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ढाबा मालिक की हत्या में नौकर को उम्र कैद
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बरेली। ढाबा मालिक की हत्या के आरोपी नौकर को अदालत ने उम्र कैद की सजा सुनाई है। यह आदेश विशेष न्यायाधीश देवेंद्र सिंह ने दिया।
मामले में मृतक के फौजी भाई सतेंद्र कुमार ने 10 जून, 2017 को थाना फतेहगंज पूर्वी में रिपोर्ट लिखाई थी। इसमें कहा गया था कि मृतक देवेंद्र कुमार उनके सगे भाई थे। वह बीस साल से गांव भगवानपुर, तहसील फरीदपुर में रह रहे थे। भाई का एक ढाबा गांव बाकरगंज, फरीदपुर में है जो कई साल से किराए पर दे रखा था। हालांकि, घटना से सालभर पहले से देवेंद्र खुद ही ढाबा चला रहे थे। ढाबे पर कई लोग काम करते थे, जिनमें अभियुक्त अनिल गुप्ता भी शामिल था।
घटना वाली रात बारह बजे देवेंद्र गल्ले के पास पड़े तख्त पर आराम करने के लिए लेट गया। उसी दौरान अनिल गुप्ता ने लकड़ी के दस्ते वाला लोहे का हथौड़ा उठाकर देवेंद्र के सिर पर कई वारकर लहूलुहान कर दिया। आवाज होने पर देवेंद्र की पत्नी, उनके मामा और भाई राजकुमार की आंख खुल गई। सभी देवेंद्र के पास पहुंचे तो उसने बताया कि अनिल उस पर वारकर गल्ले से पैसे और बाइक लेकर फरार हो गया है। परिवारवालों ने देवेंद्र को अस्पताल में भर्ती कराया, जहां कुछ देर बाद उसने दम तोड़ दिया। अभियोजन की ओर से सरकारी वकील जावेद अली खां ने नौ गवाह पेश किए। अदालत ने अभियुक्त अनिल को दोषी मानते हुए उम्र कैद की सजा सुनाई। साथ ही 28 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया।
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मामले में मृतक के फौजी भाई सतेंद्र कुमार ने 10 जून, 2017 को थाना फतेहगंज पूर्वी में रिपोर्ट लिखाई थी। इसमें कहा गया था कि मृतक देवेंद्र कुमार उनके सगे भाई थे। वह बीस साल से गांव भगवानपुर, तहसील फरीदपुर में रह रहे थे। भाई का एक ढाबा गांव बाकरगंज, फरीदपुर में है जो कई साल से किराए पर दे रखा था। हालांकि, घटना से सालभर पहले से देवेंद्र खुद ही ढाबा चला रहे थे। ढाबे पर कई लोग काम करते थे, जिनमें अभियुक्त अनिल गुप्ता भी शामिल था।
घटना वाली रात बारह बजे देवेंद्र गल्ले के पास पड़े तख्त पर आराम करने के लिए लेट गया। उसी दौरान अनिल गुप्ता ने लकड़ी के दस्ते वाला लोहे का हथौड़ा उठाकर देवेंद्र के सिर पर कई वारकर लहूलुहान कर दिया। आवाज होने पर देवेंद्र की पत्नी, उनके मामा और भाई राजकुमार की आंख खुल गई। सभी देवेंद्र के पास पहुंचे तो उसने बताया कि अनिल उस पर वारकर गल्ले से पैसे और बाइक लेकर फरार हो गया है। परिवारवालों ने देवेंद्र को अस्पताल में भर्ती कराया, जहां कुछ देर बाद उसने दम तोड़ दिया। अभियोजन की ओर से सरकारी वकील जावेद अली खां ने नौ गवाह पेश किए। अदालत ने अभियुक्त अनिल को दोषी मानते हुए उम्र कैद की सजा सुनाई। साथ ही 28 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया।
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