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इलाज में लापरवाही से गई प्रसूता की जान

Sun, 28 Aug 2016 11:23 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/बाराबंकी
अमर उजाला ब्यूरो/बाराबंकी Updated Sun, 28 Aug 2016 11:23 PM IST
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women killed negligence in treatment
Doctor
उपचार में लापरवाही की वजह से एक और प्रसव पीड़िता की जान चली गई। परिवारीजनों ने चिकित्सकों पर इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए मामले की शिकायत डीएम और सीएमओ से की है।
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परिवारीजनों ने बताया कि दो दिन पूर्व हालत गंभीर होने पर एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। रविवार की दोपहर में हालत गंभीर बताकर अस्पताल से लखनऊ के लिए रेफर कर दिया गया। जबकि अस्पताल प्रशासन ने उपचार के लिए जितना पैसा मांगा था वह भी दिया गया इसके बाद भी ढंग से इलाज नहीं किया गया। 
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कोठी क्षेत्र के पीरपुर निवासी लालजी वर्मा ने बताया कि पत्नी गीता (35) को प्रसव पीड़ा पर दो दिन पूर्व शहर स्थित शंकर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। चिकित्सकों ने कहा कि नार्मल डिलेवरी संभव नहीं है क्योंकि बच्चे के गले में फंदा पड़ा हुआ है इसलिए सीजर करना पड़ेगा। करीब 7 से 10 हजार रुपये का खर्च आएगा। अस्पताल के चिकित्सकों से कहा गया कि वह काफी गरीब है कुछ कम ज्यादा कर लीजिए तो 8 हजार रुपये पर बात तय हुई।
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लालजी ने बताया कि जितने रुपयों की मांग की गई, वह पूरा पैसा भी जमा कर दिया गया। लेकिन रविवार को हालत गंभीर होने की बात कहकर पत्नी को रेफर कर दिया गया। लालजी का आरोप है कि इलाज में चिकित्सकों ने पूरी तरह से लापरवाही बरती और जब स्थिति नियंत्रण से बाहर हो गई तो लखनऊ रेफर कर दिया।

परिवारीजन उपचार के लिए लखनऊ ले जा रहे थे कि रास्ते में चिनहट के निकट उसकी मौत हो गई। मृतका के पति ने बताया कि मामले की जानकारी डीएम और सीएमओ को दे दी गई है सोमवार को इसकी लिखित शिकायत भी की जाएगी। 

चिकित्सक ने नहीं बरती लापरवाही
प्रसव पीड़ा होने पर दो दिन पूर्व पीरपुर निवासी गीता को उसके पति ने भर्ती कराया था। शनिवार को एक यूनिट ब्लड भी चढ़ाया गया था। पीड़िता का उपचार डॉ. राकेश कुमार की देखरेख में चल रहा था। रविवार को दोपहर अचानक उसकी हालत बिगड़ गई और सांस फूलने लगी। स्थिति बिगड़ती जा रही थी। जिस पर उपचार के लिए लखनऊ रेफर किया गया था। इलाज में किसी चिकित्सक ने कोई लापरवाही नहीं बरती है। -उत्तम कुमार वर्मा, मैनेजर शंकर अस्पताल


शहर स्थित एक निजी अस्पताल में प्रसव पीड़िता के इलाज में लापरवाही बरते जाने से हुई मौत का मामला संज्ञान में आया है। लेकिन अभी तक इस मामले में कोई लिखित शिकायत नहीं मिली है। यदि लिखित शिकायत मिलती है तो जांच कराकर जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। -डॉ. डीआर सिंह, सीएमओ
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