फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   आचार संहिता की आड़ में करोड़ों का पलीता

आचार संहिता की आड़ में करोड़ों का पलीता

Fri, 08 Mar 2019 01:47 AM IST
pawan chandra पवन चंद्रा
Updated Fri, 08 Mar 2019 01:47 AM IST
विज्ञापन
आचार संहिता की आड़ में करोड़ों का पलीता
बरेली। पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों ने आचार संहिता की आड़ में सड़कों की मरम्मत कराने के नाम पर करोड़ों का पलीता लगाने की तैयारी कर ली है। निर्माण खंड (भवन) के अधिकारियों ने गुरुवार की दोपहर सड़क रिपेयरिंग के 20 काम ई-टेंडरिंग के लिए वेबसाइट पर अपलोड किए और इन्हें अगले ही दिन शुक्रवार को खोला जाना है। जबकि ठेकेदारों को टेंडर की प्रक्रिया पूरी करने के लिए कम से कम पांच दिन तो मिलने ही चाहिए। बताते हैं कि अधिकारियों ने अपने चहेते ठेकेदारों से पहले ही सेटिंग कर ली है और अब टेंडर की केवल औपचारिकता पूरी की जा रही है। जबकि पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों का कहना है कि इन कामों के टेंडर पहले भी जारी हो चुके हैं। टेंडर न पड़ने से इन्हें दोबारा टेंडर मांगे जा रहे हैं। आचार संहिता के मद्देनजर इतना समय नहीं है कि ज्यादा समय दिया जा सके।
विज्ञापन

पीडब्ल्यूडी निर्माण खंड भवन डिवीजन ने 20 सड़कों के विशेष मरम्मत कराने के लिए गुरुवार को विभाग की वेबसाइट पर टेंडर अपलोड किए हैं। टेंडर की प्रक्रिया को पूरा करने के लिए ठेकेदारों को कम से कम पांच दिन का वक्त मिलना चाहिए, ताकि वह ड्राफ्ट, एफडीआर सहित दूसरी कागजी औपचारिकता पूर करने का काम आसानी से पूरा करा सके। जबकि निर्माण खंड भवन के अधिकारियों ने गुरुवार को जारी हुए टेंडरों के लिए पूरा एक दिन का वक्त भी नहीं दिया है। बताते हैं कि करोड़ों के इन कामों को देने के लिए पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों ने पहले से ही ठेकेदारों से सेटिंग कर ली है। अब केवल टेंडर प्रक्रिया के नाम पर खानापूर्ति हो रही है। जबकि अधिकारी इस प्रक्रिया को सही ठहरा रहे हैं, क्योंकि आचार संहिता लगने वाली है। साथ ही इन टेंडरों के लिए पहले भी कई बार सूचना जारी हो चुकी है लेकिन ठेकेदार ही नहीं आ रहे हैं। सवाल यह है कि अगर कांट्रेक्टर इसमें नए सिरे से प्रक्रिया पूरे करे तो वह इसमें कैसे शामिल हो सकता है? अफसरों की इस मनमानी को लेकर कांट्रेक्टर्स में भी नाराजगी है।
विज्ञापन


आचार संहिता लगने जा रही है। उससे पहले ही टेंडर प्रक्रिया पूरी होनी है। इसलिए ऐसा किया गया है। वैसे भी इन कामों के लिए पहले भी कई बार टेंडर जारी हो चुके हैं। - वीएम शर्मा, एक्सईएन, पीडब्ल्यूडी निर्माण खंड (भवन)
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed