फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Barabanki News ›   Weeds shadow of officers houses

हादसे में मारे गए अफसरों के घरों में छाया मातम

Tue, 17 Nov 2015 11:29 PM IST
बाराबंकी/अमर उजाला ब्यूरो
बाराबंकी/अमर उजाला ब्यूरो Updated Tue, 17 Nov 2015 11:29 PM IST
विज्ञापन
पापा ने सुबह के समय घर से निकलते समय कहा था कि चुनाव का समय है रात में घर लौटते समय देर हो जाएगी लेकिन शायद भगवान को कुछ और ही मंजूर था, तभी तो हमारे पापा हमेशा के लिए हमसे दूर चले गए। पोस्टमार्टम हाउस में मृत रामपूजन की बेसुध बड़ी बेटी चिंकी के मुंह से बस यही निकल रहा था। इसी हादसे में मरने  वाले उदयराज के परिवारीजनों का भी यही हाल था।
विज्ञापन



मसौली के सहावपुर में सड़क हादसे का शिकार हुए रामपूजन वर्मा बहुत ही मिलनसार थे। वह जिला पंचायत में कार्य अधिकारी के पद पर तैनात थे। मलू रूप से सर्दिलपुर गांव थाना सम्मनपुर जिला अंबेडकरनगर के रहने वाले थे। वर्तमान में सेक्टर 11 इंदिरा नगर, लखनऊ में पत्नी और दो बेटियों के साथ रह रहे थे।
विज्ञापन



हादसे की सूचना मिलने पर रामपूजन वर्मा की बड़ी बेटी चिंकी अपनी मां, छोटी बहन और रिश्तेदारों के साथ बदहवास हालत में पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे। दोनों बेटियां रह-रहकर रोते हुए बस अपने पापा को ही तलाश रही थीं। इसके अलावा अन्य परिवारीजनों की हालत भी बदहवासों जैसी थी।
विज्ञापन
विज्ञापन



हादसे में घायल हुए जल निगम में जेई के पद तैनात लखनऊ निवासी आशीष त्रिवेदी ने बताया कि वह ललितादित्य से मंगलवार की सुबह पॉलेटेक्निक चौराहे के पास मिले थे। अन्य घायल संजय चौधरी ने कहा कि यहां पर ललितादित्य उदयराज के साथ अपनी कार से पहुंचे थे उसके बाद तीन लोग यहां आए और हम सब कार पर सवार होकर निकले थे। सबकी ड्यूटी भी रामनगर में सहायक निर्वाचन अधिकारी के पद पर लगाई गई थी।


ललितादित्य की कार से सभी पांचों अधिकारी मंगलवार को लखनऊ से रामनगर जाने के लिए निकले  थे। संजय ने कहा कि कार के सामने एक साइकिल सवार आ गया था जिसे बचाने का प्रयास किया गया तो सड़क पर पड़े बोल्डर में कार फंस गई और बगल में जा रही ट्रैक्टर ट्रॉली में टकराने के बाद सड़क किनारे जाकर पलट गई। इसी के बाद ट्रैक्टर व ट्रॉली भी पलट गई। संजय ने कहा कि यदि सड़क पर गिट्टी के बड़े-बड़े रोड़े न पड़े होते तो शायद यह हादसा न होता। कहा, सुबह के समय हंसी ठिठोली करते निकले हम सभी लोगों को यह नहीं पता था कि इसमें कई साथी आज के बाद कभी नहीं मिल सकेंगे।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed