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Bareilly News: रेलवे में नौकरी का झांसा देकर 11.10 लाख की ठगी
Wed, 11 Mar 2026 01:11 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Updated Wed, 11 Mar 2026 01:11 AM IST
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फतेहगंज पश्चिमी। रेलवे में नौकरी दिलाने का झांसा देकर युवक से 11.10 लाख रुपये की ठगी की गई। एसएसपी के आदेश पर घटना के तीन साल बाद गुजरात निवासी आरोपी दंपती के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है।
गांव औंध निवासी सचिन सिंह ने एसएसपी को बताया कि वह तीन साल पहले शाहजहांपुर में भाई के कमरे में किराये पर रह रहे थे। उस दौरान गुजरात निवासी शिवशंकर मिश्र और उनकी पत्नी रेखा से उनकी मुलाकात हुई। दंपती ने रेलवे में नौकरी दिलवाने की बात कही। सचिन ने भरोसा करके तीन-चार किस्तों में 11 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। दंपती ने अन्य व्यक्ति की खाते में रकम डलवाई।
भरोसा दिलाने के लिए सचिन को दिल्ली ले जाकर मेडिकल की औपचारिकता पूरी कराई। फर्जी नियुक्तिपत्र भी जारी करा दिया। ट्रेनिंग के लिए भी पत्र जारी हो गया। ट्रेनिंग के नाम पर भी 10,000 रुपये लिए। आरोपी दंपती ने सचिन को ट्रेनिंग के लिए झारखंड में परिचित व्यक्तियों के पास भेज दिया। अगले दिन शिवशंकर भी वहां पहुंच गया। उसने तीन लोगों से मुलाकात कराई। कहा, ये लोग आपको ट्रेनिंग कराएंगे। आरोप है कि वे तीनों सचिन को रेलवे स्टेशन पर घुमाते रहे। रात में झांसा देकर भाग गए। शिवशंकर का मोबाइल नंबर भी बंद आने लगा।
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धोखाधड़ी का अहसास होने पर रेलवे के अधिकारी से जानकारी की। नियुक्तिपत्र और ट्रेनिंग पत्र फर्जी निकले। एसएसपी अनुराग आर्य के निर्देश पर पुलिस ने आरोपी शिवशंकर मिश्र और उसकी पत्नी रेखा को नामजद किया है। थाना प्रभारी प्रयागराज सिंह ने बताया कि मामले की विवेचना शुरू की गई है। आरोपी को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।
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गांव औंध निवासी सचिन सिंह ने एसएसपी को बताया कि वह तीन साल पहले शाहजहांपुर में भाई के कमरे में किराये पर रह रहे थे। उस दौरान गुजरात निवासी शिवशंकर मिश्र और उनकी पत्नी रेखा से उनकी मुलाकात हुई। दंपती ने रेलवे में नौकरी दिलवाने की बात कही। सचिन ने भरोसा करके तीन-चार किस्तों में 11 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। दंपती ने अन्य व्यक्ति की खाते में रकम डलवाई।
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भरोसा दिलाने के लिए सचिन को दिल्ली ले जाकर मेडिकल की औपचारिकता पूरी कराई। फर्जी नियुक्तिपत्र भी जारी करा दिया। ट्रेनिंग के लिए भी पत्र जारी हो गया। ट्रेनिंग के नाम पर भी 10,000 रुपये लिए। आरोपी दंपती ने सचिन को ट्रेनिंग के लिए झारखंड में परिचित व्यक्तियों के पास भेज दिया। अगले दिन शिवशंकर भी वहां पहुंच गया। उसने तीन लोगों से मुलाकात कराई। कहा, ये लोग आपको ट्रेनिंग कराएंगे। आरोप है कि वे तीनों सचिन को रेलवे स्टेशन पर घुमाते रहे। रात में झांसा देकर भाग गए। शिवशंकर का मोबाइल नंबर भी बंद आने लगा।
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धोखाधड़ी का अहसास होने पर रेलवे के अधिकारी से जानकारी की। नियुक्तिपत्र और ट्रेनिंग पत्र फर्जी निकले। एसएसपी अनुराग आर्य के निर्देश पर पुलिस ने आरोपी शिवशंकर मिश्र और उसकी पत्नी रेखा को नामजद किया है। थाना प्रभारी प्रयागराज सिंह ने बताया कि मामले की विवेचना शुरू की गई है। आरोपी को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।