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लक्ष्य पाना है तो प्रतिदिन 53 हजार को लगाना होगा टीका
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बाराबंकी। कोरोना की तीसरी लहर और कोविड के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन से वयस्कों और बच्चों को बचाने के लिए सभी का टीकाकरण अनिवार्य कर दिया है। शासन ने इसके लिए 15 जनवरी की तिथि निर्धारित की है। लक्ष्य को हासिल करना है तो विभाग को प्रतिदिन कम से कम 53 हजार को टीका लगाना होगा जो विभाग के लिए किसी चुनौती से कम नहीं है।
जिले में 18 प्लस वालों की संख्या करीब 22 लाख है। लेकिन इनमें से अभी तक महज 20 लाख लोगों को ही कोविड का टीका लग सका है। वहीं 15 से 18 आयु वर्ग के बच्चों की संख्या 2 लाख 35 लाख के आसपास है। लेकिन अभी तक 10 हजार बच्चों को ही टीके लगाया जा सका है।
इस तरह से देखा जाए तो जिले में अभी सवा चार लाख वयस्क और किशोरों को टीका लगाया जाना बाकी है। शासन ने इसके लिए 15 जनवरी तक समय सीमा निर्धारित कर दी है। इसमें दो दिन अवकाश के निकल जाएंगे और आठ दिन ही कार्य के बचेंगे। ऐसे में निर्धारित अवधि में सवा चार लाख लोगों को टीका लगा पाना संभव नहीं दिखाई दे रहा है।
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हालांकि विभाग का दावा है कि शासन स्तर से जो लक्ष्य निर्धारित किया गया है उसे वह निर्धारित अवधि के अंदर हर हाल में हासिल कर लेगा। इसके लिए प्रयास जारी हैं परंतु जिस तरह से कार्य हो रहा है उससे निर्धारित लक्ष्य को तय समय में हासिल कर पाना विभाग के लिए किसी चुनौती से कम नहीं होगा।
जबकि सीएमओ डॉ. रामजी वर्मा का कहना है कि विभाग निर्धारित अवधि तक सभी का टीकाकरण कर लेगा। इसके लिए पूरी तरह से प्रयास किए जा रहे हैं। इस संबंध में सीएचसी अधीक्षकों से लेकर गांवों में तैनात आशा और एएनएम का भी सहयोग लिया जा रहा है।
बूथों पर छाया रहता है सन्नाटा
कोविड का टीका लगवाने में कोई रुचि नहीं ले रहा है। किशोर से लेकर वयस्क तक टीका लगवाने के लिए बूथों पर जाने से कतरा रहे हैं। जबकि इसके लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसके बाद भी बूथों पर पूरे दिन सन्नाटा छाया रहता है। ऐसी दशा में निर्धारित समय में लक्ष्य को हासिल कर पाना आसान नहीं दिखाई दे रहा है। जबकि कोरोना का खतरा तेजी से बढ़ रहा है।
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जिले में 18 प्लस वालों की संख्या करीब 22 लाख है। लेकिन इनमें से अभी तक महज 20 लाख लोगों को ही कोविड का टीका लग सका है। वहीं 15 से 18 आयु वर्ग के बच्चों की संख्या 2 लाख 35 लाख के आसपास है। लेकिन अभी तक 10 हजार बच्चों को ही टीके लगाया जा सका है।
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इस तरह से देखा जाए तो जिले में अभी सवा चार लाख वयस्क और किशोरों को टीका लगाया जाना बाकी है। शासन ने इसके लिए 15 जनवरी तक समय सीमा निर्धारित कर दी है। इसमें दो दिन अवकाश के निकल जाएंगे और आठ दिन ही कार्य के बचेंगे। ऐसे में निर्धारित अवधि में सवा चार लाख लोगों को टीका लगा पाना संभव नहीं दिखाई दे रहा है।
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हालांकि विभाग का दावा है कि शासन स्तर से जो लक्ष्य निर्धारित किया गया है उसे वह निर्धारित अवधि के अंदर हर हाल में हासिल कर लेगा। इसके लिए प्रयास जारी हैं परंतु जिस तरह से कार्य हो रहा है उससे निर्धारित लक्ष्य को तय समय में हासिल कर पाना विभाग के लिए किसी चुनौती से कम नहीं होगा।
जबकि सीएमओ डॉ. रामजी वर्मा का कहना है कि विभाग निर्धारित अवधि तक सभी का टीकाकरण कर लेगा। इसके लिए पूरी तरह से प्रयास किए जा रहे हैं। इस संबंध में सीएचसी अधीक्षकों से लेकर गांवों में तैनात आशा और एएनएम का भी सहयोग लिया जा रहा है।
बूथों पर छाया रहता है सन्नाटा
कोविड का टीका लगवाने में कोई रुचि नहीं ले रहा है। किशोर से लेकर वयस्क तक टीका लगवाने के लिए बूथों पर जाने से कतरा रहे हैं। जबकि इसके लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसके बाद भी बूथों पर पूरे दिन सन्नाटा छाया रहता है। ऐसी दशा में निर्धारित समय में लक्ष्य को हासिल कर पाना आसान नहीं दिखाई दे रहा है। जबकि कोरोना का खतरा तेजी से बढ़ रहा है।