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Barabanki News: शारदा बैराज से छोड़ा पानी, कई इलाकों में खतरा बढ़ा

Sun, 24 Aug 2025 01:48 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी Updated Sun, 24 Aug 2025 01:48 AM IST
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Water released from Sharda Barrage, danger increased in many areas
बाराबंकी। नेपाल के पहाड़ी इलाकों में हो बारिश के साथ ही शारदा बैराज से छोड़े गए सवा तीन लाख क्यूसेक पानी ने एक बार फिर तटवर्तीय इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ा दिया है। शनिवार को जल स्तर खतरे के निशान 106.070 मीटर के मुकाबले 106.200 मीटर पर स्थिर रहा। रविवार तक बैराज से छोड़े गए पानी के जिले में आने से तीन तहसील क्षेत्रों के 92 गांवों में परेशानी बढ़ेगी। स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने तटवर्तीय इलाकों के लोगों के लिए अलर्ट जारी किया है।
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सिंचाई विभाग व जिला प्रशासन की संयुक्त टीम भी नदी के जलस्तर पर लगातार निगरानी बनाए हुए है। अधिशासी अभियंता बाढ़ कार्य खंड शशिकांत सिंह ने बताया कि नदी में बैराज से पानी छोड़े जाने के कारण रविवार को जलस्तर में बढ़ोत्तरी संभव है। इसके चलते ही तटवर्तीय इलाकों के गांवों में जल स्तर व कटान पर करीबी नजर रखी जा रही है।
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नदी में पानी बढ़ने से सिरौलीगौसपुर, रामसनेहीघाट व रामनगर तहसील क्षेत्र के करीब 92 गांव क्षेत्रों के बाढ़ प्रभावित होने की आशंका है। इनमें से तीन दर्जनों गांवों की दशा पहले से ही खराब है। यह गांव नदी और तटबंधों के मध्य स्थित हैं। जल स्तर खतरे के निशान से आधा मीटर ऊपर पहुंचते ही गांवों में पानी भरने लगता है। नदी का जलस्तर पिछले दिनों जल स्तर 106.560 मीटर तक पहुंच गया था। इससे रामनगर तहसील क्षेत्र के हेतमापुर के निकट एक दर्जन गांवों के लोग तटबंध पर आ गए थे। 40 परिवार अभी भी तटबंध पर ही गुजर बसर कर रहे हैं। जल स्तर बढ़ने से गांवों के अंदर पानी फिर भरेगा।
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कटान से नहीं मिल रही मुक्ति
कोटवाधाम। सिरौलीगौसपुर तहसील क्षेत्र के सनावा से टेपरा गांव के मध्य नदी की कटान में खेती लायक जमीन समा रही है। इससे किसान परेशान हैं। एक बार फिर जल स्तर बढ़ने की आहट से लोग सहमे हैं। नदी का पानी कहरान पुरवा गांव के करीब पहुंच गया है। कटान के कारण गांव निवासी रूपा देवी, चंद्रसेन, रेखा व मोती आदि की खेतिहर जमीन नदी में समा चुकी है। पीड़ितों का कहना है कि एक बार फिर पानी बढ़ा तो बची हुई जमीन भी कट जाएगी।

एक क्यूसेक में 28.315 लीटर पानी
बाढ़ कार्य खंड के अधिशासी अभियंता शशिकांत सिंह ने बताया कि एक फिट लंबे व एक फिट गहरे स्थान से एक सेकेंड में जितना पानी निकलता है, उसे ही एक क्यूसेक कहते हैं। एक क्यूसेक में 28.315 लीटर पानी होता है। बैराज पर एकत्रित होने वाले पानी की माप क्यूसेक में होती है।
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