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किसकी नजर लग गई हमारे सिद्धौर को
बाराबंकी/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 31 Aug 2015 12:00 AM IST
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लोगों का कहना है कि सद्भावना व भाई-चारे के साथ मिल-जुल कर रहने वाले इस कस्बे पर किस की नजर लग गई। घटना के दौरान हुई आगजनी व तोड़फोड़ में हजारों रुपये नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है, जबकि तीन दिनों से बाजार न खुलने से हर किसी को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
सिद्धौर कस्बा पहुंचते ही यहां के प्रसिद्ध सिद्धेश्वर मंदिर के पास राजेंद्र प्रसाद की मिठाई की दुकान लगी मिलती है। राजेंद्र ने बताया कि भइया रक्षाबंधन पर बिक्री के लिए हजारों रुपये की मिठाई बनाई थी पर बवाल होने के चलते एक पैसे की भी बिक्री नहीं हुई कहा अब तो सब सड़ने की कगार पर है।
यहां पर ही पान की दुकान खोले बैठे रामनाथ आपस में बात कर रहे थे कि सिद्धौर में हमेशा लोग एक दूसरे से घुल मिल कर रहे है पर पता नहीं इस बार क्या हो गया कि आपस में इस तरह का विवाद हो गया है।
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कस्बे के अंदर किराना की दुकान खोले मिले मोहम्मद साहिल का कहना है कि बवाल चंद लोगों की देन है और इसका खामियाजा हर किसी को भुगतना पड़ रहा है। कहा दो दिन बाद जब आज हालात सामान्य दिखे तो दुकान खोली है।
यहां के ही रहने वाले आरिफ कहते है कि हम लोग आपस में बातें कर विवाद को सुलझाने में लगे हैं। नागरिकों ने अपील की कि कोई भी अफवाह पर ध्यान न दे और एकता बनाए रखे आपस में भिड़ने से सिर्फ हम गरीबों का नुकसान ही होना है। राजनीति करने वालों की देन है कि आज यहां ऐसी स्थिति बनी है।
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सिद्धौर कस्बा पहुंचते ही यहां के प्रसिद्ध सिद्धेश्वर मंदिर के पास राजेंद्र प्रसाद की मिठाई की दुकान लगी मिलती है। राजेंद्र ने बताया कि भइया रक्षाबंधन पर बिक्री के लिए हजारों रुपये की मिठाई बनाई थी पर बवाल होने के चलते एक पैसे की भी बिक्री नहीं हुई कहा अब तो सब सड़ने की कगार पर है।
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यहां पर ही पान की दुकान खोले बैठे रामनाथ आपस में बात कर रहे थे कि सिद्धौर में हमेशा लोग एक दूसरे से घुल मिल कर रहे है पर पता नहीं इस बार क्या हो गया कि आपस में इस तरह का विवाद हो गया है।
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कस्बे के अंदर किराना की दुकान खोले मिले मोहम्मद साहिल का कहना है कि बवाल चंद लोगों की देन है और इसका खामियाजा हर किसी को भुगतना पड़ रहा है। कहा दो दिन बाद जब आज हालात सामान्य दिखे तो दुकान खोली है।
यहां के ही रहने वाले आरिफ कहते है कि हम लोग आपस में बातें कर विवाद को सुलझाने में लगे हैं। नागरिकों ने अपील की कि कोई भी अफवाह पर ध्यान न दे और एकता बनाए रखे आपस में भिड़ने से सिर्फ हम गरीबों का नुकसान ही होना है। राजनीति करने वालों की देन है कि आज यहां ऐसी स्थिति बनी है।