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हंगामे के बाद विवि कॉपियां चेक कराने को तैयार

Wed, 13 Jun 2018 12:33 AM IST
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,बरेली
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,बरेली Updated Wed, 13 Jun 2018 12:33 AM IST
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student protest over result in university
student protest
बीएससी और एमएससी के खराब रिजल्ट जमकर हंगामा होने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन कॉपियों की रैंडमली चेकिंग कराने का तैयार हो गया। बीएससी और एमएससी की कॉॅपियां रैंडमली चेक करने के लिए एक्सपर्ट की कमेटी बनाई जाएगी। एक्सपर्ट भी बाहर की यूनिवर्सिटी के बुलाए जाएंगे। छात्र चैलेंज इवेल्यूशन के तहत थोड़ी फीस देकर अपनी कॉपी दोबारा चेक करा सकते हैं। छात्रनेता भी इसी शर्त पर शांत हुए कि अगर एक सप्ताह के अंदर छात्रों की समस्या दूर नहीं हुई तो फिर आंदोलन किया जाएगा।
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बता दें कि इस बार बीएससी और एमएससी का रिजल्ट काफी खराब रहा। बीएससी फाइनल में 61 फीसदी और बीएससी प्रथम और द्वितीय में 78 फीसदी छात्र फेल हो गए। एमएससी में भी पचास फीसदी से ज्यादा फेल हुए। बरेली और मुरादाबाद मंडल के छात्र आए दिन विश्वविद्यालय के चक्कर काट रहे थे। मंगलवार को सछास, एनएसयूआई व अन्य छात्रनेताओं के नेतृत्व में सैकड़ों छात्रों ने विश्वविद्यालय में हल्ला बोल दिया। दोपहर करीब बारह बजे से लेकर शाम चार बजे तक छात्रों ने जमकर हंगामा किया। प्रशासनिक गेट बंद होने पर कुछ छात्र गेट के ऊपर से चढ़कर अंदर पहुंच गए। विश्वविद्यालय प्रशासन को प्रदर्शन की पहले ही जानकारी थी, इस लिहाज से कैंपस में बड़ी संख्या में पुलिस की व्यवस्था की गई थी। विश्वविद्यालय प्रशासन और कुलपति के खिलाफ छात्रों ने जमकर नारेबाजी की। विश्वविद्यालय प्रशासन पर तानाशाही का आरोप लगाते कहा कि योग्य परीक्षकों से मूल्यांकन नहीं कराया गया, जिस कारण इतने छात्र फेल हुए हैं। छात्रों ने अपनी मार्कशीट भी दिखाई और कहा कि प्रथम वर्ष में 75 फीसदी अंक आने के बाद द्वितीय वर्ष में शून्य कैसे आ सकता है। मूल्यांकन में कहीं न कहीं चूक हुई है। आरोप लगाया कि इंप्रूवमेंट फार्म भरवाकर विश्वविद्यालय सिर्फ अपना घाटा पूरा करना चाहता है। वहीं छात्रों का आंदोलन उग्र होता देख और पुलिस बल बुलाया गया। सीओ तृतीय नीति द्विवेदी भी मौके पर पहुंचीं। छात्रों को समझाना चाहा, लेकिन वह नहीं माने। चैनल गेट पर कई बार छात्र उग्र भी हुए तो उनको जैसे तैसे शांत कराया गया।
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अंदर बुलाकर कुलपति नहीं मिले
तो गेट पर ही बैठ गए छात्रनेता
पहले तो छात्र कुलपति को बाहर बुलाने पर अड़े रहे, लेकिन कुलपति नहीं आए। बाद में कुलपति ने विश्वविद्यालय के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष शिव प्रताप सिंह, ह्रदेश यादव, वैभव गंगवार, गजेंद्र सिंह, फरहान अली, अनूप यादव, जोगेंद्र सिंह, अवनीश चौबे समेत कुछ छात्रनेताओं को वार्ता के लिए बुलाया। हालांकि उनको तुरंत अंदर नहीं जाने दिया गया तो सभी कुलपति कार्यालय के गेट पर ही धरने पर बैठ गए। यहां छात्र करीब दो घंटे तक धरने पर बैठे रहे। उसके बाद कुलपति ने वार्ता के लिए बुलाया।
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सुबह से पुलिस तैनात, गेट बंद होने से आम लोग हुए परेशान
सुबह से ही कैंपस में बड़ी संख्या में पुलिस बल मौजूद रहा। प्रशासनिक भवन से लेकर मुख्य गेट तक पुलिस बल तैनात रहा। प्रशासनिक भवन के पास भी पुलिस तैनात की गई। वहीं छात्र अंदर न पहुंचें इसके लिए प्रशासनिक भवन के सारे गेट बंद कर दिए गए थे, जिस कारण किसी न किसी काम से आए आम लोगों को परेशानी उठानी पड़ी। तीन घंटे तक प्रशासनिक भवन के सारे गेट बंद रहे, जिस कारण कई शिक्षक भी बाहर नहीं निकल पाए। कोई तोड़फोड़ न हो इसलिए प्रशासनिक भवन के सामने से सारे गमले भी हटा दिए गए थे।



फेल हुए छात्रों के साथ हमारी सहानुभूति है। एक्सपर्ट की एक कमेटी बनाकर रैंडमली कॉपियां चेक कराई जाएंगी। चैलेंज इवेल्यूशन की व्यवस्था कर दी है। छात्र थोड़ा शुल्क देकर अपनी कॉपी दोबारा चेक करा सकते हैं। हमारी पूरी कोशिश रहेगी कि छात्रों का अहित न हो।
-प्रोफेसर अनिल शुक्ल, कुलपति
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