड लेने से इंकार कर 18 फीसदी ब्याज के साथ अपना पैसा वापस मांगा है। बीडीए नौ प्रतिशत ब्याज पर ही रकम वापस करना चाहता है। आवंटी ने बीडीए के खिलाफ रियल एस्टेट रेग्यूलेटिंग अधिनियम (रेरा) में शिकायत दर्ज कराई है। कई अन्य आवंटी भी भूखंड मिलने में हो रही देरी से नाराज होकर रेरा में चले गए हैं।
बदायूं रोड नेकपुर निवासी डॉ. भारती गुप्ता ने रामगंगा नगर के सेक्टर बी-1 में सात नवंबर 2006 में 288 मीटर का प्लाट 7.20 लाख में बुक कराया था। बीडीए को पूरी किस्तें भी चुका दीं। मगर फिर भी भूखंड पर कब्जा नहीं मिला। बीते साल बीडीए ने उन्हें एक पत्र भेजा गया जिसमें कहा गया था कि प्लाट के लिए उन्हें अब 1811 रुपये प्रति वर्ग मीटर की दर से पैसा देना होगा। आवंटी ने आपत्ति जताई कि जिस एरिया में उन्होंने प्लाट बुक कराया था, वहां न सड़क बनी है, न बिजली-पानी जैसी मूलभूत सुविधाएं विकसित हुई हैं जबकि जिस समय प्लाट बुक कराया था तो उसमें बीडीए की शर्त मूलभूत सुविधाएं विकसित करने की थी। बीडीए ने आवंटी को पुराने प्लाट के बदले रामगंगा नगर के विकसित एरिया में उतना ही प्लाट देने की पेशकश की। मगर, किसानों का बढ़ा मुआवजा चुकाने के लिए अतिरिक्त रकम पांच लाख 21 हजार 568 रुपये देने को कहा। आवंटी ने भूखंड लेने से मना कर दिया और रेरा अध्यक्ष की कोर्ट में शिकायत दर्ज कराकर भूखंड की मूल रकम पर प्रति वर्ष 18 फीसदी ब्याज लगाकर अपना 12 साल का ब्याज मूलधान समेत वापस वापस मांगा। इसे लेकर बीडीए में खलबली मची हुई है। अब बीडीए बीच का रास्ता निकालकर मामला सुलझाने में लगा है। रेरा अध्यक्ष की कोर्ट में मामले की सुनवाई अगले महीने होगी।
बदायूं रोड पर रहने वाली डॉक्टर ने रामगंगा नगर में भूखंड न लेकर अपना पैसा 18 प्रतिशत ब्याज समेत वापस मांगा है। हम उनको भूखंड देना चाहते हैं। उनसे बातचीत कर विवाद सुलझा लिया जाएगा।
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- आरके चौधरी, एई बीडीए
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बदायूं रोड नेकपुर निवासी डॉ. भारती गुप्ता ने रामगंगा नगर के सेक्टर बी-1 में सात नवंबर 2006 में 288 मीटर का प्लाट 7.20 लाख में बुक कराया था। बीडीए को पूरी किस्तें भी चुका दीं। मगर फिर भी भूखंड पर कब्जा नहीं मिला। बीते साल बीडीए ने उन्हें एक पत्र भेजा गया जिसमें कहा गया था कि प्लाट के लिए उन्हें अब 1811 रुपये प्रति वर्ग मीटर की दर से पैसा देना होगा। आवंटी ने आपत्ति जताई कि जिस एरिया में उन्होंने प्लाट बुक कराया था, वहां न सड़क बनी है, न बिजली-पानी जैसी मूलभूत सुविधाएं विकसित हुई हैं जबकि जिस समय प्लाट बुक कराया था तो उसमें बीडीए की शर्त मूलभूत सुविधाएं विकसित करने की थी। बीडीए ने आवंटी को पुराने प्लाट के बदले रामगंगा नगर के विकसित एरिया में उतना ही प्लाट देने की पेशकश की। मगर, किसानों का बढ़ा मुआवजा चुकाने के लिए अतिरिक्त रकम पांच लाख 21 हजार 568 रुपये देने को कहा। आवंटी ने भूखंड लेने से मना कर दिया और रेरा अध्यक्ष की कोर्ट में शिकायत दर्ज कराकर भूखंड की मूल रकम पर प्रति वर्ष 18 फीसदी ब्याज लगाकर अपना 12 साल का ब्याज मूलधान समेत वापस वापस मांगा। इसे लेकर बीडीए में खलबली मची हुई है। अब बीडीए बीच का रास्ता निकालकर मामला सुलझाने में लगा है। रेरा अध्यक्ष की कोर्ट में मामले की सुनवाई अगले महीने होगी।
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बदायूं रोड पर रहने वाली डॉक्टर ने रामगंगा नगर में भूखंड न लेकर अपना पैसा 18 प्रतिशत ब्याज समेत वापस मांगा है। हम उनको भूखंड देना चाहते हैं। उनसे बातचीत कर विवाद सुलझा लिया जाएगा।
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- आरके चौधरी, एई बीडीए