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खतरा: सेना की घोड़ा बटालियन में हाई अलर्ट
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बरेली। जिले के दो घोड़ों में ग्लैंडर्स की पुष्टि के बाद सेना की घोड़ा बटालियन में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। सेना के उच्चाधिकारियों को भी इस संबंध में रिपोर्ट भेजे जाने के साथ सेटेलाइट चौराहे से बियाबानी कोठी की ओर जाने वाले घोड़ा बटालियन के रास्ते पर घोड़ों, बग्घी और दूसरे पशुओं की आवाजाही पर पूरी तरह पाबंदी लगा दी गई है ताकि सेना के घोड़ों के ग्लैंडर्स के घातक वाइरस के संपर्क में आने की जरा भी आशंका बाकी न रहे।
घोड़ा बटालियन में साढ़े पांच सौ से ज्यादा घोड़े हैं जिनसे दुर्गम इलाकों में सेना की चौकियों तक रसद पहुंचाने का काम लिया जाता है। इस लिहाज से घोड़ा बटालियन को सेना का बेहद महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है। इसी कारण रिठौरा और भोजीपुरा में दो घोड़ों में जानलेवा बीमारी ग्लैंडर्स की पुष्टि के बाद घोड़ा बटालियन में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। बता दें कि पशु चिकित्सकों के मुताबिक ग्लैंडर्स के वाइरस 5-6 किमी तक के दायरे में दूसरे घोड़ों को अपनी चपेट में लेने की क्षमता रखते हैं। इसी वजह से घोड़ा बटालियन में हाईअलर्ट के साथ बटालियन के पशु चिकित्सकों को गहनता से घोड़ों और खच्चरों की जांच का निर्देश दिया गया है।
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घोड़ा बटालियन में साढ़े पांच सौ से ज्यादा घोड़े हैं जिनसे दुर्गम इलाकों में सेना की चौकियों तक रसद पहुंचाने का काम लिया जाता है। इस लिहाज से घोड़ा बटालियन को सेना का बेहद महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है। इसी कारण रिठौरा और भोजीपुरा में दो घोड़ों में जानलेवा बीमारी ग्लैंडर्स की पुष्टि के बाद घोड़ा बटालियन में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। बता दें कि पशु चिकित्सकों के मुताबिक ग्लैंडर्स के वाइरस 5-6 किमी तक के दायरे में दूसरे घोड़ों को अपनी चपेट में लेने की क्षमता रखते हैं। इसी वजह से घोड़ा बटालियन में हाईअलर्ट के साथ बटालियन के पशु चिकित्सकों को गहनता से घोड़ों और खच्चरों की जांच का निर्देश दिया गया है।
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