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होली पर भी मोर्चा लेगी चाइनीज मटर
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बरेली। सब्जीमंडी में इन दिनों चाइनीज मटर की भरमार है। कुछ लोग इसे हाइब्रिड मटर बता रहे हैं। इसकी फली देसी मटर से ज्यादा लंबी और भरी होने के साथ मोटे छिलके वाली हैं। कारोबारी बताते हैं कि यह चाइनीज मटर होली तक बाजार में छायी रहेगी। गरम मौसम होते ही इसका उत्पादन कम हो जाएगा। मंडी में इसकी कीमत करीब 15 रुपये किलो है।
सितंबर से जनवरी तक मंडी में आने वाली मीठी और छोटी फली वाली मटर अब बाजार से लगभग गायब है। कुछ एक फड़ों पर यह मटर करीब दस रुपये किलो बेची जा रही है लेकिन पक जाने के कारण रंगहीन और बेस्वाद सी हो गई है। मगर शाकाहारी भोजन में खास महत्व रखने के चलते मटर की मांग हमेशा बनी रहती है। ऑफ सीजन में कोल्ड स्टोरेज की तो अन्य दिनों में ताजी मटर। देसी मटर दिसंबर-जनवरी तक ही बेहतर मानी जाती है। इसके बाद इसका स्थान चाइनीज मटर ले लेती है। हालांकि डीआईजी राजेश पांडेय को पीलीभीत दौरे के दौरान जानकारी मिली थी कि चीन से मटर की तस्करी करके भारत लाया जा रहा है। जब इसकी पड़ताल बरेली मंडी में की गई तो पता चला कि जीएस-8 बीज से उगाई जाने वाली मटर बदायूं एवं आसपास के इलाकों में उगाया जाता है। इसकी पैदावार तेजी से होती है और इसकी फली भरी एवं लंबी होने के कारण इसमें दाने का प्रतिशत 65-70 तक होता है जबकि देसी मटर में छिलका और दाने का अनुपात लगभग आधा-आधा होता है।
बाजार में चाइनीज के नाम से आ रही मटर का डंठल मजबूत है और उसकी फली चार इंच तक लंबी है। इसके दाने भी ज्यादा निकलते हैं लेकिन यह मटर विदेशी नहीं है। - सुजाउर रहमान, अध्यक्ष थोक सब्जी विक्रेता एसोसिएशन
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सितंबर से जनवरी तक मंडी में आने वाली मीठी और छोटी फली वाली मटर अब बाजार से लगभग गायब है। कुछ एक फड़ों पर यह मटर करीब दस रुपये किलो बेची जा रही है लेकिन पक जाने के कारण रंगहीन और बेस्वाद सी हो गई है। मगर शाकाहारी भोजन में खास महत्व रखने के चलते मटर की मांग हमेशा बनी रहती है। ऑफ सीजन में कोल्ड स्टोरेज की तो अन्य दिनों में ताजी मटर। देसी मटर दिसंबर-जनवरी तक ही बेहतर मानी जाती है। इसके बाद इसका स्थान चाइनीज मटर ले लेती है। हालांकि डीआईजी राजेश पांडेय को पीलीभीत दौरे के दौरान जानकारी मिली थी कि चीन से मटर की तस्करी करके भारत लाया जा रहा है। जब इसकी पड़ताल बरेली मंडी में की गई तो पता चला कि जीएस-8 बीज से उगाई जाने वाली मटर बदायूं एवं आसपास के इलाकों में उगाया जाता है। इसकी पैदावार तेजी से होती है और इसकी फली भरी एवं लंबी होने के कारण इसमें दाने का प्रतिशत 65-70 तक होता है जबकि देसी मटर में छिलका और दाने का अनुपात लगभग आधा-आधा होता है।
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बाजार में चाइनीज के नाम से आ रही मटर का डंठल मजबूत है और उसकी फली चार इंच तक लंबी है। इसके दाने भी ज्यादा निकलते हैं लेकिन यह मटर विदेशी नहीं है। - सुजाउर रहमान, अध्यक्ष थोक सब्जी विक्रेता एसोसिएशन
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