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दिग्गजों को कड़ी टक्कर दे रहे नए उम्मीदवार
अमर उजाला ब्यूरो/बाराबंकी
Updated Sat, 11 Feb 2017 11:04 PM IST
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- फोटो : लाल सिंह
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मतदान की तारीख ज्यों ज्यों नजदीक आ रही है, मौसम की तरह राजनीति का पारा भी गरमाता जा रहा है। जिले की छह सीटों पर वैसे तो मैदान मारने के लिए 68 उम्मीदवार डटे हैं इनमें सपा, बसपा, भाजपा व कांग्रेस के अलावा छोटे दल भी चुनावी गणित अपने पाले में बिठाने की जुगत भिड़ा रहे हैं। पेश है विधानसभा क्षेत्रवार प्रत्याशियों की मौजूदगी का ब्यौरा-
कुर्सी
इस विधानसभा क्षेत्र में सपा, बसपा व भाजपा के उम्मीदवार दिन-रात एक किए हुए हैं। यहां से प्रदेश सरकार में मंत्री रहे फरीद महफूज किदवाई के सामने बसपा से वीपी सिंह व भाजपा के साकेंद्र वर्मा मतदाताओं में अपनी पैठ बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। यहां पर सपा से बगावत कर सरवर अली पीस पार्टी से मैदान में जीत हार का गणित बना-बिगाड़ सकते हैं।
रामनगर
इस विधानसभा क्षेत्र से सपा के कैबिनेट मंत्री अरविंद सिंह गोप के मुकाबले बसपा के हफीज भारती और भाजपा के शरद अवस्थी पहली बार मैदान में हैं उन्हें कड़ी टक्कर दे रहे हैं। यहां पर पूर्व विधायक रहीं राजलक्ष्मी वर्मा पीस पार्टी से यहां के परिणाम बदलने की कूबत रखती हैं। तराई के इस क्षेत्र में चुनावी शोरगुल काफी तेज है। ऊंट किस करवट बैठेगा यह कहना मुश्किल है पर यहां दिलचस्प मुकाबला जरूर दिखाई दे रहा है।
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बाराबंकी
यहां से सपा के विधायक धर्मराज यादव व बसपा प्रत्याशी सुरेंद्र वर्मा के बीच कांटे की टक्कर में पूर्व एमएलसी भाजपा प्रत्याशी हरगोबिंद सिंह भी अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज कराने में पीछे नहीं हैं। यहां पर मतदाताओं की चुप्पी तोड़ने के लिए कई दिग्गज नेताओं की सभाएं होनी हैं। मतदाता सिर्फ एक-दूसरे की टोह ले रहा है।
जैदपुर (सुरक्षित)
इस विधानसभा क्षेत्र से सपा बागी होकर चुनाव लड़ने पर निष्कासित किए गए रामगोपाल रावत के मैदान छोड़ने के बाद यहां पर कांग्रेस प्रत्याशी तनुज पुनिया बसपा की मीता गौतम और भाजपा के उपेंद्र रावत के बीच त्रिकोणीय लड़ाई में प्रत्याशी कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। जीत के लिए कांग्रेस प्रत्याशी के पिता पीएल पुनिया भी दिन रात जुटे हैं। मीता गौतम पहले विधायक रह चुकी हैं तो इंजीनियर तनुज पुनिया व उपेंद्र रावत पहली बार चुनाव मैदान में पहली बार सशक्त दावेदारी पेश की है।
दरियाबाद
यहां से अपने लिए अजेय दुर्ग समझने वाले सपा प्रत्याशी राजा राजीव कुमार छह बार से विधायक हैं। उनके सामने भाजपा और बसपा दोनों ने युवा चेहरे मैदान में उतारे हैं। भाजपा के सतीश शर्मा व बसपा के मुबस्सिर के खाते में अगर कोई उपलब्धि नहीं है तो कोई शिकायत नहीं है। राजा के सामने एंटी इन कम्बेंसिव के साथ-साथ युवाओं के आगे अपनी जीत का सिलसिला कायम रखने के लिए लंबी दौड़-भाग करनी पड़ रही है।
हैदरगढ़ (सुरक्षित)
इस विधानसभा क्षेत्र में यह पहला मौका है जहां तीन बड़ी पार्टियों बसपा, सपा और भाजपा के अलावा कोई उम्मीदवार नहीं है। यहां से सपा विधायक राममगन रावत एक बार फिर से मैदान में हैं। बसपा के पूर्व सांसद कमला प्रसाद रावत और भाजपा के पूर्व सांसद बैजनाथ रावत विधानसभा पहुंचने के लिए दिन-रात एक किए हुए हैं। यहां पर तीनों उम्मीदवार जिले के बड़े नेताओं में सुमार किए जाते हैं खासकर सजातीय वोटों पर पकड़ रखने वाले बताए जाते हैं।
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कुर्सी
इस विधानसभा क्षेत्र में सपा, बसपा व भाजपा के उम्मीदवार दिन-रात एक किए हुए हैं। यहां से प्रदेश सरकार में मंत्री रहे फरीद महफूज किदवाई के सामने बसपा से वीपी सिंह व भाजपा के साकेंद्र वर्मा मतदाताओं में अपनी पैठ बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। यहां पर सपा से बगावत कर सरवर अली पीस पार्टी से मैदान में जीत हार का गणित बना-बिगाड़ सकते हैं।
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रामनगर
इस विधानसभा क्षेत्र से सपा के कैबिनेट मंत्री अरविंद सिंह गोप के मुकाबले बसपा के हफीज भारती और भाजपा के शरद अवस्थी पहली बार मैदान में हैं उन्हें कड़ी टक्कर दे रहे हैं। यहां पर पूर्व विधायक रहीं राजलक्ष्मी वर्मा पीस पार्टी से यहां के परिणाम बदलने की कूबत रखती हैं। तराई के इस क्षेत्र में चुनावी शोरगुल काफी तेज है। ऊंट किस करवट बैठेगा यह कहना मुश्किल है पर यहां दिलचस्प मुकाबला जरूर दिखाई दे रहा है।
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बाराबंकी
यहां से सपा के विधायक धर्मराज यादव व बसपा प्रत्याशी सुरेंद्र वर्मा के बीच कांटे की टक्कर में पूर्व एमएलसी भाजपा प्रत्याशी हरगोबिंद सिंह भी अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज कराने में पीछे नहीं हैं। यहां पर मतदाताओं की चुप्पी तोड़ने के लिए कई दिग्गज नेताओं की सभाएं होनी हैं। मतदाता सिर्फ एक-दूसरे की टोह ले रहा है।
जैदपुर (सुरक्षित)
इस विधानसभा क्षेत्र से सपा बागी होकर चुनाव लड़ने पर निष्कासित किए गए रामगोपाल रावत के मैदान छोड़ने के बाद यहां पर कांग्रेस प्रत्याशी तनुज पुनिया बसपा की मीता गौतम और भाजपा के उपेंद्र रावत के बीच त्रिकोणीय लड़ाई में प्रत्याशी कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। जीत के लिए कांग्रेस प्रत्याशी के पिता पीएल पुनिया भी दिन रात जुटे हैं। मीता गौतम पहले विधायक रह चुकी हैं तो इंजीनियर तनुज पुनिया व उपेंद्र रावत पहली बार चुनाव मैदान में पहली बार सशक्त दावेदारी पेश की है।
दरियाबाद
यहां से अपने लिए अजेय दुर्ग समझने वाले सपा प्रत्याशी राजा राजीव कुमार छह बार से विधायक हैं। उनके सामने भाजपा और बसपा दोनों ने युवा चेहरे मैदान में उतारे हैं। भाजपा के सतीश शर्मा व बसपा के मुबस्सिर के खाते में अगर कोई उपलब्धि नहीं है तो कोई शिकायत नहीं है। राजा के सामने एंटी इन कम्बेंसिव के साथ-साथ युवाओं के आगे अपनी जीत का सिलसिला कायम रखने के लिए लंबी दौड़-भाग करनी पड़ रही है।
हैदरगढ़ (सुरक्षित)
इस विधानसभा क्षेत्र में यह पहला मौका है जहां तीन बड़ी पार्टियों बसपा, सपा और भाजपा के अलावा कोई उम्मीदवार नहीं है। यहां से सपा विधायक राममगन रावत एक बार फिर से मैदान में हैं। बसपा के पूर्व सांसद कमला प्रसाद रावत और भाजपा के पूर्व सांसद बैजनाथ रावत विधानसभा पहुंचने के लिए दिन-रात एक किए हुए हैं। यहां पर तीनों उम्मीदवार जिले के बड़े नेताओं में सुमार किए जाते हैं खासकर सजातीय वोटों पर पकड़ रखने वाले बताए जाते हैं।