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Barabanki News: हड़ताल के अधिकार पर रोक के विरोध में प्रदर्शन
Tue, 25 Aug 2026 01:45 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Tue, 25 Aug 2026 01:45 AM IST
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फतेहपुर। अधिवक्ताओं ने सोमवार को बार काउंसिल ऑफ इंडिया के कथित मनमाने रवैये के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने राष्ट्रपति को संबोधित एक ज्ञापन उप जिलाधिकारी कार्तिकेय सिंह को सौंपा। ज्ञापन में धरना-प्रदर्शन और हड़ताल करने के अधिकार को बहाल रखने की मांग की गई।
दि बार एसोसिएशन अध्यक्ष प्रेम चंद्र पाल ने बताया कि करीब चार माह से अधिवक्ता संगठनों पर दबाव है। हड़ताल न करने के लिए अंडरटेकिंग भरने को कहा जा रहा है। इससे अधिवक्ताओं के मौलिक अधिकारों का हनन हो रहा है। उन्होंने छात्र, सरकारी कर्मचारी और किसान संगठनों का उदाहरण दिया। ये सभी अपनी मांगों के लिए धरना-प्रदर्शन और हड़ताल करते हैं। लेकिन अधिवक्ताओं पर इस तरह की पाबंदी लगाई जा रही है।
अधिवक्ता स्थानीय प्रशासनिक और न्यायिक समस्याओं से जूझते हैं। कई बार हड़ताल से ही उनका समाधान कराया जाता रहा है। हड़ताल पर रोक से समस्या उठाने का प्रभावी माध्यम सीमित होगा। अधिवक्ताओं ने राष्ट्रपति से समस्याओं के निदान की मांग की। उन्होंने लोकतांत्रिक तरीके से विरोध दर्ज कराने के अधिकार को समाप्त न करने को कहा। साथ ही, बार काउंसिल ऑफ इंडिया के अध्यक्ष को पद से हटाने की मांग की। एक नए अध्यक्ष का अविलंब चुनाव कराने की भी मांग की गई।
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दि बार एसोसिएशन अध्यक्ष प्रेम चंद्र पाल ने बताया कि करीब चार माह से अधिवक्ता संगठनों पर दबाव है। हड़ताल न करने के लिए अंडरटेकिंग भरने को कहा जा रहा है। इससे अधिवक्ताओं के मौलिक अधिकारों का हनन हो रहा है। उन्होंने छात्र, सरकारी कर्मचारी और किसान संगठनों का उदाहरण दिया। ये सभी अपनी मांगों के लिए धरना-प्रदर्शन और हड़ताल करते हैं। लेकिन अधिवक्ताओं पर इस तरह की पाबंदी लगाई जा रही है।
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अधिवक्ता स्थानीय प्रशासनिक और न्यायिक समस्याओं से जूझते हैं। कई बार हड़ताल से ही उनका समाधान कराया जाता रहा है। हड़ताल पर रोक से समस्या उठाने का प्रभावी माध्यम सीमित होगा। अधिवक्ताओं ने राष्ट्रपति से समस्याओं के निदान की मांग की। उन्होंने लोकतांत्रिक तरीके से विरोध दर्ज कराने के अधिकार को समाप्त न करने को कहा। साथ ही, बार काउंसिल ऑफ इंडिया के अध्यक्ष को पद से हटाने की मांग की। एक नए अध्यक्ष का अविलंब चुनाव कराने की भी मांग की गई।
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