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नगर निगम से कोठी नंबर 166 का रिकॉर्ड गायब, रिपोर्ट होगी
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बरेली। विजिलेंस की टीम एक बार फिर कोठी नंबर 166 के मामले की पड़ताल में जुट गई है। जमीन में की गई हेराफेरी की शिकायत पर टीम ने दस्तावेज खंगाले और नगर निगम अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी है। जमीन में हेराफेरी करने और डेलीगेशन ऑफ पॉवर से संबंधित रिकॉर्ड नगर निगम में उपलब्ध न होने की बात कही है। सूत्रों के मुताबिक विजिलेंस टीम अब निगम अफसरों पर सूचना न देने के मामले में रिपोर्ट दर्ज कराने की तैयारी में है।
सिविल लाइंस में कोठी नंबर 166 का म्युटेशन कर जमीन किसी और के नाम कर दी गई थी। मामले की शिकायत सीएम तक पहुंची तो जांच के आदेश हुए। शिकायत में जमीन के म्युटेशन में तत्कालीन उप प्रशासक पर पद के दुरुपयोग का आरोप है। 1987 से 1990 तक उप प्रशासक रहे बंशीधर की जांच पड़ताल के लिए शासन ने विजिलेंस से रिपोर्ट मांगी थी। विजिलेंस की टीम ने नगर निगम के अधिकारियों से पूछा था कि तत्कालीन उप प्रशासक ने अपने अधिकार का किस तरह इस्तेमाल किया, लेकिन नगर निगम के अधिकारियों ने अब तक कोई रिपोर्ट नहीं दी और अब रिकॉर्ड न मिलने की बात कह रहे हैं। अपर नगर आयुक्त ईश शक्ति सिंह ने बताया कि विजिलेंस का पत्र मिला है। 1987 से 1990 तक कार्यरत रहे कर्मचारियों को बुलाकर दस्तावेज ढुंढवाए जा रहे हैं।
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सिविल लाइंस में कोठी नंबर 166 का म्युटेशन कर जमीन किसी और के नाम कर दी गई थी। मामले की शिकायत सीएम तक पहुंची तो जांच के आदेश हुए। शिकायत में जमीन के म्युटेशन में तत्कालीन उप प्रशासक पर पद के दुरुपयोग का आरोप है। 1987 से 1990 तक उप प्रशासक रहे बंशीधर की जांच पड़ताल के लिए शासन ने विजिलेंस से रिपोर्ट मांगी थी। विजिलेंस की टीम ने नगर निगम के अधिकारियों से पूछा था कि तत्कालीन उप प्रशासक ने अपने अधिकार का किस तरह इस्तेमाल किया, लेकिन नगर निगम के अधिकारियों ने अब तक कोई रिपोर्ट नहीं दी और अब रिकॉर्ड न मिलने की बात कह रहे हैं। अपर नगर आयुक्त ईश शक्ति सिंह ने बताया कि विजिलेंस का पत्र मिला है। 1987 से 1990 तक कार्यरत रहे कर्मचारियों को बुलाकर दस्तावेज ढुंढवाए जा रहे हैं।
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