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सिटी मजिस्ट्रेट के साथ एफएसडीए टीम ने मारे छापे
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बरेली। नए साहब तो नए अंदाज। होली से पहले अचानक मिठाई और गुझिया-नमकीन बनाने वालों पर छापों की कार्रवाई शुरू हुई तो पहला निशाना शहर का एक प्रमुख ब्रांड बना। सिटी मजिस्ट्रेट संजय कुमार की अगुवाई में प्रशासन और एफएसडीए की संयुक्त टीम ने बृहस्पतिवार को सुबह से शाम तक सिविल लाइंस, स्वालेनगर और परसाखेड़ा इंडस्ट्रियल एरिया समेत पांच स्थानों पर छापे मारकर आठ नमूने भरे। स्वालेनगर स्थित प्रतिष्ठान पर 25 बोरी बेसन भी सीज कर दिया गया। इस कार्रवाई से न सिर्फ मिठाई-नमकीन के कारोबारियों बल्कि बेसन-मैदा का कारोबार करने वालों में भी खलबली मच गई। हालांकि कार्रवाई की नंबर आया तो सिर्फ फर्म को नोटिस जारी किया गया। इस फर्म के मालिक को 23 मार्च को सिटी मजिस्ट्रेट कोर्ट में तलब भी किया गया है।
बृहस्पतिवार सुबह सिटी मजिस्ट्रेट संजय कुमार ने एसीएम फर्स्ट मदन कुमार और जिला अभिहित अधिकारी डीआर मिश्रा को बुलाकर छापे मारने की जानकारी दी। सिटी मजिस्ट्रेट की अगुवाई में टीम सबसे पहले परसाखेड़ा इंडस्ट्रियल एरिया में पहुंची जहां एक नमकीन फैक्ट्री से बेसन समेत दो नमूने लिए। एक अन्य प्रतिष्ठान से मैदा और सूजी के दो नमूने भरे। इसके बाद टीम ने रामपुर मार्ग पर स्वालेनगर की एक मिठाई फैक्ट्री पर छापा मारा। यहां से टीम ने मावे और बेसन के तीन नमूने भरे और 25 बोरी बेसन सीज भी कर दिया। सिविल लाइंस स्थित एक प्रमुख मिष्ठान विक्रेता के यहां से मावा से बनी बर्फी का नमूना लिया। पांच स्थानों से कुल आठ नमूने भरे गए। जिला अभिहित अधिकारी डीआर मिश्रा ने बताया कि लिए गए नमूनों का परीक्षण लैब में किया जाएगा, इसके बाद ही अगली कार्रवाई होगी।
हालांकि इस कार्रवाई के बाद सिटी मजिस्ट्रेट की ओर से एक फर्म को नोटिस जारी किया। इसमें चेतावनी दी गई है कि कि मिठाई के निर्माण, पैकिंग में मानकों का पालन किया जाए। इसके साथ नोटिस में कहा है कि मौके पर एक्सपायर्ड खाद्य पदार्थों से मिठाई बनाई जा रही थी। टीम ने मैदा, सूजी और खोए, मावा से बनी बर्फी के तीन नमूने भरे हैं।
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टॉयलेट के पास बनती मिलीं मिठाइयां एक्सपायर्ड खाद्य पदार्थों का इस्तेमाल
सिटी मजिस्ट्रेट ने शहर के एक बड़े प्रतिष्ठान को धारा 133 (1) दंड प्रक्रिया संहिता के तहत सशर्त आदेश जारी किया है। इसमें कहा है कि उनके निरीक्षण में पाया गया कि मिठाइयों का अधोमानक तरीके से निर्माण और पैकिंग हो रही थी। जहां यह काम किया जा रहा था, वहां आसपास गंदगी का अंबार लगा हुआ था। टायलेट और वाश बेसिन के आसपास तक मिठाइयां रखी मिलीं। पैकिेंग और रखरखाव के मानकों को पूरी तरह अनदेखा कर दिया गया था। यह भी पाया गया कि मिठाइयों में एक्सपायर्ड खाद्य पदार्थों का इस्तेमाल किया जा रहा था। मिठाइयां बनाने और पैक करने का तरीका भी अधोमानक था। हालांकि इसके बावजूद अधोमानक मिठाइयों को मौके पर नष्ट नहीं कराया गया। सिटी मजिस्ट्रेट की ओर से प्रतिष्ठान मालिक को ही यह जिम्मेदारी सौंप दी गई।
जिन रिपोर्ट पर कार्रवाई करनी थी उन्हें अब तक दबाए बैठे हैं
दिवाली पर एफएसडीए ने कई प्रतिष्ठानों पर छापे मारकर मिठाई, नमकीन, बेकरी, पिज्जा जैसी चीजों के नमूने भरे थे। बिहारीपुर में दो राशन की दुकानों से भी खाद्यान्न के नमूने लिए गए। इनमें से ज्यादातर नमूने लैब में परीक्षण के बाद अधोमानक और असुरक्षित पाए गए। जिला अभिहित अधिकारी कार्यालय लैब से आई इन सभी विश्लेषण रिपोर्ट को दबाए बैठा है। कुछ दिन पहले ही जिले में आए नए अफसर को भी इसकी जानकारी नहीं है जबकि यह मामला बेहद गंभीर और जन स्वास्थ्य से जुड़ा माना गया था। इन रिपोर्ट पर कार्रवाई के बजाय बृहस्पतिवार सुबह कुछ खास प्रतिष्ठानों पर छापा मारा गया जबकि हालत यह है कि हर गली-मोहल्ले और गांव तक होली से पहले मिलावटी मिठाई और नमकीन बड़े पैमाने पर तैयार हो रही है। हर दिन लाखों रुपये का माल बाजार में खपाया जा रहा है। एफएसडीए की टीम ने साहब को यह भी नहीं बताया कि श्यामगंज, डीडीपुरम, सिविल लाइंस, सुभाषनगर, बड़ा बाजार समेत कई स्थानों से लिए गए मिठाई, नमकीन, बेकरी और पिज्जा आदि के सैंपल की रिपोर्ट जन स्वास्थ्य के विपरीत मिली है। इन सारे दागी प्रतिष्ठानों को जुर्म साबित होने के बाद भी अभयदान दे दिया गया।
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बृहस्पतिवार सुबह सिटी मजिस्ट्रेट संजय कुमार ने एसीएम फर्स्ट मदन कुमार और जिला अभिहित अधिकारी डीआर मिश्रा को बुलाकर छापे मारने की जानकारी दी। सिटी मजिस्ट्रेट की अगुवाई में टीम सबसे पहले परसाखेड़ा इंडस्ट्रियल एरिया में पहुंची जहां एक नमकीन फैक्ट्री से बेसन समेत दो नमूने लिए। एक अन्य प्रतिष्ठान से मैदा और सूजी के दो नमूने भरे। इसके बाद टीम ने रामपुर मार्ग पर स्वालेनगर की एक मिठाई फैक्ट्री पर छापा मारा। यहां से टीम ने मावे और बेसन के तीन नमूने भरे और 25 बोरी बेसन सीज भी कर दिया। सिविल लाइंस स्थित एक प्रमुख मिष्ठान विक्रेता के यहां से मावा से बनी बर्फी का नमूना लिया। पांच स्थानों से कुल आठ नमूने भरे गए। जिला अभिहित अधिकारी डीआर मिश्रा ने बताया कि लिए गए नमूनों का परीक्षण लैब में किया जाएगा, इसके बाद ही अगली कार्रवाई होगी।
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हालांकि इस कार्रवाई के बाद सिटी मजिस्ट्रेट की ओर से एक फर्म को नोटिस जारी किया। इसमें चेतावनी दी गई है कि कि मिठाई के निर्माण, पैकिंग में मानकों का पालन किया जाए। इसके साथ नोटिस में कहा है कि मौके पर एक्सपायर्ड खाद्य पदार्थों से मिठाई बनाई जा रही थी। टीम ने मैदा, सूजी और खोए, मावा से बनी बर्फी के तीन नमूने भरे हैं।
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टॉयलेट के पास बनती मिलीं मिठाइयां एक्सपायर्ड खाद्य पदार्थों का इस्तेमाल
सिटी मजिस्ट्रेट ने शहर के एक बड़े प्रतिष्ठान को धारा 133 (1) दंड प्रक्रिया संहिता के तहत सशर्त आदेश जारी किया है। इसमें कहा है कि उनके निरीक्षण में पाया गया कि मिठाइयों का अधोमानक तरीके से निर्माण और पैकिंग हो रही थी। जहां यह काम किया जा रहा था, वहां आसपास गंदगी का अंबार लगा हुआ था। टायलेट और वाश बेसिन के आसपास तक मिठाइयां रखी मिलीं। पैकिेंग और रखरखाव के मानकों को पूरी तरह अनदेखा कर दिया गया था। यह भी पाया गया कि मिठाइयों में एक्सपायर्ड खाद्य पदार्थों का इस्तेमाल किया जा रहा था। मिठाइयां बनाने और पैक करने का तरीका भी अधोमानक था। हालांकि इसके बावजूद अधोमानक मिठाइयों को मौके पर नष्ट नहीं कराया गया। सिटी मजिस्ट्रेट की ओर से प्रतिष्ठान मालिक को ही यह जिम्मेदारी सौंप दी गई।
जिन रिपोर्ट पर कार्रवाई करनी थी उन्हें अब तक दबाए बैठे हैं
दिवाली पर एफएसडीए ने कई प्रतिष्ठानों पर छापे मारकर मिठाई, नमकीन, बेकरी, पिज्जा जैसी चीजों के नमूने भरे थे। बिहारीपुर में दो राशन की दुकानों से भी खाद्यान्न के नमूने लिए गए। इनमें से ज्यादातर नमूने लैब में परीक्षण के बाद अधोमानक और असुरक्षित पाए गए। जिला अभिहित अधिकारी कार्यालय लैब से आई इन सभी विश्लेषण रिपोर्ट को दबाए बैठा है। कुछ दिन पहले ही जिले में आए नए अफसर को भी इसकी जानकारी नहीं है जबकि यह मामला बेहद गंभीर और जन स्वास्थ्य से जुड़ा माना गया था। इन रिपोर्ट पर कार्रवाई के बजाय बृहस्पतिवार सुबह कुछ खास प्रतिष्ठानों पर छापा मारा गया जबकि हालत यह है कि हर गली-मोहल्ले और गांव तक होली से पहले मिलावटी मिठाई और नमकीन बड़े पैमाने पर तैयार हो रही है। हर दिन लाखों रुपये का माल बाजार में खपाया जा रहा है। एफएसडीए की टीम ने साहब को यह भी नहीं बताया कि श्यामगंज, डीडीपुरम, सिविल लाइंस, सुभाषनगर, बड़ा बाजार समेत कई स्थानों से लिए गए मिठाई, नमकीन, बेकरी और पिज्जा आदि के सैंपल की रिपोर्ट जन स्वास्थ्य के विपरीत मिली है। इन सारे दागी प्रतिष्ठानों को जुर्म साबित होने के बाद भी अभयदान दे दिया गया।