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पर्यावरण से जुड़ेंगे युवा तभी सुरक्षित रहेगी पृथ्वी
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बरेली। पृथ्वी दिवस को लेकर बरेली कॉलेज के भूगोल विभाग में गोष्ठी आयोजित की गई। इसमें विशेषज्ञों ने भूजल बचाने पर जोर दिया। वक्ताओं ने कहा, जब युवा पर्यावरण से जुड़ेंगे तभी पृथ्वी और अन्य जीव-जंतु बचेंगे।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि दिल्ली से आए नेशनल वाटर मिशन के कंसलटेंट डॉ. एपी सिंह ने बताया, भविष्य के लिए पृथ्वी के संसाधनों का संरक्षण बहुत आवश्यक है। इसके लिए युवाओं का जागरूक होना जरूरी है। प्रजेंटेशन के माध्यम से उन्होंने जल संरक्षण में आ रही समस्याओं और उनसे निपटने के उपाय बताए। इसको लेकर सरकार के प्रयासों से अवगत कराया। कहा, सरकार जल मिशन के नाम से नया विभाग बनाने की तैयारी में है, ताकि भविष्य में पेयजल के संकट से बचा जा सके। बॉटनी के विभागाध्यक्ष डॉ. आलोक खरे ने वैश्वीकरण, पर्यावरण परिवर्तन और पानी की कमी से खत्म होते जीव-जंतुआें के बारे में बताया। जंतु विज्ञान के डॉ. राजेंद्र सिंह ने कहा कि युवाओं के आगे आने पर ही इस समस्या का समाधान होगा। पर्यावरण से उनका प्रेम बढ़ना जरूरी है। सेमिनार की अध्यक्षता उप प्राचार्य डॉ. पूर्णिमा अनिल ने की। इस दौरान भूगोल विभाग की अध्यक्ष डॉ. नीरू अग्रवाल, चीफ प्रॉक्टर डॉ. वंदना शर्मा, डॉ. कमल सक्सेना आदि ने भी सेमिनार को संबोधित किया।
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कार्यक्रम के मुख्य अतिथि दिल्ली से आए नेशनल वाटर मिशन के कंसलटेंट डॉ. एपी सिंह ने बताया, भविष्य के लिए पृथ्वी के संसाधनों का संरक्षण बहुत आवश्यक है। इसके लिए युवाओं का जागरूक होना जरूरी है। प्रजेंटेशन के माध्यम से उन्होंने जल संरक्षण में आ रही समस्याओं और उनसे निपटने के उपाय बताए। इसको लेकर सरकार के प्रयासों से अवगत कराया। कहा, सरकार जल मिशन के नाम से नया विभाग बनाने की तैयारी में है, ताकि भविष्य में पेयजल के संकट से बचा जा सके। बॉटनी के विभागाध्यक्ष डॉ. आलोक खरे ने वैश्वीकरण, पर्यावरण परिवर्तन और पानी की कमी से खत्म होते जीव-जंतुआें के बारे में बताया। जंतु विज्ञान के डॉ. राजेंद्र सिंह ने कहा कि युवाओं के आगे आने पर ही इस समस्या का समाधान होगा। पर्यावरण से उनका प्रेम बढ़ना जरूरी है। सेमिनार की अध्यक्षता उप प्राचार्य डॉ. पूर्णिमा अनिल ने की। इस दौरान भूगोल विभाग की अध्यक्ष डॉ. नीरू अग्रवाल, चीफ प्रॉक्टर डॉ. वंदना शर्मा, डॉ. कमल सक्सेना आदि ने भी सेमिनार को संबोधित किया।
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