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बिजली जेई सस्पेंड
Updated Thu, 10 May 2018 01:32 AM IST
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अवैध बिजली लाइन खींचने में जेई सस्पेंड
लाइन खींचने के लिए उपभोक्ता से लिए गए चार लाख रुपये
अमर उजाला ब्यूरो
बरेली।
भुता क्षेत्र में संविदा कर्मी ने विभागीय मिलीभगत से 10 खंभों की अवैध लाइन खींच दी। ट्रांसफार्मर भी जुगाड़ करके लगा दिया। इसके लिए उपभोक्ता से चार लाख रुपये वसूले गए। मामला संज्ञान में आने पर चीफ इंजीनियर ने जांच कराई और पुष्टि होने पर जेई को सस्पेंड कर दिया।
भुता के डॉ. रतनपाल सिंह ने काफी समय पहले बिजली कनेक्शन के लिए आवेदन किया था। भुता सब स्टेशन के संविदा कर्मचारी नरेश पाल ने इसके लिए उनसे चार लाख रुपये ले लिए और 10 खंभे गाड़कर लाइन खींच दी। 63 केवीए का ट्रांसफार्मर भी रख दिया। मगर कनेक्शन नहीं जोड़ा गया। कनेक्शन के रतनपाल ने विभागीय अधिकारियों से संपर्क किया तो पता चला कि उनकी फाइल ही नहीं बनी है। इस बीच विजिलेंस टीम पहुंची तो खुलासा हुआ कि रतनपाल के साथ धोखाधड़ी की गई है। चीफ इंजीनियर ने जांच कमेटी गठित कर दी। अधिशासी अभियंता रणजीत चौधरी और एसडीओ आशीष राहुल ने जांच की तो पता चला कि विभाग से बिना किसी अनुमति के फर्जी तरीके से लाइन खींचकर ट्रांसफार्मर लगाया गया है। ट्रांसफार्मर संविदा कर्मी को कहां से मिला इसकी जांच की जा रही है। जांच कमेटी की रिपोर्ट पर बुधवार को भुता सब स्टेशन के जेई सुभाष कश्यप को निलंबित कर दिया गया। इस मामले में जांच कमेटी के सदस्य एवं इस क्षेत्र के एसडीओ आशीष राहुल का भी जवाब तलब किया गया है।
बिलों में हो रही हेराफेरी की कराई जाए जांच
विद्युत परिषद जूनियर इंजीनियर संगठन ने एक बैठक कर एसई तारिक वारसी को ज्ञापन सौंपा। इसमें कहा गया है कि ग्रामीण खंडों में बिल संशोधन के नाम पर करोड़ों रुपये का चूना लगाया जा रहा है। उन्होंने इसके प्रमाण भी दिए और अधिशासी अभियंता एवं अन्य स्टाफ पर कार्रवाई की मांग की। देवेंद्र सिंह, हीरालाल गुप्ता, विकास सिंह, अखिलेश यादव, महेंद्र सिंह, आरके झा आदि मौजूद रहे।
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लाइन खींचने के लिए उपभोक्ता से लिए गए चार लाख रुपये
अमर उजाला ब्यूरो
बरेली।
भुता क्षेत्र में संविदा कर्मी ने विभागीय मिलीभगत से 10 खंभों की अवैध लाइन खींच दी। ट्रांसफार्मर भी जुगाड़ करके लगा दिया। इसके लिए उपभोक्ता से चार लाख रुपये वसूले गए। मामला संज्ञान में आने पर चीफ इंजीनियर ने जांच कराई और पुष्टि होने पर जेई को सस्पेंड कर दिया।
भुता के डॉ. रतनपाल सिंह ने काफी समय पहले बिजली कनेक्शन के लिए आवेदन किया था। भुता सब स्टेशन के संविदा कर्मचारी नरेश पाल ने इसके लिए उनसे चार लाख रुपये ले लिए और 10 खंभे गाड़कर लाइन खींच दी। 63 केवीए का ट्रांसफार्मर भी रख दिया। मगर कनेक्शन नहीं जोड़ा गया। कनेक्शन के रतनपाल ने विभागीय अधिकारियों से संपर्क किया तो पता चला कि उनकी फाइल ही नहीं बनी है। इस बीच विजिलेंस टीम पहुंची तो खुलासा हुआ कि रतनपाल के साथ धोखाधड़ी की गई है। चीफ इंजीनियर ने जांच कमेटी गठित कर दी। अधिशासी अभियंता रणजीत चौधरी और एसडीओ आशीष राहुल ने जांच की तो पता चला कि विभाग से बिना किसी अनुमति के फर्जी तरीके से लाइन खींचकर ट्रांसफार्मर लगाया गया है। ट्रांसफार्मर संविदा कर्मी को कहां से मिला इसकी जांच की जा रही है। जांच कमेटी की रिपोर्ट पर बुधवार को भुता सब स्टेशन के जेई सुभाष कश्यप को निलंबित कर दिया गया। इस मामले में जांच कमेटी के सदस्य एवं इस क्षेत्र के एसडीओ आशीष राहुल का भी जवाब तलब किया गया है।
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बिलों में हो रही हेराफेरी की कराई जाए जांच
विद्युत परिषद जूनियर इंजीनियर संगठन ने एक बैठक कर एसई तारिक वारसी को ज्ञापन सौंपा। इसमें कहा गया है कि ग्रामीण खंडों में बिल संशोधन के नाम पर करोड़ों रुपये का चूना लगाया जा रहा है। उन्होंने इसके प्रमाण भी दिए और अधिशासी अभियंता एवं अन्य स्टाफ पर कार्रवाई की मांग की। देवेंद्र सिंह, हीरालाल गुप्ता, विकास सिंह, अखिलेश यादव, महेंद्र सिंह, आरके झा आदि मौजूद रहे।
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