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देर से आना फिर बच्चों को लेने स्कूल जाना.. साहिब ये ठीक नहीं
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बरेली। पुलिस विभाग में अनुशासन और सुधारों के लिए पहचान बना चुके एडीजी जोन अविनाश चंद्र ने चुनाव निपटने के बाद बरेली में भी इस पर काम शुरू कर दिया है। लेटलतीफ और काम के बीच में ही बंक मारने वाले स्टाफ के पेच कसने के लिए उन्होंने नियमावली बना दी है जिसके तहत दस बजे के बाद दफ्तर आने वाले स्टाफ की एंट्री बिना उनकी मर्जी के नहीं होगी। आने-जाने के वक्त के साथ ही काम पर भी एडीजी नजर रखेंगे।
अन्य दफ्तरों की तरह अब तक एडीजी के दफ्तर में भी कर्मचारियों की लेटलतीफी जारी थी। काफी स्टाफ दस बजे के बाद दफ्तर पहुंच रहा था तो इनमें से कई बीच में काम छोड़कर घर चले जा रहे थे। बच्चों को स्कूल से पिकअप करने, किसी को दवा दिलाने और अन्य बहाने बताकर स्टाफ खिसक जाता था। इनमें से कुछ लौट आते थे तो कुछ के दर्शन अगले दिन ही होते थे। चुनाव से पहले ही आमद दर्ज कराने वाले एडीजी तब से माहौल भांप रहे थे। अब उन्होंने इस आजादी पर ब्रेक लगा दिया है। शासन स्तर से ही स्टाफ का कार्य सुबह दस से शाम छह बजे तक फिक्स है। इस अवधि में कोई बिना एडीजी की अनुमति के दफ्तर से नहीं जा सकेगा। हाजिरी को बायोमीट्रिक मशीन लगाई गई है जिसकी टेस्टिंग चल रही है। सुबह दस बजे के बाद 11 बजे तक स्टाफ के लिए गेट बंद रखने का फरमान है। यानि कि कर्मचारी को सुबह दस बजे आना ही होगा। इसके बाद आने वाले कर्मचारी को एडीजी के सामने पेश होकर कारण बताना होगा। दफ्तर में रंगरोगन कराकर बरसों पुराना फर्नीचर भी बदलवा दिया गया है।
कार्यालय में कर्मचारियों की कार्यप्रणाली में सुधार और कार्य में गुणवत्ता बनाए रखने के लिए कुछ जरूरी कदम उठाए गए हैं। इसका आशय सख्ती से नहीं है, कर्मचारियों को खुद समय से आकर अपना काम निपटाना चाहिए और जनसमस्याओं के निस्तारण पर ध्यान देना चाहिए। आदेश का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी।
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- अविनाश चंद्र, एडीजी जोन
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अन्य दफ्तरों की तरह अब तक एडीजी के दफ्तर में भी कर्मचारियों की लेटलतीफी जारी थी। काफी स्टाफ दस बजे के बाद दफ्तर पहुंच रहा था तो इनमें से कई बीच में काम छोड़कर घर चले जा रहे थे। बच्चों को स्कूल से पिकअप करने, किसी को दवा दिलाने और अन्य बहाने बताकर स्टाफ खिसक जाता था। इनमें से कुछ लौट आते थे तो कुछ के दर्शन अगले दिन ही होते थे। चुनाव से पहले ही आमद दर्ज कराने वाले एडीजी तब से माहौल भांप रहे थे। अब उन्होंने इस आजादी पर ब्रेक लगा दिया है। शासन स्तर से ही स्टाफ का कार्य सुबह दस से शाम छह बजे तक फिक्स है। इस अवधि में कोई बिना एडीजी की अनुमति के दफ्तर से नहीं जा सकेगा। हाजिरी को बायोमीट्रिक मशीन लगाई गई है जिसकी टेस्टिंग चल रही है। सुबह दस बजे के बाद 11 बजे तक स्टाफ के लिए गेट बंद रखने का फरमान है। यानि कि कर्मचारी को सुबह दस बजे आना ही होगा। इसके बाद आने वाले कर्मचारी को एडीजी के सामने पेश होकर कारण बताना होगा। दफ्तर में रंगरोगन कराकर बरसों पुराना फर्नीचर भी बदलवा दिया गया है।
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कार्यालय में कर्मचारियों की कार्यप्रणाली में सुधार और कार्य में गुणवत्ता बनाए रखने के लिए कुछ जरूरी कदम उठाए गए हैं। इसका आशय सख्ती से नहीं है, कर्मचारियों को खुद समय से आकर अपना काम निपटाना चाहिए और जनसमस्याओं के निस्तारण पर ध्यान देना चाहिए। आदेश का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी।
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- अविनाश चंद्र, एडीजी जोन