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बरेली के 100 गांव कुपोषण मुक्त होंगे
बरेली।
Updated Tue, 23 May 2017 01:14 AM IST
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100 villages of Bareilly will be free of malnutrition
- फोटो : 100 villages of Bareilly will be free of malnutrition
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प्रदेश सरकार ने पांच हजार गांवों को कुपोषण मुक्त करने के लिए नई योजना लागू कर दी है। इस योजना के तहत बरेली के 100 गांवों को कुपोषण मुक्त किया जाएगा। इसके लिए अधिकारियों ने दो-दो गांव गोदकर ले लिए हैं। ये एक्सरसाइज पिछले राज में भी हुई थी लेकिन गोद लेने वाले अफसर कुछ दिन बाद ही अपने गांवों को भूल गए। इस बार इसके लिए कुछ मानक बनाए गए हैं जिनके आधार पर रेटिंग होगी।
सोमवार को विकास भवन के सभागार में सीडीओ सत्येंद्र कुमार की अध्यक्षता में जिला पोषण समिति की बैठक हुई। इस दौरान कुपोषणमुक्त बनाने के मानक निर्धारित किये गये। जिसमें दो बिन्दु अनिवार्य एवं 10 बिन्दु आवश्यक रखे गये हैं। अनिवार्य कार्यों में पहला यह है कि जिस गांव में कुपोषण से पीड़ित बच्चे हैं, उस गांव में कम से कम 75 प्रतिशत गर्भवती महिलाओं को आयरन गोली वितरण हुआ हो। दूसरा गांव में कोई बच्चा कुपोषण की दृष्टि से लाल श्रेणी में नहीं हो। दस आवश्यक बिन्दुओं को 100 अंकों में विभाजित किया गया है। जिसमें 75 अंक प्राप्त होना आवश्यक होगा। इसमें स्वास्थ्य विभाग से संबंधित है कि गांव में गर्भवती महिलाओं का प्रसव पूर्व सभी जांचें हुई हों। जन्म के एक घंटे के अन्दर नवजात शिशु को स्तनपान कराया गया हो। इसके लिए 25 अंक रखे गये हैं। दूसरा आईसीडीएस विभाग द्वारा अतिरिक्त पुष्टाहार का सही व पूर्ण वितरण हुआ हो। इसके लिये 15 अंक रखे गये हैं। तीसरा शिक्षा विभाग द्वारा किशोरियों को कुपोषण मुक्त स्वच्छता व स्वास्थ्य शिक्षा की समुचित जानकारी दी गई हो। इसके लिये 15 अंक रखे गये हैं। ग्राम्य विकास विभाग ने मनरेगा से गांव की महिलाओं को जोड़ने को 5 अंक रखे। पंचायती राज के कार्य से गांव को ओडीएफ की श्रेणी में होने का 40 अंक रखे गये हैं। पूरे 100 अंकों में कार्य के अनुरूप 75 अंक होने पर गांव कुपोषण मुक्त की श्रेणी में माना जाएगा। जनपद में 50 अधिकारियों ने दो-दो गांव गोद ले लिए हैं। मंगलवार से इन गांवों में काम शुरू हो जाएगा। बैठक का संचालन डीपीओ बुद्धि मिश्रा ने किया। इस अवसर पर डीडीओ रामरक्षपाल यादव सहित विभिन्न विभागों अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
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सोमवार को विकास भवन के सभागार में सीडीओ सत्येंद्र कुमार की अध्यक्षता में जिला पोषण समिति की बैठक हुई। इस दौरान कुपोषणमुक्त बनाने के मानक निर्धारित किये गये। जिसमें दो बिन्दु अनिवार्य एवं 10 बिन्दु आवश्यक रखे गये हैं। अनिवार्य कार्यों में पहला यह है कि जिस गांव में कुपोषण से पीड़ित बच्चे हैं, उस गांव में कम से कम 75 प्रतिशत गर्भवती महिलाओं को आयरन गोली वितरण हुआ हो। दूसरा गांव में कोई बच्चा कुपोषण की दृष्टि से लाल श्रेणी में नहीं हो। दस आवश्यक बिन्दुओं को 100 अंकों में विभाजित किया गया है। जिसमें 75 अंक प्राप्त होना आवश्यक होगा। इसमें स्वास्थ्य विभाग से संबंधित है कि गांव में गर्भवती महिलाओं का प्रसव पूर्व सभी जांचें हुई हों। जन्म के एक घंटे के अन्दर नवजात शिशु को स्तनपान कराया गया हो। इसके लिए 25 अंक रखे गये हैं। दूसरा आईसीडीएस विभाग द्वारा अतिरिक्त पुष्टाहार का सही व पूर्ण वितरण हुआ हो। इसके लिये 15 अंक रखे गये हैं। तीसरा शिक्षा विभाग द्वारा किशोरियों को कुपोषण मुक्त स्वच्छता व स्वास्थ्य शिक्षा की समुचित जानकारी दी गई हो। इसके लिये 15 अंक रखे गये हैं। ग्राम्य विकास विभाग ने मनरेगा से गांव की महिलाओं को जोड़ने को 5 अंक रखे। पंचायती राज के कार्य से गांव को ओडीएफ की श्रेणी में होने का 40 अंक रखे गये हैं। पूरे 100 अंकों में कार्य के अनुरूप 75 अंक होने पर गांव कुपोषण मुक्त की श्रेणी में माना जाएगा। जनपद में 50 अधिकारियों ने दो-दो गांव गोद ले लिए हैं। मंगलवार से इन गांवों में काम शुरू हो जाएगा। बैठक का संचालन डीपीओ बुद्धि मिश्रा ने किया। इस अवसर पर डीडीओ रामरक्षपाल यादव सहित विभिन्न विभागों अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
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