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फिर तपने लगी दोपहर
अमर उजाला ब्यूरो/बाराबंकी
Updated Tue, 10 May 2016 11:31 PM IST
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बाराबंकीः भीषण गर्मी में छुट्टी के बाद छाता लगाकर घर जाते बच्चे।
- फोटो : अमर उजाला
चिलचिलाती धूप और गर्म हवा की तल्खी ने हर किसी को बेचैन कर दिया है। 42 के पार पहुंचे पारे ने लोगों के सामने मुश्किलें खड़ी कर दी हैं। तापमान बढ़ने से लोगों का घर से निकलना मुश्किल हो रहा है।
आलम यह है कि मुख्य बाजार में दोपहर के समय सन्नाटा पसर जाता है। सबसे ज्यादा परेशानी दोपहर स्कूल से घर लौट रहे बच्चों को हुई। वहीं दूसरी तरफ कड़क धूप के कारण किसानों को मेंथा की सिंचाई जल्दी-जल्दी करनी पड़ रही है।
चिलचिलाती धूप, तेज गर्म हवा ने लोगों को बेहाल कर दिया है। बढ़ती तपिश और उमस ने आम आदमी की दुश्वारी बढ़ा दी है। मंगलवार को सुबह से ही चल रही तेज हवा से राहत जरूर महसूस हुई लेकिन तेज धूप से लोग हलकान रहे।
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सूरज की तपिश शाम को भी बनी रही। बिजली की आवाजाही से लोग परेशान रहे। गर्मी के सख्त तेवर देख लोग बचाव के तरीके अपनाने लगे हैं। अपने नौनिहाल को आंचल से छिपाती मां हो या फिर तेज धूप से बचाव के लिए मुंह बांधे व छाते लगाए लोग।
गर्मी के चलते लोग घर में दुबके रहे। आलम यह है कि दोपहर में धनोखर, घंटाघर, नगरपालिका समेत मुख्य बाजार मेें सन्नाटा पसरा रहता है। बाहर निकलने वाले लोग गर्मी से बचने के लिए गमछा, छाता व कैप लगा कर निकले।
गर्मी से अकुलाए लोग कोल्डड्रिंक, लस्सी आदि का सहारा लेते दिखे। स्कूल से छुट्टी के बाद बच्चे आइसक्रीम व बर्फ खाते दिखाई दिए। उधर पारा बढ़ने के साथ ही किसानों की धड़कनें भी बढ़ने लगी हैं।
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आलम यह है कि मुख्य बाजार में दोपहर के समय सन्नाटा पसर जाता है। सबसे ज्यादा परेशानी दोपहर स्कूल से घर लौट रहे बच्चों को हुई। वहीं दूसरी तरफ कड़क धूप के कारण किसानों को मेंथा की सिंचाई जल्दी-जल्दी करनी पड़ रही है।
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चिलचिलाती धूप, तेज गर्म हवा ने लोगों को बेहाल कर दिया है। बढ़ती तपिश और उमस ने आम आदमी की दुश्वारी बढ़ा दी है। मंगलवार को सुबह से ही चल रही तेज हवा से राहत जरूर महसूस हुई लेकिन तेज धूप से लोग हलकान रहे।
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सूरज की तपिश शाम को भी बनी रही। बिजली की आवाजाही से लोग परेशान रहे। गर्मी के सख्त तेवर देख लोग बचाव के तरीके अपनाने लगे हैं। अपने नौनिहाल को आंचल से छिपाती मां हो या फिर तेज धूप से बचाव के लिए मुंह बांधे व छाते लगाए लोग।
गर्मी के चलते लोग घर में दुबके रहे। आलम यह है कि दोपहर में धनोखर, घंटाघर, नगरपालिका समेत मुख्य बाजार मेें सन्नाटा पसरा रहता है। बाहर निकलने वाले लोग गर्मी से बचने के लिए गमछा, छाता व कैप लगा कर निकले।
गर्मी से अकुलाए लोग कोल्डड्रिंक, लस्सी आदि का सहारा लेते दिखे। स्कूल से छुट्टी के बाद बच्चे आइसक्रीम व बर्फ खाते दिखाई दिए। उधर पारा बढ़ने के साथ ही किसानों की धड़कनें भी बढ़ने लगी हैं।