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अतीक कांड- शासन ने कमिश्नर से मांगा जवाब

Sat, 02 Mar 2019 01:11 AM IST
pawan chandra पवन चंद्रा
Updated Sat, 02 Mar 2019 01:11 AM IST
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अतीक कांड- शासन ने कमिश्नर से मांगा जवाब
बरेली। माफिया का नजदीकी बताने संबंधी ऑडियो वायरल होने के बाद नगर निगम में जलकल विभाग के जीएम निलंबित तो कर दिए गए, लेकिन अफसर इस प्रकरण में विभागीय चार्जशीट देना भूल गए। जबकि शासन ने निलंबन कर सप्ताह भर में आरोप पत्र जारी कर अद्यतन स्थिति से अवगत कराने के निर्देश दिए थे। इसको लेकर शासन ने कमिश्नर से जवाब मांगा है।
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शासन ने एक माह पहले निलंबित हुए जीएम जलकल वीएन द्विवेदी को अब तक आरोप पत्र नहीं देने पर नाराजगी जताई है। संयुक्त सचिव नगर विकास अनुभाग-3 राधे कुमार ने मंडलायुक्त बरेली रणवीर प्रसाद को प्रेषित पत्र में कहा है कि आरोपित जीएम को अभी तक आरोप पत्र क्याें नहीं दिया है। कमिश्नर ने शासन से आए पत्र की प्रति डीएम वीरेंद्र कुमार सिंह को देते हुए कहा है कि तत्काल आरोप पत्र जारी कर, उन्हें अवगत कराया जाए। जिससे शासन को जवाब भेजा जा सके। डीएम ने एडीएम प्रशासन आरएस द्विवेदी से कहा है कि वे निलंबित जलकल जीएम वीएन द्विवेदी को आरोप पत्र जारी करें। बताया जाता है कि एडीएम प्रशासन कार्यालय में ही यह मामला लंबित है।
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यह था मामला
नगर निगम में जलकल विभाग के जीएम वीएन द्विवेदी का जनवरी माह में ऑडियो वायरल हुआ था। इसमें वह खुद को माफिया अतीक अहमद का करीबी बताकर फिरोजाबाद की रिलाइट सोल्यूशन कंपनी के विवेक गुप्ता को धमकाते हुए बताए गए थे। अमर उजाला ने इसे प्रमुखता से छापा तो जीएम ने ब्यान दे दिया कि वह नशे में थे, इसलिए क्या बोल गए पता नहीं। मामला शासन तक पहुंचा तो नगर विकास अनुभाग तीन ने इस प्रकरण में जीएम को तत्काल निलंबन आदेश जारी कर दिया। इसके साथ ही विभागीय अनुशासनिक कार्यवाही करने की संस्तुति और सप्ताह भर में सुसंगत साक्ष्याें सहित आरोप पत्र गठित कर अद्यतन स्थिति से अवगत कराने को कहा था। इसके तहत जीएम द्विवेदी चार फरवरी को निलंबित कर दिए गए। नगर विकास विभाग ने इसमें डीएम को जांच अधिकारी नामित किया था, लेकिन चार्जशीट एक माह बीतने पर भी तैयार नहीं हो पाई। कहा जा रहा है कि अफसर जीएम को विभागीय जांच में फायदा पहुंचाने के लिए चार्जशीट में देरी कर रहे हैं।
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