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Barabanki News: लेंस ने निकली कला, तस्वीरों में दिखी कहानी
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राज्य ललित कला अकादमी में लगी प्रदर्शनी
लखनऊ। राज्य ललित कला अकादमी की ओर से कैसरबाग स्थित लाल बारादरी परिसर में सोमवार को 19वीं अखिल भारतीय छायाचित्र कला प्रदर्शनी का शुभारंभ हुआ। देशभर के 167 छायाकारों के लेंस से निकली तस्वीरों में से चुने गए 37 पोर्टफोलियो के 228 छायाचित्रों में अलग-अलग विषयों और दृष्टिकोणों की झलक दिखी। प्रदर्शनी में पांच छायाकारों को उत्कृष्ट और विशेष पोर्टफोलियो पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
पश्चिम बंगाल के हुगली से आए हैप्पी मुखर्जी, लखनऊ के अजयेश जायसवाल और वाराणसी की कृष्णा सिंह को उत्कृष्ट पोर्टफोलियो पुरस्कार के तहत 20-20 हजार रुपये मिले। कोलकाता के अभिषेक बासक और इंदौर के प्रवीण रावत को विशेष पोर्टफोलियो पुरस्कार के तहत 10-10 हजार रुपये दिए गए। सभी को स्मृति चिह्न और प्रमाण पत्र भी प्रदान किए गए।
मुख्य अतिथि भारतेंदु नाट्य अकादमी के अध्यक्ष डॉ. रतिशंकर त्रिपाठी ने कहा कि छायांकन दस्तावेजीकरण का प्रमुख माध्यम है और रचनात्मकता जुड़ने पर यह कला का रूप ले लेता है। वरिष्ठ छायाकार सुबीर राय ने फोटोग्राफी को केवल तस्वीर नहीं, बल्कि छायाकार की दृष्टि और अभिव्यक्ति के रूप में देखने की बात कही।
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अकादमी के उपाध्यक्ष गिरीश चंद्र मिश्र ने बताया कि वर्ष 2001 से यह आयोजन लगातार हो रहा है। निदेशक अमित कुमार अग्निहोत्री के अनुसार प्रदर्शनी 10 अक्तूबर तक सुबह 10 से शाम पांच बजे तक खुली रहेगी। इस दौरान अध्यक्ष डॉ. सुनील कुमार विश्वकर्मा समेत छायाकार अनिल रिसाल सिंह, अविनाश चंद्र लिटिल, अतुल हुंडु, ललित कला क्षेत्रीय केंद्र के सचिव डॉ. देवेंद्र कुमार त्रिपाठी, पुनीत कात्यायन, विनीत कुमार पांडेय और डॉ. कुमुद सिंह व अनेक छायाकार और कलाकार माैजूद रहे।
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पश्चिम बंगाल के हुगली से आए हैप्पी मुखर्जी, लखनऊ के अजयेश जायसवाल और वाराणसी की कृष्णा सिंह को उत्कृष्ट पोर्टफोलियो पुरस्कार के तहत 20-20 हजार रुपये मिले। कोलकाता के अभिषेक बासक और इंदौर के प्रवीण रावत को विशेष पोर्टफोलियो पुरस्कार के तहत 10-10 हजार रुपये दिए गए। सभी को स्मृति चिह्न और प्रमाण पत्र भी प्रदान किए गए।
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मुख्य अतिथि भारतेंदु नाट्य अकादमी के अध्यक्ष डॉ. रतिशंकर त्रिपाठी ने कहा कि छायांकन दस्तावेजीकरण का प्रमुख माध्यम है और रचनात्मकता जुड़ने पर यह कला का रूप ले लेता है। वरिष्ठ छायाकार सुबीर राय ने फोटोग्राफी को केवल तस्वीर नहीं, बल्कि छायाकार की दृष्टि और अभिव्यक्ति के रूप में देखने की बात कही।
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अकादमी के उपाध्यक्ष गिरीश चंद्र मिश्र ने बताया कि वर्ष 2001 से यह आयोजन लगातार हो रहा है। निदेशक अमित कुमार अग्निहोत्री के अनुसार प्रदर्शनी 10 अक्तूबर तक सुबह 10 से शाम पांच बजे तक खुली रहेगी। इस दौरान अध्यक्ष डॉ. सुनील कुमार विश्वकर्मा समेत छायाकार अनिल रिसाल सिंह, अविनाश चंद्र लिटिल, अतुल हुंडु, ललित कला क्षेत्रीय केंद्र के सचिव डॉ. देवेंद्र कुमार त्रिपाठी, पुनीत कात्यायन, विनीत कुमार पांडेय और डॉ. कुमुद सिंह व अनेक छायाकार और कलाकार माैजूद रहे।

राज्य ललित कला अकादमी में लगी प्रदर्शनी

राज्य ललित कला अकादमी में लगी प्रदर्शनी