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मां ब्रह्मचारिणी के गूंजे जयकारे
अमर उजाला ब्यूरो/बाराबंकी
Updated Mon, 03 Oct 2016 11:49 PM IST
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चहुंओर माता की भक्ति की धूम
- फोटो : अमर उजाला
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जिले में देवी मां दुर्गा की भक्ति की चहुंओर धूम मची है। मंदिर में मां के दर्शन से लेकर सजाए गए दरबाराें में भक्त स्तुति व महिमा के बखान जगह-जगह हो रहे हैं। द्वितीय तिथि की वृद्धि होने के कारण रविवार के बाद सोमवार को भी माता दुर्गा के दूसरे रूप ब्रह्मचारिणी की पूजा-अर्चना की गई। मंदिर में घंटा-घड़ियाल व जयकाराें की गूंज के साथ ही शहर व ग्रामीण इलाकाें में सजे देवी दरबाराें में मां की महिमा का बखान हुआ।
ब्रह्मलोक की संचालिका और सृष्टि का विस्तार करने वाली माता ब्रह्मचारिणी की पूजा-अर्चना की गई। नवरात्र के तीसरे दिन शहर ही नहीं गांव में भी मंदिराें में देवी गीताें के बीच माता की भक्ति की धूम रही। रविवार के बाद सोमवार को भी देवी स्तुति के बीच द्वितीय स्वरूप ब्रह्मचारिणी की पूजा के साथ ही माता के भजन व कीर्तन हुए। नवरात्र को लेकर देवी भक्ताें का उत्साह चरम पर दिखा।
शहर व ग्रामीण इलाके के छोटे बड़े देवी मंदिराें में घंटा घड़ियाल की गूंज के बीच जयकारे लगते रहे। मंदिरों सुबह और शाम को आरती और भजन-कीर्तन हुआ। सुबह होते ही देवी भक्ति आधारित गीताें ने माहौल भक्तिमय कर दिया। जगह-जगह मां के मंदिर व प्रतिमा को बड़े ही आकर्षक ढंग से सजाया गया है। मंदिरों में देवी गीत गाए जा रहे हैं। देवी गीतों से मंदिर गुंजायमान हो रहे हैं।
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ग्रामीण अंचलों में सोमवार को उत्साही युवकाें ने माता के जयकारे लगाकर पूजा अर्चना की। वहीं महिलाआें, युवतियाें की कतार मां के दर्शन को लगी रहीं। जिले के रामनगर, मसौली, हैदरगढ़, रामसनेहीघाट, सुढ़ियामऊ, फतेहपुर, निंदूरा, सिद्धौर आदि स्थलाें पर भी मां की भक्ति में डूबे भक्त दरबार सजाने के साथ ही विभिन्न कार्यक्रमाें का आयोजन कर रहे हैं।
दो दिन रही द्वितीया
रविवार व सोमवार दोनों दिन मां के द्वितीय स्वरूप ब्रह्मचारिणी की पूजा अर्चना की गई। पं. वीरेंद्र व्यास शास्त्री ने बताया कि द्वितीया तिथि की वृद्धि होने के कारण द्वितीया दो दिन की है। नवरात्र के तीसरे दिन सोमवार को भी मां के दूसरे स्वरूप ब्रह्मचारिणी की पूजा-अर्चना की गई।
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ब्रह्मलोक की संचालिका और सृष्टि का विस्तार करने वाली माता ब्रह्मचारिणी की पूजा-अर्चना की गई। नवरात्र के तीसरे दिन शहर ही नहीं गांव में भी मंदिराें में देवी गीताें के बीच माता की भक्ति की धूम रही। रविवार के बाद सोमवार को भी देवी स्तुति के बीच द्वितीय स्वरूप ब्रह्मचारिणी की पूजा के साथ ही माता के भजन व कीर्तन हुए। नवरात्र को लेकर देवी भक्ताें का उत्साह चरम पर दिखा।
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शहर व ग्रामीण इलाके के छोटे बड़े देवी मंदिराें में घंटा घड़ियाल की गूंज के बीच जयकारे लगते रहे। मंदिरों सुबह और शाम को आरती और भजन-कीर्तन हुआ। सुबह होते ही देवी भक्ति आधारित गीताें ने माहौल भक्तिमय कर दिया। जगह-जगह मां के मंदिर व प्रतिमा को बड़े ही आकर्षक ढंग से सजाया गया है। मंदिरों में देवी गीत गाए जा रहे हैं। देवी गीतों से मंदिर गुंजायमान हो रहे हैं।
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ग्रामीण अंचलों में सोमवार को उत्साही युवकाें ने माता के जयकारे लगाकर पूजा अर्चना की। वहीं महिलाआें, युवतियाें की कतार मां के दर्शन को लगी रहीं। जिले के रामनगर, मसौली, हैदरगढ़, रामसनेहीघाट, सुढ़ियामऊ, फतेहपुर, निंदूरा, सिद्धौर आदि स्थलाें पर भी मां की भक्ति में डूबे भक्त दरबार सजाने के साथ ही विभिन्न कार्यक्रमाें का आयोजन कर रहे हैं।
दो दिन रही द्वितीया
रविवार व सोमवार दोनों दिन मां के द्वितीय स्वरूप ब्रह्मचारिणी की पूजा अर्चना की गई। पं. वीरेंद्र व्यास शास्त्री ने बताया कि द्वितीया तिथि की वृद्धि होने के कारण द्वितीया दो दिन की है। नवरात्र के तीसरे दिन सोमवार को भी मां के दूसरे स्वरूप ब्रह्मचारिणी की पूजा-अर्चना की गई।