{"_id":"6a8ca68b08e0dab41e08dec1","slug":"the-self-reliance-of-the-women-from-the-self-help-groups-will-be-reflected-in-banarasi-sarees-barabanki-news-c-315-1-brb1038-177792-2026-08-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"Barabanki News: बनारसी साड़ियों में दिखेगा समूह की दीदियों का स्वावलंबन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Barabanki News: बनारसी साड़ियों में दिखेगा समूह की दीदियों का स्वावलंबन
Tue, 25 Aug 2026 01:46 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Tue, 25 Aug 2026 01:46 AM IST
विज्ञापन
कोठी। जरूरत की दहलीज लांघकर अब ग्रामीण क्षेत्र की महिलाएं कारोबारी सोच के साथ सफलता का नया अध्याय लिखने जा रही है। सिद्धौर ब्लॉक में नई सड़क चौराहे पर जीवन धारा इंटीग्रेटेड फार्मिंग क्लस्टर के बैनर तले कुछ ऐसा ही ऐतिहासिक बदलाव आकार ले रहा है। बीडीओ पूजा सिंह की प्रेरणादायी सोच और बीएमएम सबा फातिमा की देखरेख में 15 स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं ने सकारात्मक सोच के दम पर अपनी तकदीर खुद बदलने की ठानी है। इसके तहत समूह की महिलाओं की ओर से संचालित बनारसी साड़ी शोरूम का शुभारंभ 27 को होने जा रहा है।
इस प्रोजेक्ट के लिए 4.50 लाख रुपये का कुल बजट तय किया गया है, जिसमें 15 समूहों ने 30-30 हजार रुपये का निवेश कर बनारस से सीधे नई डिजाइन की साड़ियां मंगाई हैं। शोरूम अस्पताल के ठीक समीप होने से साड़ियों के साथ-साथ महिलाओं को सैनिटरी पैड, मैक्सी और पेटीकोट जैसी आवश्यक वस्तुएं भी एक ही छत के नीचे उपलब्ध कराई जाएगी। शोरूम का संचालन पारदर्शी तरीके से करने के लिए एक अकाउंटेंट दीदी और दो सेल्स दीदियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। यहाँ से मिलने वाला सारा मुनाफा सभी 15 समूहों में बराबर-बराबर बांटा जाएगा। इस पूरी मुहिम को सफल बनाने के साथ समूह से जुड़ी महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने में सबा फातिमा, वसीम, गीता और रहमान का सराहनीय योगदान रहा है। (संवाद)
15 स्वयं सहायता समूहों ने दिखाई एकजुटता
ब्लॉक मिशन मैनेजर सबा फातिमा ने बताया कि इस मुहिम को सफलता की दहलीज तक लाने में बाला जी, साईं शक्ति, रोशनी, लक्ष्मी माता, भोले नाथ, जय काली माता, दादा सहान, मीरा दादा, ओम नमः शिवाय, ज्योति, ज्योति महिला, जय गणेश, टीका राम और आदर्श समूह सहित 15 समूहों की महिलाओं ने एकजुटता दिखाई है। पहले दीदियां समूह से मिलने वाले पैसे को खेती, बच्चों की पढ़ाई या छत डलवाने जैसी व्यक्तिगत जरूरतों में खर्च कर देती थीं। बीडीओ पूजा सिंह के निर्देशन में अब समूह से जुड़ी महिलाओं ने धरातल पर व्यावसायिक रूप से मजबूत बनने की ठानी है।
विज्ञापन
विज्ञापन
इस प्रोजेक्ट के लिए 4.50 लाख रुपये का कुल बजट तय किया गया है, जिसमें 15 समूहों ने 30-30 हजार रुपये का निवेश कर बनारस से सीधे नई डिजाइन की साड़ियां मंगाई हैं। शोरूम अस्पताल के ठीक समीप होने से साड़ियों के साथ-साथ महिलाओं को सैनिटरी पैड, मैक्सी और पेटीकोट जैसी आवश्यक वस्तुएं भी एक ही छत के नीचे उपलब्ध कराई जाएगी। शोरूम का संचालन पारदर्शी तरीके से करने के लिए एक अकाउंटेंट दीदी और दो सेल्स दीदियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। यहाँ से मिलने वाला सारा मुनाफा सभी 15 समूहों में बराबर-बराबर बांटा जाएगा। इस पूरी मुहिम को सफल बनाने के साथ समूह से जुड़ी महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने में सबा फातिमा, वसीम, गीता और रहमान का सराहनीय योगदान रहा है। (संवाद)
विज्ञापन
15 स्वयं सहायता समूहों ने दिखाई एकजुटता
ब्लॉक मिशन मैनेजर सबा फातिमा ने बताया कि इस मुहिम को सफलता की दहलीज तक लाने में बाला जी, साईं शक्ति, रोशनी, लक्ष्मी माता, भोले नाथ, जय काली माता, दादा सहान, मीरा दादा, ओम नमः शिवाय, ज्योति, ज्योति महिला, जय गणेश, टीका राम और आदर्श समूह सहित 15 समूहों की महिलाओं ने एकजुटता दिखाई है। पहले दीदियां समूह से मिलने वाले पैसे को खेती, बच्चों की पढ़ाई या छत डलवाने जैसी व्यक्तिगत जरूरतों में खर्च कर देती थीं। बीडीओ पूजा सिंह के निर्देशन में अब समूह से जुड़ी महिलाओं ने धरातल पर व्यावसायिक रूप से मजबूत बनने की ठानी है।
विज्ञापन