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दूसरे दिन भी नहीं निकला पानी, मुश्किल में जिंदगानी

Sat, 02 Jul 2022 12:51 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sat, 02 Jul 2022 12:51 AM IST
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water logging
बाराबंकी। जिले की एकलौती नगर पालिका क्षेत्र में रहने वाले एक लाख से अधिक लोग बरसात के चार महीनों में नारकीय जीवन जीएंगे। क्योंकि, इस बार भी जलनिकासी के कोई इंतजाम नहीं किए गए हैं। जो नाले बने हैं उनमें कूड़ा भरा है। अधिकतर अतिक्रमण का शिकार हैं। नालियां जमींदोज हो गई हैं। हाल यह है कि बरसात शुरू होते ही शहर के लक्ष्मणपुरी, लखपेड़ाबाग, दशहराबाग, पीरबटावन, विजयनगर, नबीगंज आदि मोहल्लों में सड़कें तालाब बनी हैं। लोगों के घर का पानी रुक रहा है। नालियों का पानी बरसात के पानी में मिलकर भरा है।
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शहर के 29 वार्डों की आबादी करीब चार लाख है। पिछले दो-तीन साल में हुई बरसात के दौरान, कमरियाबाग, लक्ष्मणपुरी, लखपेड़ाबाग, दशहराबाग, पीरबटावन, विजयनगर, नबीगंज, गुलिस्तानेशेर, पल्हरी, बड़ेल, जगनेहटा, गोकुलनगर में जलभराव से लोग परेशान थे। जमुरिया नाले के किनारे बने घरों में पानी भर जाता है। इसे लेकर पिछले साल बड़े दावे किए गए थे। नगर पालिका बोर्ड की बैठक में जलनिकासी को लेकर हंगामा होता रहा मगर इस बरसात में भी हालात नहीं बदले। मकदूमपुर में सड़कों पर नाव चलने जैसा दृश्य है।
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लखपेड़ाबाग में कई सड़कों पर नाली का पानी भरा है। लक्ष्मणपुरी कॉलोनी में मुख्य सड़क शुक्रवार को भी तालाब बनी रही। कमरियाबाग में कई लोगों के घर के सामने पानी भरा है। ऐसे में साफ हो गया है कि इस बरसात में एक लाख से अधिक शहरवासी सीधे गंदगी, कीचड़ व जलभराव की भीषण समस्या से जूझेंगे। जबकि परेशानी तो पूरे शहर को होगी। सीमा विस्तार के बाद नगर पालिका क्षेत्र में शामिल हुए इलाकों में बाढ़ का माहौल है।
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जमुरिया किनारे अवैध निर्माण नहीं हो सके चिह्नित
शहर की जलनिकासी का प्रमुख साधन जमुरिया नाला है। शहर के बीच से गुजरा यह नाला हर बरसात में उफना जाता है। घरों में पानी भर जाता है। डूूबने का खतरा बढ़ जाता है। लेकिन अफसरशाही इस कदर संवेदनहीन है कि इस बरसात से पहले भी अवैध निर्माण चिह्नित नहीं हो सके। दरअसल, जमुरिया नाले के किनारे अवैध निर्माण चिह्नित करने को लेकर नगर पालिका ने बाढ़ खंड को पत्र लिखा था। बाढ़ खंड की रिपोर्ट के बाद नगर पालिका द्वारा अवैध निर्माण ढहाने की कार्रवाई शुरू होगी।

झाडू लगना मुश्किल, 10 पंपिंग सेट तैयार
बरसात से शहर के कई मोहल्लों में जलभराव व कीचड़ के कारण सफाई कर्मियों द्वारा झाड़ू भी नहीं लगाई जा सकेगी। मोहल्लों को डूबने से बचाने के लिए नगर पालिका द्वारा 10 पंपिंग सेट तैयार रखे गए हैं। ईओ पवन कुमार ने बताया कि, जिन मोहल्लों में नालियों का निर्माण नहीं हुआ है वहां खासी दिक्कत होगी। इसको लेकर तैयारियां चल रही हैं। जल्द ही समस्या को दूर कर लिया जाएगा।
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